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treatment in hindi diagnosis ayurveda herbal yoga pranayama asana jadi buti naturopathy medicines causes symptoms hiv 1 2 spread cure prevention yogasana veda mantra tantra yantra“स्वयं बनें गोपाल” संस्थान सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त, एक स्वयं सेवक समूह (N.G.O.) है जिसका मुख्य कार्यालय भारतवर्ष के उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी लखनऊ में स्थित है !

तथा “स्वयं बनें गोपाल” संस्था का प्रोफाइल (organizational profile) “संयुक्त राष्ट्र संघ” के आर्थिक व सामाजिक विभाग के सिविल सोसाइटी सिस्टम {United Nations Department of Economic and Social Affairs (ESA) Civil Society System} द्वारा भी स्वीकृत हो चुका है !

वास्तव में “स्वयं बनें गोपाल” संस्था एक सामूहिक प्रयास है, मानवता पूर्ण व नैतिक विचारों के अधिक से अधिक प्रचार प्रसार के लिए, जिससे पूरी मानव जाति का चहुँमुखी विकास सुनिश्चित हो सके !

जैसे “श्री गोपाल” का पूरा जीवन दूसरों के दुःख हरने में बीता उसी तरह, उन्ही परम आदरणीय श्री गोपाल के सर्व हित व सर्व सेवा के आदर्शों को अपना परम लक्ष्य मानते हुए, “स्वयं बनें गोपाल” समूह का भी यही पूर्ण प्रयास रहता है कि कैसे इस निराशा व दुर्वासनाओं से पीड़ित समाज को शांत, सौम्य और सुखी बनाने में अधिक से अधिक सहायक हो सके !

संक्षेपतः “स्वयं बनें गोपाल” ऐसे ही उत्साही और मेहनती लोगो का समूह है जो अपने स्टेटस और क्वालिफिकेशन को तब तक हाई नहीं, व्यर्थ मानते है जब तक उनकी पढ़ाई, उनका बिज़नेस किसी भूखे के पेट में खाना ना डाल सके या निरीह जीवो की सेवा ना कर सके !

ऐसे काम करने से तुरंत अपने मन में सुख मिलता है इसलिए हर अच्छा आदमी अपनी जिंदगी में ऐसे अच्छे काम जरूर करना चाहता है पर वास्तविकता में रोजमर्रा के कामो में ही उलझ कर आदमी की जिंदगी का एक एक दिन बहुत तेजी से बीतता चला जाता है और अन्त समय अपनी मृत्यु शय्या पर सोच – सोच कर दुखी होता है कि उसने एक मानव शरीर पाकर भी सिर्फ जानवरो की तरह अपना पूरा जीवन अपने और अपने परिवार के खाना, पीना, बच्चे पैदा करना और घर सजाने में ही बिता दिया !

पर उस समय दुखी होने से कोई लाभ नहीं होता क्योकि जीवन के दीपक में तेल ख़त्म हो चुका होता है !

treatment in hindi diagnosis ayurveda herbal yoga pranayama asana jadi buti naturopathy medicines causes symptoms hiv 1 2 spread cure prevention yogasana veda mantra tantra yantraनिष्कर्षतः “स्वयं बनें गोपाल” उन्ही दूरदर्शी लोगो का समूह है जो अपनी मृत्यु शय्या पर विलाप नहीं हर्षित होना चाहते है कि, हाँ, हमने अपना जीवन सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दूसरो के लिए भी जीया है !

आज के समय में निरीह, गरीब, परेशान बहुत हैं लेकिन उनकी मदद करने वाले बहुत ही थोड़े से ! अतः सर्वत्र फैली हुई ऐसी हृदय विदारक स्थिति में “स्वयं बनें गोपाल” समूह पूरे आदर के साथ अनुरोध और आवाहन करता है, विश्व के सभी नागरिकों से कि, वे अपने अंदर के “गोपाल” को जगायें और, “स्वयं बनें गोपाल” !

