Author: gopalp

हमारे रिसर्चर की आश्चर्यजनक खोज, ज्यूपिटर प्लेनेट पर स्थित एक नए ब्लैक होल के बारे में और पृथ्वी से बाहर मानव जीवन बसाने में आने वाली कुछ अनजानी बड़ी समस्याओं के बारे में

सबसे पहले जिन आदरणीय पाठकों को नहीं पता है, उन्हें हम यह बताना चाहेंगे कि अमेरिका देश का अंतिरक्ष शोध संस्थान “नासा” (National Aeronautics and Space Administration; https://www.nasa.gov/), ज्यूपिटर प्लेनेट (यानी बृहस्पति ग्रह) के...

संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था ने अपने कार्यों के निस्तारण के लिए “स्वयं बनें गोपाल” समूह को “सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंसी” साइंटिफिक आर्गेनाइजेशन के तौर पर चुना

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा कि हमने लगभग 3 वर्ष पूर्व प्रकाशित आर्टिकल में बताया था कि “संयुक्त राष्ट्र संघ” के विश्व प्रसिद्ध उपक्रम “आई पी बी इ एस” (IPBES; The Intergovernmental...

“स्वयं बनें गोपाल” समूह की ऐसी आश्चर्यजनक खोज, जो पहले ही दिन से किसी भी शारीरिक रोग या सामाजिक समस्या में लाभ पहुँचाना शुरू कर सकती है

“स्वयं बनें गोपाल” समूह अत्यंत आभारी है अपने से जुड़े हुए सभी हाई क्लास रिसर्चर्स का, जो बिना कोई पारिश्रमिक लिए हुए वर्षों से, अत्यंत मेहनतपूर्वक ऐसे नए – नए उपायों की खोज में...

राष्ट्र भाषा हिंदी के प्रेमियों का सतत प्रयास हुआ कामयाब, पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ के बहुभाषावाद प्रस्ताव में हिंदी का उल्लेख

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, विश्व की तीसरी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा होने के बावजूद भी, हिन्दी भाषियों को वर्षों का इंतजार करना पड़ा इस सम्मान को पाने के लिए कि...

(भाग – 2) क्या आपको पता है कि, जैसे – जैसे आप अपनी प्राण ऊर्जा बढ़ाते जाएंगे, वैसे – वैसे एक्यूप्रेशर से आपकी और दूसरों की बिमारी में मिलने वाला लाभ भी आश्चर्यजनक रूप से बढ़ता जायेगा

कृपया इस आर्टिकल को पढ़ने से पहले, इस आर्टिकल के पहले भाग को पढ़ें इस लिंक पर क्लिक करें- (भाग – 1) क्या आपको पता है कि, जैसे – जैसे आप अपनी प्राण ऊर्जा...

(भाग – 1) क्या आपको पता है कि, जैसे – जैसे आप अपनी प्राण ऊर्जा बढ़ाते जाएंगे, वैसे – वैसे एक्यूप्रेशर से आपकी और दूसरों की बिमारी में मिलने वाला लाभ भी आश्चर्यजनक रूप से बढ़ता जायेगा

जैसा की आपने कई बार देखा होगा कि “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़े हुए रिसर्चर्स हमेशा इसी प्रयास में लगे रहते हैं कि वे ऐसी क्या बिल्कुल नई जानकारियों, अविष्कारों की खोज कर...

इससे पहले कि पानी की घनघोर किल्लत से आपको घर – शहर छोड़ना पड़ जाए, तुरंत लागू करवाईये इन 3 उपायों को अपने घर, कॉलोनी/मोहल्ले, शहर में

ये तो अब लगभग सभी को पता चल गया है कि ना केवल विश्व के बल्कि भारत के भी कई दर्जन महानगरों में जमीन के नीचे का पानी एकदम सूख चुका है (ZERO Level...

