आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा की हमने पूर्व के आर्टिकल्स में बताया है कि पर्यावरण सरंक्षण जैसी सबसे कठिन समस्या का पूर्ण निस्तारण तभी सम्भव है, जब पर्यावरण
आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, वास्तव में, पर्यावरण सरंक्षण जैसी सबसे कठिन समस्या का पूर्ण निस्तारण तभी सम्भव है, जब पर्यावरण के सबसे अहम भाग यानी खेती में केमिकल्स
आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा की हमने अपने 3 वर्ष पूर्व प्रकाशित आर्टिकल में बताया था की यूनेस्को के सामुद्रिक उपक्रम “ओशन एक्सपर्ट” (Ocean Expert) ने भी “स्वयं
आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2026 को, “अंतर्राष्ट्रीय चारागाह और पशुपालक वर्ष” (International Year of Rangelands and Pastoralists – IYRP) घोषित किया है !
आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, वास्तव में समुद्रों का सरंक्षण दुनिया की सबसे ज्वलंत समस्याओं में से एक है और पृथ्वी पर स्थित जीवों का जीवनचक्र सुगमता पूर्वक चलते
आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, संयुक्त राष्ट्र संघ के 193 देशों द्वारा, पूरी पृथ्वी के पर्यावरण सरंक्षण के लिए ली गयी प्रतिबद्धता यानी “टेन वाई. एफ. पी.” (10YFP) को
{निम्नलिखित 4 कवितायें मूर्धन्य लेखिका श्रीमती उषा त्रिपाठी जी द्वारा रचित हैं जिनकी कई पुस्तकें (जैसे- नागफनी, अँधा मोह, सिंदूरी बादल, सांध्य दीप, पिंजरे का पंक्षी, कल्पना आदि) प्रकाशित हो
आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम, जैसा की सभी को पता है कि संयुक्त राष्ट्र संघ लगातार प्रयास कर रहा है पूरे विश्व के पारिस्थितिकी तंत्र का फिर से कायाकल्प
सर्वप्रथम सभी आदरणीय पाठकों को “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” (International Yoga Day) की हार्दिक शुभकामनाएं ! आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर, सभी लोग बातें कर रहें हैं योग, आसन, प्राणायाम आदि
जैसा कि हमने अपने इस पूर्व प्रकाशित आर्टिकल (कैसे यूरोपियन यूनियन द्वारा पोषित संस्था की रिपोर्ट में लिखा “स्वयं बनें गोपाल” समूह का नाम, माध्यम बना, बंजर जमीन में सब्जियाँ
वैसे तो पूरी दुनिया की हर सभ्यता में, कई प्राचीन चिकित्सा प्रणालियों से संबंधित अनगिनत जानकारियां मिलती हैं, लेकिन बार – बार तजवीज़ करने के बाद भी हमेशा यही निष्कर्ष