“गोपाल” वो होता जिसका अपनी “गो” अर्थात “इन्द्रियों” (अर्थात गलत सांसारिक सुख, भोग, वासना की इच्छाओं) पर नियन्त्रण होता है और ऐसा ही आत्म संयमी मानव, बिना अपने किसी निजी स्वार्थ के, सिर्फ दूसरों की भलाई के लिए आखिरी हद तक जा सकता है !

“गोपाल” वो भी होता जो “गो” (अर्थात भारतीय देशी गाय माता) को साक्षात देवी का रूप मानकर, बड़े आदर से उनका पालन पोषण करता है क्योकि सारे वेद पुराण में गाय माता का दर्जा भगवान के ही समकक्ष ही बताया गया है !

indian cow urine krishna gomata radha braj vrindavan gomutra गोमूत्र भारतीय देशी गाय माता की नस्लइसलिए गाय माता को पूरे विश्व की माता (अर्थात “जगत माता”) बताते हुए कहा गया है कि अकेले गोबर व गोमूत्र (Indian Desi breeds cow Gomutra or urine and Dung) के प्रयोग से ही खेती की पैदावार इतनी ज्यादा निश्चित बढ़ाई जा सकती है कि पूरे विश्व में कभी भी, किसी भी प्राणी को भूख की असहनीय अग्नि में जलने की नौबत ही ना आने पाए और साथ ही साथ शुद्ध देशी नस्ल की गाय माता का दूध व मूत्र (Cow milk & Gomutr) लगभग हर बिमारी में बहुत ही फायदा है !

अतः “स्वयं बनें गोपाल” अति विनम्रता के साथ बारम्बार, सबसे यही निवेदन करता है कि एक सच्चे “गोपाल” (अर्थात एक इन्द्रिय संयमी मानव) के आदर्शो को अपने जीवन में सतत उतारने का प्रयास करें और नित्य “श्री गोपाल” (अर्थात भगवान कृष्ण) के चरणो में यह हृदय से निवेदन भी करें कि हम सभी की बुद्धि एक सेकेण्ड के लिए भी भ्रष्ट ना होने पाए, जिससे जो पूरे विश्व में जहां कहीं भी है, वो वहीँ पर रहकर अधिक से अधिक परपीड़ा शमनार्थ निरन्तर प्रयास करता रहे और साथ ही साथ पूरे मानव जगत से भुखमरी व बिमारी के स्थायी निदान के लिए अति आवश्यक “जगत माता” स्वरुप गाय माता की भुला दी गयी दिव्य महिमा के पुनरुत्थान में सहायक भी हो सके !

अतः यदि आपका मन भी निसहाय, लाचार और निराश्रित लोगों को देख व्यथित व बेचैन हो उठता है तो कृपया आप हमारे इस पवित्र प्रयास से अवश्य जुड़े !

“स्वयं बनें गोपाल” संस्था के बारे में और विस्तार से जानने के लिए कृपया इस वेबसाइट के आर्टिकल्स को पढ़ें ! वैसे गूगल एनलिटिक्स के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में (अर्थात दिनांक 03 May 2019 तक) “स्वयं बनें गोपाल” समूह की इस वेबसाइट के पाठकों की संख्या विश्व के 174 देशों तक में फ़ैल चुकी है, जबकि पिछले साल तक यह 169 देशों तक में थी और अगर शहरों की बात करें तो यह पिछले साल के 4311 शहरों के आंकड़े से बढ़कर 4601 तक पहुँच गयी है !