लिवर, आंत, ह्रदय, किडनी, मूत्रांग, ब्रेन, फेफड़ा, पैंक्रियाज, थायराइड, आँख, बाल, दांत, मसूढ़े, गर्दन, कान, पीठ, गुदा, घुटना, कमर, हड्डियां, त्वचा आदि को स्वस्थ करने के बेहद आसान व प्रभावी उपाय

किसी बिमारी की वजह से या एलोपैथिक दवाओं के लम्बे सेवन की वजह से शरीर के किसी अंग में कोई समस्या पैदा हो गयी हो तो निम्नलिखित नेचुरल तरीकों को आजमाने से कई बार...

अपार सफलता पाईये दिनचर्या के इन आसान कामों से सभी ग्रहों के अशुभ प्रभावों को समाप्त करके

सबसे पहले ये जानिये की आखिर ऋषियों – मुनियों ने ज्योतिष साइंस की खोज क्यों की थी ? वास्तव में जब ब्रह्मा जी ने हमारी सृष्टि का नया – नया निर्माण किया था तो...

क्या किसी मन्त्र के जप से प्रारब्ध को भी बदला जा सकता है

“स्वयं बनें गोपाल” समूह से अक्सर कई आस्तिक पाठक भी अपने मन में उठने वाली इस सामान्य शंका के बारें में पूछतें रहतें हैं कि उन्हें योग की भक्ति शाखा यानी भगवान की पूजा...

बीमारियों के लिए तुरंत पाईये ऑनलाइन/टेलीफोनिक सलाह, विश्वप्रसिद्ध “स्वयं बनें गोपाल” समूह के अनुभवी एक्सपर्ट्स द्वारा

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, विश्व के 188 देशों के 6041 शहरों में स्थित “स्वयं बनें गोपाल” समूह के आदरणीय पाठकों के प्रेम व आशीर्वाद से, “स्वयं बनें गोपाल” समूह शुरू कर रहा...

जानिये कैसे, आँख के इलाज से ही मुफ्त में ठीक हो गया घुटना और कमर भी

वास्तव में “स्वयं बनें गोपाल” समूह के हर एक आर्टिकल के पीछे, इससे जुड़े स्वयं सेवकों का कितना हार्ड रिसर्च वर्क छिपा हुआ रहता है, इसका पता तब चलता है जब इसमें दी गयी...

सभी वास्तुदोषों को बेहद जल्दी समाप्त करके, घर को ही महाशुभदायक तीर्थ बनाने का एक सबसे आसान तरीका

हमारा घर चाहे छोटा, पुराना या टूटा – फूटा ही क्यों ना हो लेकिन यह तो सभी ने महसूस किया होगा कि हमारा घर ही दुनिया का वो कोना होता है जहाँ पहुंच कर...

क्या कुछ घंटे की “पूर्व जन्म चिकित्सा” से सभी कठिन रोगों व सामाजिक समस्याओं से हमेशा के लिए मुक्ति पायी जा सकती है

जैसा की विदित है कि “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़े हुए मेहनती रिसर्चर्स (शोधकर्ता) हमेशा ऐसे नए – नए आसान उपायों की खोज में लगे रहतें हैं जिनसे अधिक से अधिक आम जनमानस...

अधूरी कल्पना

{निम्नलिखित कवितायें मूर्धन्य लेखिका श्रीमती उषा त्रिपाठी जी द्वारा रचित हैं जिनकी कई पुस्तकें (जैसे- नागफनी, अँधा मोह, सिंदूरी बादल, सांध्य दीप, पिंजरे का पंक्षी, कल्पना आदि) प्रकाशित हो चुकीं हैं ! श्रीमती उषा...

संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था द्वारा दुनिया को “संयुक्त परिवार” का महत्व समझाने वाले कार्यक्रम में भी पार्टिसिपेट किया हमारे स्वयं सेवक ने

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा की आप सभी लोगों ने देखा होगा कि “स्वयं बनें गोपाल” समूह ने अपने वर्षों की अथक मेहनत युक्त रिसर्च कार्यों से हमेशा से उन कठिन कारणों...