treatment in hindi diagnosis ayurveda herbal yoga pranayama asana jadi buti naturopathy medicines causes symptoms hiv 1 2 spread cure prevention yogasana veda mantra tantra yantraइन शहरों में विश्व के सभी बड़े शहरों (जैसे – वाशिंगटन, अबू धाबी, मास्को, सैन फ्रांसिस्को, मियामी, दुबई, लॉस एंजिलिस, बैंकाक, इस्तांबुल, न्यूयॉर्क, जेद्दाह, सिडनी, दोहा, औस्टिन, जोहान्सबर्ग, लन्दन, शिकागो, मस्कट, बीजिंग, ह्यूस्टन, नैरोबी, बोस्टन, शारजाह, अटलांटा, सिंगापुर, डरहम, फिलाडेल्फिया, टोरंटो, ब्रिस्बेन, हॉन्ग कॉन्ग, पर्थ, बर्लिन, ऑक्लैण्ड, रोम, पेरिस, डबलिन, शंघाई, मिलान, सिओल, कंसास सिटी, सेंट पीटर्सबर्ग, कैम्ब्रिज, बेवर्ली हिल्स, कोलंबिया, म्यूनिख, मक्का, होनोलुलू, नई दिल्ली, वेनकुअर, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ आदि आदि) से लेकर छोटे शहरों (जैसे- भागलपुर, समस्तीपुर, रतलाम, कोल्हापुर, बलिया, लुधियाना आदि आदि) तक “स्वयं बनें गोपाल” समूह के पाठक गण मौजूद हैं !

इस वेबसाइट पर विभिन्न सर्च इंजन्स (जैसे गूगल, बिंग आदि) से पहुचने वाले, लाखों नए पाठकों के अतिरिक्त फेसबुक सोशल मीडिया से जुड़ने वाले आदरणीय मित्रों की संख्या भी 2,75,000 से अधिक हो चुकी है (नोट- अगर आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह की वेबसाइट के नियमित पाठक हैं लेकिन इसके फेसबुक पेज से नहीं जुड़े हैं, तो कृपया अभी जुड़ें) !

वर्तमान में “स्वयं बनें गोपाल” की वेबसाइट में विभिन्न जीवनोपयोगी महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित 1000 से भी अधिक आर्टिकल्स प्रकाशित हैं ! अभी “स्वयं बनें गोपाल” समूह के अधिकाँश लेख हिंदी भाषा में प्रकाशित हैं और कुछ ही आर्टिकल्स इंग्लिश भाषा में प्रकाशित हैं लेकिन भविष्य में हम सभी लेखों को इंग्लिश के साथ – साथ, फ्रेंच व स्पेनिश भाषा (French & Spanish languages) में भी प्रकाशित करेंगे !

इस वेबसाइट के आर्टिकल्स में वर्णित जानकारियां इतनी ज्यादा सत्य व फायदेमंद होतीं हैं कि कई विशिष्ट व उच्च हस्तियाँ अक्सर इस वेबसाइट में वर्णित जानकारियों का रेफ़रन्स देतें रहतें हैं {जैसे- 2016 में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित पुस्तक “योग शिक्षा” के प्रकाशन में, भारत के जिन प्रसिद्ध योग संस्थानों/प्रयासों (जिनमें- श्री श्री रवि शंकर का आर्ट ऑफ़ लिविंग, श्री बी.के. एस. अयंगर का इलस्ट्रेटेड लाइट ऑन योगा, श्री जग्गी वासुदेव का ईशा योग आदि सम्मिलित हैं) द्वारा योग सामग्री प्राप्त की गयी है उनमें “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान का भी नाम है ! इस पुस्तक का ऑन लाइन वर्जन पढ़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://rmsahimachal.nic.in/Docs/Final%20Yoga%20Module%2021-11-2016.pdf} !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी (Mr. Parimal Parashar) “संयुक्त राष्ट्र संघ” के विश्वव्यापी उपक्रम “आई पी बी इ एस” (IPBES; The Intergovernmental Science-Policy Platform on Biodiversity and Ecosystem Services) के “स्टेक होल्डर” (Stake Holder) हैं ! विस्तृत जानकारी के लिए कृपया देखें- https://www.ipbes.net/users/parimal-parashar) !

तथा “स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) “एल ई डी एस जी पी” संगठन (LEDS GP; Low Emission Development Strategies Global Partnership; http://ledsgp.org/) के मेम्बर भी हैं ! विश्व के कई देशों की सरकार व विश्व व्यापी संस्थाएं भी इस “एल ई डी एस जी पी” संगठन की “मेम्बर” हैं, जैसे- यू एस डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट (US Department of State), यू के मिनिस्टरी ऑफ़ एनवायरनमेंट (UK Ministry of Environment), ऑस्ट्रेलिया डिपार्टमेंट ऑफ़ क्लाइमेट चेंज (Australia Department of Climate Change), कोलंबिया मिनिस्टरी ऑफ़ एनवायरनमेंट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट (Colombia Ministry of Environment and Sustainable Development), जर्मन फ़ेडरल मिनिस्टरी फॉर द एनवायरनमेंट (German Federal Ministry for the Environment), इजराइल मिनिस्टरी ऑफ़ एनवायर्नमेंटल प्रोटेक्शन (Israel Ministry of Environmental Protection), नोर्विजियन मिनिस्टरी ऑफ़ एनवायरनमेंट (Norwegian Ministry of Environment), वर्ल्ड बैंक (World Bank), अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक (African Development Bank), यू एन डेवलपमेंट प्रोग्राम (UN Development Programme), यू एन एनवायरनमेंट प्रोग्राम (UN Environment Programme) आदि !

जल के सरंक्षण से सम्बन्धित “स्वयं बनें गोपाल” समूह के कार्य विश्वप्रसिद्ध “वाटर एक्शन हब” (Water Action Hub) नाम के उपक्रम की वेबसाइट पर भी प्रकाशित है ! “वाटर एक्शन हब” का निर्माण “सी इ ओ वाटर मैंडेट” द्वारा हुआ है जो कि “संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कॉम्पैक्ट” {United Nations Global Compact (CEO Water Mandate)} का उपक्रम है ! अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें- https://wateractionhub.org/organizations/741/d/svyam-bane-gopal/ !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) “एशियन डेवलपमेंट बैंक” के सलाहकार (Consultant) भी हैं और “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान भी “एशियन डेवलपमेंट बैंक” (www.adb.org) से सलाहकार समिति (Consulting Firm) के तौर पर जुड़ा हुआ है ! “एशियन डेवलपमेंट बैंक” लगभग 60 साल पुराना बैंक है जिससे भारत समेत 68 अन्य देशों की सरकार सदस्य (Member) के तौर पर जुड़ी हुई हैं और इस बैंक ने पिछले वर्ष (2018) में लगभग 35 बिलियन यू एस डॉलर (अर्थात 2 लाख करोड़ रूपये) के विभिन्न कार्यों का एशिया के विभिन्न देशों में संपादन किया था !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह का ऑर्गेनाईजेशनल प्रोफाइल “संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कॉम्पैक्ट” (United Nations Global Compact) में भी स्वीकृत हो चुका है ! अधिक जानकारी के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- http://unglobalcompact.org/participant/136349 !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) “सी आई वी आई सी यू एस” (www.civicus.org) संगठन के मेम्बर (सदस्य) हैं ! यह संगठन पूरे विश्व के सिविल सोसाइटीज व वालंटियर्स (स्वयं सेवी संस्थाओं व स्वयं सेवकों) का 25 वर्षों से भी ज्यादा पुराना संगठन है ! इस संगठन की हेड ऑफिस जोहान्सबर्ग में स्थित है और 175 देशों में स्थित वे प्रसिद्द संस्थाएं व स्वयं सेवक इसके मेंबर्स (सदस्य) हैं जो अपने अद्भुत सेवा कार्यो के लिए प्रसिद्द हैं !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के पर्यावरण से सम्बन्धित प्रोजेक्ट “सेव आवर प्लेनेट (Save Our Planet)” के कार्यों से प्रभावित होकर “संयुक्त राष्ट्र संघ” के पर्यावरणीय विभाग (United Nations Environment) द्वारा, हमारे प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) को “वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे हीरो” (World Environment Day Hero, of 2019) चुना गया था ! हमारा यह प्रोजेक्ट संयुक्त राष्ट्र संघ की इस वेबसाइट में वर्णित भी है – www.worldenvironmentday.global !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) “संयुक्त राष्ट्र संघ” की कई देशों में होने वाली कांफ्रेंस व मीटिंग्स में सम्मिलित होने के लिए रजिस्टर्ड हो चुकें हैं !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के सेवा कार्यों की, कई विश्व स्तरीय संस्थाओं के विभागों (जिसमें से कई “संयुक्त राष्ट्र संघ” के हैं) ने सराहना की है, जैसे- “वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन” (World Trade Organization; www.wto.org) के “इनफार्मेशन एंड एक्सटर्नल रिलेशन्स विभाग” (Information and External Relations Division) द्वारा, “द बी टीम” (THE B TEAM; http://www.bteam.org) के “ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट” द्वारा, “यू एन ऍफ़ सी सी सी” (United Nations Framework Convention on Climate Change; www.unfccc.int) के “रिसोर्स मोबलाईजेशन एंड पार्टनरशिप टीम” द्वारा, “डब्ल्यू डब्ल्यू ऍफ़” (WWF; World Wildlife Fund; https://www.worldwildlife.org) द्वारा, “फ़ूड एंड एग्रीकल्चरल आर्गेनाइजेशन” (Food And Agriculture Organization; www.fao.org) के “सिविल सोसाइटी टीम” (Civil Society Team) द्वारा, “ह्यूमन सिक्यूरिटी यूनिट” (HUMAN SECURITY UNIT; https://www.un.org/humansecurity/human-security-unit/), “यूनोप्स” (UNOPS; United Nations Office for Project Services; www.unops.org) के “एथिक्स एंड कंप्लायंस ऑफिसर” (Ethics and Compliance Officer) द्वारा, “यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल कॉम्पैक्ट” (“United Nations Global Compact” ; www.unglobalcompact.org) द्वारा, “यूनाइटेड नेशंस एनवायरनमेंट” ( www.worldenvironmentday.global) द्वारा आदि (कृपया विस्तृत जानकारी के लिये, “स्वयं बनें गोपाल” समूह के लेखो को पढ़ें) !

अंततः “स्वयं बनें गोपाल” समूह पूरे विश्व से सादर प्रार्थना करता है योग के साथ साथ पूरी तरह से शाकाहार अपनाने की, क्योंकि शाकाहार ही सदाचार की वो प्रथम सीढ़ी है जिससे हृदय में एक स्थायी प्रसन्नता का अवतरण संभव हो पाता है और यही स्थायी प्रसन्नता ही सभी तरह की उदिग्नता को शांत कर सभी अपराधिक मानसिक प्रवृत्तियों का नाश कर सकती है ताकि एक सौ प्रतिशत अपराध मुक्त समाज का निर्माण संभव हो सके !

जिसका एक बड़ा उदाहरण यह भी है कि चाहे कितना भी बड़ा अपराधी क्यों ना हो, अगर उसे नियमित रूप से लम्बे समय तक सात्विक खाना (जैसे- दाल, चावल, रोटी, सब्जी, देशी घी आदि) खिलाया जाए और नियमित योग भी कराया जाए तो यह असम्भव है कि वह भविष्य में कोई दुर्दान्त अपराध कर पाने की हिम्मत जुटा सके क्योंकि योग व शाकाहार के सम्मिलित अभ्यास से आत्मिक बल इतना ज्यादा मजबूत हो जाता है कि व्यक्ति कभी भी गलत रास्ते पर जा ही नहीं सकता जबकि वहीँ दूसरी तरफ किसी शांत सज्जन आदमी को भी अगर रोज तामसिक खाना (जैसे मांस, मछली, अंडा, शराब, बियर आदि) नियमित खिलाया जाए तो बहुत संभव है कि वह सज्जन व्यक्ति भी, कभी भी जाने अनजाने कोई ऐसा जघन्य पाप (जैसे- हत्या, बुरी तरह मारपीट करना, बलात्कार आदि) कर दे जो वो पहले कभी सोच भी नहीं सकता था ! इसलिए परम आदरणीय हिन्दू धर्म का यह कथन “जैसा अन्न वैसा मन” एकदम सही है !

इसके अतिरिक्त निर्दोष जानवरों की जब हत्या होती है तो उनके दिल से भयंकर श्राप निकलता है जो उन्हें मारने वाले कसाईयों और उनकी लाशों के मांस खाने वाले लोगों दोनों का लगता है जिसकी वजह से ऐसे लोगों की जिंदगी में आये दिन ऐसी समस्याएं (जैसे कठिन बीमारियाँ, एक्सीडेंट, कर्जा, गरीबी, अपमान आदि किसी भी रूप में) पैदा होती रहतीं हैं जों उन्हें खून के आंसू रुलाती हैं ! जबकि शाकाहारी के जीवन में, किसी मांसाहारी की तुलना में बहुत ज्यादा सुख शान्ति प्रसन्नता निश्चित तौर पर बनी रहती है ! इसलिए मांसाहार करना तुरंत छोड़ देना चाहिए !

खुद भी शाकाहार करिए और दूसरों को भी शाकाहार अपनाने के लिए प्रेरित करिए क्योंकि अगर आपकी प्रेरणा से कभी किसी एक निर्दोष जानवर की हत्या होने से बच गयी तो इसका महा पुण्य आपको जरूर मिलेगा जो आपके इस लोक व परलोक में बहुत काम आएगा !

(नोट- अगर मांस, मछली या अंडा आदि खाने का बार बार मन करता हो तो कृपया नीचे दिए गए आर्टिकल के लिंक को क्लिक कर पढ़ें और उसमें बताये गए बेहद आसान तरीके को मात्र 5 मिनट सुबह व रात में करने से, ना केवल मांस खाने की आदत बल्कि अन्य सभी तरह की बुरी आदतों से मात्र 40 दिनों में ही छुटकारा निश्चित मिलने लगता है और साथ ही साथ सभी तरह की बीमारियों व सभी समस्याओं का भी नाश धीरे धीरे होने लगता है और इतना ही नहीं बल्कि सभी उचित मनोकामनायें भी उचित समय आने पर निश्चित पूरी होकर ही रहती है ! इस आर्टिकल को पढने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- सभी बिमारियों, सभी मनोकामनाओं व सभी समस्याओं का निश्चित उपाय है ये )

धन्यवाद (Thanks & Regards),

संपर्क पता (Contact Address)- “स्वदेश चेतना” न्यूज़ पेपर बिल्डिंग, अर्जुनगंज, लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारतवर्ष (“Swadesh Chetna” News Paper Building, Arjunganj, Lucknow, Uttar Pradesh, India).

सम्पर्क ईमेल (Contact Mail)– svyambanegopal[at]gmail[dot]com

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(आवश्यक सूचना – “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट में प्रकाशित सभी जानकारियों का उद्देश्य, सत्य व लुप्त होते हुए ज्ञान के विभिन्न पहलुओं का जनकल्याण हेतु अधिक से अधिक आम जनमानस में प्रचार व प्रसार करना मात्र है ! अतः “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि इस वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक, एक्यूप्रेशर तथा अन्य किसी भी प्रकार के उपायों व जानकारियों को किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक, योगाचार्य, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट तथा अन्य सम्बन्धित विषयों के एक्सपर्ट्स से परामर्श अवश्य ले लें क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं)