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आदरणीय मित्रों,

हम सभी “स्वयं बनें गोपाल” समूह के समर्पित स्वयं सेवक हैं !

“स्वयं बनें गोपाल” संस्थान सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त, एक स्वयं सेवक समूह (N.G.O.) है जिसका मुख्य कार्यालय भारतवर्ष के उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी लखनऊ में स्थित है ! “स्वयं बनें गोपाल” समूह के विभिन्न सेवा युक्त कार्यों व नई खोज को विश्व स्तर पर सराहा व पहचाना गया है जिन्हे जानने के लिए कृपया निम्नलिखित विवरण पढ़ें-

“स्वयं बनें गोपाल” समूह “संयुक्त राष्ट्र संघ” के उपक्रम “यू एन ऍफ़ सी सी सी नैरोबी वर्क प्रोग्राम” (UNFCCC NAIROBI WORK PROGRAMME) का पार्टनर (Partner) है ! “यू एन ऍफ़ सी सी सी नैरोबी वर्क प्रोग्राम” की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www4.unfccc.int/sites/NWPStaging/pages/item.aspx?ListItemId=28813&ListUrl=/sites/NWPStaging/Lists/MainDB

इस उपक्रम का कार्यक्षेत्र पूरा विश्व है ! इस उपक्रम का हेडऑफिस जर्मनी देश में है ! इस उपक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://unfccc.int/topics/adaptation-and-resilience/workstreams/nairobi-work-programme-on-impacts-vulnerability-and-adaptation-to-climate-change#eq-4

“यू एन ऍफ़ सी सी सी नैरोबी वर्क प्रोग्राम” मूलतः विश्व के जलवायु परिवर्तन सम्बन्धित मुद्दों पर कार्यवाही करता है ! लगभग 14 वर्ष पुराने “यू एन ऍफ़ सी सी सी नैरोबी वर्क प्रोग्राम” ने पूरे विश्व से 396 चुनिन्दा संस्थाओं को अपना पार्टनर नियुक्त किया है !

विश्व की कई सर्वोच्च स्तर की आर्गेनाइजेशन्स के अतिरिक्त, खुद संयुक्त राष्ट्र संघ की कई अन्य संस्थाएं भी “यू एन ऍफ़ सी सी सी नैरोबी वर्क प्रोग्राम” से पार्टनर के तौर पर जुड़ी हुई है ! “स्वयं बनें गोपाल” समूह के अतिरिक्त अन्य कुछ “यू एन ऍफ़ सी सी सी नैरोबी वर्क प्रोग्राम” के पार्टनर्स के नाम हैं-

• इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (INTERNATIONAL ATOMIC ENERGY AGENCY; https://www.iaea.org/)

• यूनाइटेड नेशंस ऑफिस फॉर आउटर स्पेस अफेयर्स (UNITED NATIONS OFFICE FOR OUTERSPACE AFFAIRS; http://www.oosa.unvienna.org/)

• वर्ल्ड बैंक (WORLD BANK; http://www.worldbank.org/)

• माइक्रोसॉफ्ट (MICROSOFT; http://www.microsoft.com)

• ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी (OXFORD UNIVERSITY; http://www.ouce.ox.ac.uk/)

• स्वीडिश डिफेन्स रिसर्च एजेंसी (SWEDISH DEFENCE RESEARCH AGENCY; http://www.foi.se/FOI/)

• बी बी सी मीडिया एक्शन (BBC MEDIA ACTION; http://www.bbc.co.uk/mediaaction)

• एशियन डेवलपमेंट बैंक (ASIAN DEVELOPMENT BANK; http://www.adb.org/)

• यूरोपियन कमीशन जॉइंट रिसर्च सेण्टर (EUROPEAN COMMISSION JOINT RESEARCH CENTRE; https://ec.europa.eu/jrc/en)

• नेस्ले (NESTLÉ; http://nestle.com)

• वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन (WORLD TRADE ORGANIZATION; https://www.wto.org)

• इंटर अमेरिकन डेवलपमेंट बैंक (INTER-AMERICAN DEVELOPMENT BANK; http://www.iadb.org/en/)

• यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल स्ट्रेटेजी फॉर डिजास्टर रिडक्शन (UNITED NATIONS INTERNATIONAL STRATEGY FOR DISASTER REDUCTION; http://www.unisdr.org/)

• यूनाइटेड नेशंस हाई कमिश्नर फॉर रिफ्यूजी (UNITED NATIONS HIGH COMMISSIONER FOR REFUGEES; http://www.unhcr.org)

• यूनिसेफ (UNITED NATIONS CHILDREN’S FUND; http://www.unicef.org/)

• यूनाइटेड नेशंस वर्ल्ड टूरिज्म आर्गेनाइजेशन (UNITED NATIONS WORLD TOURISM ORGANIZATION; https://www.unwto.org/)

• जर्मन कमिटी फॉर डिजास्टर रिडक्शन (GERMAN COMMITTEE FOR DISASTER REDUCTION; http://www.dkkv.org/)

• अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक (AFRICAN DEVELOPMENT BANK; http://www.afdb.org)

• कॉमनवेल्थ सेक्रेटेरिएट (COMMONWEALTH SECRETARIAT; http://www.thecommonwealth.org/)

• यूनाइटेड नेशंस डेवेलपमेंट प्रोग्राम (UNITED NATIONS DEVELOPMENT PROGRAMME; http://www.undp.org/)

• यूनाइटेड नेशंस एनवायरनमेंट प्रोग्राम (UNITED NATIONS ENVIRONMENT PROGRAMME; http://www.unep.org/)

• यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन सेटलमेंट प्रोग्राम (UNITED NATIONS HUMAN SETTLEMENTS PROGRAMME; http://www.unhabitat.org/)

• यूनाइटेड नेशंस इंस्टिट्यूट फॉर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (UNITED NATIONS INSTITUTE FOR TRAINING AND RESEARCH; http://www.unitar.org/)

• यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सेण्टर (UNESCO – WORLD HERITAGE CENTRE; http://whc.unesco.org/)

• यू एन इ सी इ (UNECE; http://www.unece.org/)

• फ़ूड एंड एग्रीकल्चरल आर्गेनाइजेशन ऑफ़ द यूनाइटेड नेशंस (FOOD AND AGRICULTURAL ORGANIZATION OF THE UNITED NATIONS; http://www.fao.org/)


संयुक्त राष्ट्र संघ के एक अन्य उपक्रम “क्लीन कूकिंग अलायन्स” (Clean Cooking Alliance) ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह को अपना पार्टनर (Partner) नियुक्त किया है ! संयुक्त राष्ट्र संघ के इस उपक्रम की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.cleancookingalliance.org/partners/item/999/3349

आज पूरे विश्व में लगभग 300 करोड़ लोगों को साफ़ सुथरे तरीके से अपना भोजन तैयार करने की सुविधा उपलब्ध नहीं है जिसकी वजह से अधिकाँश लोग कूड़ा कचरा, अपशिष्ट व ऐसे पदार्थों को ईधन के तौर पर इस्तेमाल करके अपना भोजन तैयार करने को मजबूर हैं जो उनके लिए और पर्यावरण के लिए भी अत्यन्त हानिकारक है और इसी विश्वव्यापी समस्या के निदान हेतु संयुक्त राष्ट्र संघ ने “क्लीन कूकिंग अलायन्स” का एक विशाल प्रारूप तय किया है !

“क्लीन कूकिंग अलायन्स” की चेयर (अध्यक्ष) श्रीमती हिलेरी क्लिंटन (Mrs. Hillary Clinton) हैं जो कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति श्री बिल क्लिंटन की पत्नी और डेमक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की पूर्व उम्मीदवार हैं ! श्रीमती हिलेरी क्लिंटन के अतिरिक्त “क्लीन कूकिंग अलायन्स” की लीडरशिप कौंसिल में खुद संयुक्त राष्ट्र संघ के सबसे बड़े अधिकारी अर्थात सेक्रेटरी जनरल श्री एंटोनिओ गुटेरेश (Secretary General Mr. António Guterres) जैसे कई बेहद गणमान्य व्यक्तित्व शामिल हैं ! “क्लीन कूकिंग अलायन्स” की लीडरशिप कौंसिल का परिचय देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.cleancookingalliance.org/about/our-team/

“क्लीन कूकिंग अलायन्स” ने अपने अभियान के उद्देश्य को अधिक से अधिक आम लोगों के बीच पहुंचाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों की विश्व प्रसिद्ध हस्तियों को नियुक्त किया है जिनमें हॉलीवुड की विश्वप्रसिद्ध अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स (Julia Roberts), म्यूजिशियन रॉकी डाउनी (Rocky Dawuni) आदि सम्मिलित हैं और चूंकि “क्लीन कूकिंग अलायन्स” भोजन से संबन्धित अभियान है इसलिए इसने कुछ विश्व प्रसिद्ध शेफ (Chef) को भी अपने से जोड़ा हुआ है, इन सभी प्रमुख हस्तियों का परिचय देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.cleancookingalliance.org/about/champions/

फ्रांस देश की सरकार की “मिनिस्टरी ऑफ़ एजुकेशन” (शिक्षा मंत्रालय) के सरंक्षण व सहयोग तथा संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्थाओं व “स्वयं बनें गोपाल” समूह आदि की पार्टनरशिप (Partnership) से, पहली बार बच्चों के लिए एक ऑनलाइन इंटरनेशनल एनिमेटेड फिल्म फेस्टिवल हुआ जिसका नाम है “टैकोरमा” (TAKORAMA International Film Festival) !

प्रतीकात्मक चित्र

बाल गोपाल के रूप अर्थात बच्चों के चहुमुखी विकास (अर्थात आधुनिकता व नैतिकता युक्त मानसिक व शारीरिक विकास) पर काम करने वाली कई दिग्गज व विश्व प्रसिद्ध फिल्म प्रोडक्शन व एंटरटेनमेंट कम्पनीज मौजूद हैं लेकिन इसके बावजूद इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में “स्वयं बनें गोपाल” समूह को पार्टनर बनाया गया है, जो कि एक गौरव का विषय है ! इस फिल्म फेस्टिवल के पार्टनर्स व अन्य आवश्यक जानकारियों के बारे में, इस फेस्टिवल की वेबसाइट के “About us & Partners” के पेज पर प्रकाशित किया गया है, जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.takorama.org/about

संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “फ़ूड एंड एग्रीकल्चरल आर्गेनाइजेशन” (Food and Agricultural Organisation of the United Nations) के उपक्रम “ग्लोबल स्वायल पार्टनरशिप” (Global Soil Partnership) ने “स्वयं बनें गोपाल” समूह को अपना पार्टनर (Partner) नियुक्त किया है ! “ग्लोबल स्वायल पार्टनरशिप” की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- http://www.fao.org/global-soil-partnership/partners/gsp-partners/en/

“ग्लोबल स्वायल पार्टनरशिप” (अर्थात वैश्विक मृदा साझेदारी) उन सभी संस्थाओं के साथ मिलकर कार्य करती है जो पर्यावरण के सबसे जरूरी स्तम्भ अर्थात मृदा (यानी मिट्टी) के सरंक्षण व संवर्धन के लिए किसी ना किसी रूप में बेहद प्रभावकारी साबित हो रहे हों ! “ग्लोबल स्वायल पार्टनरशिप” ने पूरे विश्व से लगभग 350 संस्थाओं को अपना पार्टनर बनाया है जिनमे से कुछ पार्टनर्स के नाम निम्नलिखित है-

यूरोपियन कमीशन (European Commission; https://ec.europa.eu/info/index_en), इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (International Atomic Energy Agency; https://www.iaea.org/), यूरोपियन एनवायरनमेंट एजेंसी (European Environment Agency; https://www.eea.europa.eu/), कोर्नेल यूनिवर्सिटी (Cornell University, USA; https://www.cornell.edu/), कोलराडो स्टेट यूनिवर्सिटी (Colorado State University, United States of America; https://www.colostate.edu/), क्रान्फिल्ड यूनिवर्सिटी (Cranfield University, UK; https://www.cranfield.ac.uk/), ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी (Ohio State University, US; https://www.osu.edu/), द यूनिवर्सिटी ऑफ़ क्वींसलैंड (The University of Queensland, Australia; https://www.uq.edu.au/), यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेलबर्न (University of Melbourne, Australia; https://www.unimelb.edu.au/) आदि !

प्रतीकात्मक चित्र

संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “यूनाइटेड नेशंस स्टाफ रिक्रिएशन काउंसिल” मल्टीमीडिया (United Nations Staff Recreation Council; UNSRC Multimedia) द्वारा निर्मित “वीमेन इन फिल्म्स एंड मीडिया ग्रुप” (Women In Films And Media Group) का भी सदस्य (Member) चुन लिया गया है “स्वयं बनें गोपाल” समूह को !

“वीमेन इन फिल्म्स एंड मीडिया ग्रुप” में पूरे विश्व से मात्र 81 हस्तियाँ ही सदस्य के तौर पर जुड़ी हुई हैं ! इस ग्रुप की स्थापना का मुख्य उद्देश्य, फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं को, पुरुषों के समान अधिकारों की प्राप्ति करवाने के लिए यथोचित प्रयासों को करना है ! इस ग्रुप के बारे में अधिक जानने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- http://webtv.un.org/search/women-in-films-forum-csw62-side-event/5983669526001/?term=2018-03-14&sort=date

ये तो सभी को पता है कि अन्य इंडस्ट्रीज की ही तरह, फिल्म इंडस्ट्री में भी बड़े पैमाने पर महिलाओं के साथ भेदभाव होता रहता है ! यह भेदभाव कई तरह से हो सकता है जिसमे मुख्य है महिलाओं को उनके काम के बदले मिलने वाले कम वेतन (फीस; पारिश्रमिक) और कम सम्मानजनक व्यवहार के रूप में ! और इस भेदभाव को फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाली लगभग सभी महिलाओं को कभी ना कभी झेलना ही पड़ता है !

अतः पूरे विश्व में बनने वाली सभी मूवीज (चाहे वे मूवीज हॉलीवुड की हो या बॉलीवुड की, चाहे वे मूवीज यूरोपियन सिनेमा की हो या ऑस्ट्रेलियन सिनेमा की, चाहे गल्फ कन्ट्रीज में बनने वाली फिल्म्स हों या अफ्रीकन कंट्रीज की फिल्म्स) में किसी भी महिला (चाहे वह बड़ी से बड़ी अभिनेत्री हो या कोई साधारण महिला क्रू मेम्बर) के साथ किसी भी स्तर पर भेदभाव ना होने पाए, इसी सोच की तहत यह ग्रुप समुचित व यथासंभव प्रयास करने का प्रयत्न करता है !

इसके अतिरिक्त “स्वयं बनें गोपाल” समूह विश्व प्रसिद्ध नेटवर्क “रिजेनेरेशन इंटरनेशनल” (Regeneration International) से भी पार्टनर (Partner) के तौर पर जुड़ चुका है ! “रिजेनेरेशन इंटरनेशनल” की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://regenerationinternational.org/our-network/

“रिजेनेरेशन इंटरनेशनल” विश्व की उन संस्थाओं के साथ कार्य करता है जो समाज के समग्र व समुचित विकास के लिए अत्यावश्यक लक्ष्यों (जैसे- पर्यावरण, खेती, सामजिक व आर्थिक विकास इत्यादि) की प्राप्ति के लिए वास्तव में असरदायक साबित हो रहें हैं !

“रिजेनेरेशन इंटरनेशनल” के कुछ अन्य पार्टनर्स के नाम हैं- “यूनाइटेड नेशंस फ़ूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन”- इटली (UN Food and Agriculture Organization-Italy; http://www.fao.org/family-farming/home/en/), “एनवायर्नमेंटल एजुकेशन मीडिया प्रोजेक्ट” (Environmental Education Media Project; http://eempc.org/partners-sponsors/), “मिलेनियम इंस्टिट्यूट” (Millennium Institute; https://www.millennium-institute.org/partners) इत्यादि !

United Nations FAO IAEA ICAO IFAD ILO IMO IMF ITU UNESCO UPU WBG WIPO WMO UNWTO UNODC WHO UNHCR newyork headquarters geneva head office WFP UNIDO UNOCHA UNOOSA UNODAहॉलीवुड के विश्वप्रसिद्ध हीरो लियोनार्डो डीकैप्रियो (Leonardo DiCaprio; जो कि टाईटेनिक मूवी के मुख्य अभिनेता थे) की पर्यावरणीय संस्था “अर्थ अलायन्स” (Earth Alliance) ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह के कार्यो की प्रशंसा करते हुए धन्यवाद दिया है और अपना आभार भी प्रकट किया है !

“अर्थ अलायन्स” संस्था की वेबसाइट का लिंक, लियोनार्डो डीकैप्रियो के फेसबुक पेज पर दिया गया है जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक को क्लिक करें- https://www.facebook.com/LeonardoDiCaprio/?ref=br_rs

“अर्थ अलायन्स” ने “स्वयं बनें गोपाल” समूह के बारे में लिखा है कि- “We are grateful for your passion, and encourage you to continue to support our shared goal of a more sustainable planet” अर्थात- हम आपके जोश के लिए आपके आभारी हैं, तथा चिरस्थायी धरती से सम्बन्धित हमारे और आपके एक जैसे उद्देश्य की लगातार सहायता करने के लिए हम आपकी सराहना भी करते हैं !

लियोनार्डो डीकैप्रियो ने भारत के विश्वप्रसिद्ध संत श्री जग्गी वासुदेव जी (संस्थापक ईशा फाउंडेशन) के पर्यावरणीय अभियान “कावेरी कॉलिंग” का भी सपोर्ट किया था (श्री जग्गी वासुदेव जी “संयुक्त राष्ट्र संघ” के समाज निर्माण के कार्यों में भी काफी सक्रीय रहतें है) !

लियोनार्डो डीकैप्रियो पिछले कई वर्षों से पर्यावरण को बचाने के अपने विश्वस्तरीय अभियान में लगे हुए हैं और उनके इस अभियान से सम्बन्धित कई कार्यक्रमों को नेशनल टेलीविज़न चैनल्स व यू ट्यूब पर भी देखा जा सकता है, जिनमें से कुछ वीडियोज व फेसबुक के लिंक्स इस प्रकार हैं-

(https://www.facebook.com/LeonardoDiCaprio/?ref=br_rs)

(https://www.youtube.com/watch?v=akdL5HB5LAA)

(https://www.youtube.com/watch?v=6FzsYiiIa4c&t=179s)

(https://www.youtube.com/watch?v=vTyLSr_VCcg)

अमेरिकन सरकार (USA Government) की संस्था “यू एस ऐड” (USAID; https://www.usaid.gov/) ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह के कार्यों की सराहना की है ! “यू एस ऐड” के सीनियर पार्टनरशिप एडवाइजर (Senior Partnerships Advisor) द्वारा “स्वयं बनें गोपाल” समूह को कहा गया है कि- “Thank you also for your efforts to make the world a better place” अर्थात- विश्व को एक बेहतर स्थान बनाने वाले आपके कार्यों के लिए आपको धन्यवाद है” !

जल के सरंक्षण से सम्बन्धित “स्वयं बनें गोपाल” समूह के कार्य विश्वप्रसिद्ध “वाटर एक्शन हब” (Water Action Hub) नाम के उपक्रम की वेबसाइट पर भी प्रकाशित है ! “वाटर एक्शन हब” का निर्माण “सी इ ओ वाटर मैंडेट” द्वारा हुआ है जो कि “संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कॉम्पैक्ट” {United Nations Global Compact (CEO Water Mandate)} का उपक्रम है ! अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें- https://wateractionhub.org/organizations/741/d/svyam-bane-gopal/ !

संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “फ़ूड एंड एग्रीकल्चरल आर्गेनाइजेशन” ने “वर्ल्ड स्वायेल डे” (World Soil Day; विश्व मृदा दिवस) 5 दिसम्बर 2019 को “स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रोजेक्ट “सेव आवर प्लेनेट” (Save Our Planet) को अपनी विश्वप्रसिद्ध वेबसाइट पर प्रकाशित किया है जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें (और ओपेन होने वाले पेज में प्रदर्शित वर्ल्ड मैप में इण्डिया में लखनऊ लोकेशन पर क्लिक करें)- http://www.fao.org/world-soil-day/worldwide-events/en/

संयुक्त राष्ट्र संघ की इस संस्था ने “वर्ल्ड स्वायेल डे” पर इस वर्ष अपनी वेबसाइट पर लगभग 100 देशों के 464 प्रोजेक्ट्स/इवेंट्स को ही प्रकाशित किया है जिनसे सम्बन्धित सोशल मीडिया पोस्ट्स को अब तक संयुक्त राष्ट्र संघ के आंकड़ों के अनुसार 40,00,00,000 (40 करोड़) से भी अधिक पाठक देख चुकें है !

हमारे इस अभियान को “वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ डे” (World Wildlife Day; विश्व वन्यजीव दिवस, 3 March 2020) पर संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा समर्थित “साइट्स सेक्रेटेरिएट” (CITES Secretariat) की वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया गया है जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.wildlifeday.org/content/events

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के जल सरंक्षण सम्बन्धित प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “यू एन वाटर” (UN Water) ने “वर्ल्ड वाटर डे” (World Water Day; विश्व जल दिवस) पर अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया था जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.worldwaterday.org/event/save-our-planet/

“ग्लोबल वाटर पार्टनरशिप” (Global Water Partnership) ने भी “वाटर चेंज मेकर्स” (Water Change Makers) के लिए योग्य सार्थक प्रयासों में “स्वयं बनें गोपाल” समूह को प्रकाशित किया जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.gwp.org/es/agentes-de-cambio-por-el-agua/presentaciones-elegibles/

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी (Mr. Parimal Parashar) “संयुक्त राष्ट्र संघ” के विश्वव्यापी उपक्रम “आई पी बी इ एस” (IPBES; The Intergovernmental Science-Policy Platform on Biodiversity and Ecosystem Services) के “स्टेक होल्डर” (Stake Holder) हैं ! विस्तृत जानकारी के लिए कृपया देखें- https://www.ipbes.net/users/parimal-parashar) !

{श्री परिमल पराशर जी एक 37 वर्षीय भारतीय नागरिक है जिन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट की शिक्षा के पश्चात् कई मध्यम उद्योगों से लेकर विश्व की सर्वोच्च स्तर की कम्पनीज के साथ कार्य किया किन्तु अंततः उन्होंने मानवता धर्म को ही अपने जीवन के अंतिम मार्ग के रूप में चुना और स्थापना की “स्वयं बनें गोपाल” समूह की}

तथा “स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) “एल ई डी एस जी पी” संगठन (LEDS GP; Low Emission Development Strategies Global Partnership; http://ledsgp.org/) के मेम्बर भी हैं ! विश्व के कई देशों की सरकार व विश्व व्यापी संस्थाएं भी इस “एल ई डी एस जी पी” संगठन से “मेम्बर” के तौर पर जुड़ी हुईं हैं, जैसे- यू एस डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट (US Department of State; https://www.state.gov/), यू के मिनिस्टरी ऑफ़ एनवायरनमेंट (UK Ministry of Environment; https://www.gov.uk/government/organisations/department-for-environment-food-rural-affairs), ऑस्ट्रेलिया डिपार्टमेंट ऑफ़ क्लाइमेट चेंज (Australia Department of Climate Change; http://www.environment.gov.au/climate-change), यूरोपियन कमीशन (European Commission; https://ec.europa.eu/info/index_en), इजराइल मिनिस्टरी ऑफ़ एनवायर्नमेंटल प्रोटेक्शन (Israel Ministry of Environmental Protection; http://www.sviva.gov.il/english/Pages/HomePage.aspx), वर्ल्ड बैंक (World Bank; https://www.worldbank.org/), यू एन डेवलपमेंट प्रोग्राम (UN Development Programme; https://www.undp.org/content/undp/en/home/) आदि !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी को “द लॉ एंड क्लाइमेट चेंज टूलकिट” (The Law and Climate Change Toolkit; https://climatelawtoolkit.org/) में “पालिसी मेकर” (Policy Maker; नीति निर्माता) का दायित्व सौपा गया है !

“द लॉ एंड क्लाइमेट चेंज टूलकिट” एक ऑनलाइन व ओपेन डाटाबेस है जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्थाएं “यू एन क्लाइमेट चेंज सेक्रेटेरिएट” (UN Climate Change secretariat), “यू एन एनवायरनमेंट” (UN Environment) तथा कामनवेल्थ सेक्रेटेरिएट (Commonwealth Secretariat) की पार्टनरशिप से विकसित किया जा रहा है !

इस टूलकिट को मुख्यतः विभिन्न देश की सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं व विशेषज्ञों की सहायता के लिए विकसित किया जा रहा है ताकि वे अपने देशों में ऐसे राष्ट्रीय पर्यावरणीय क़ानून व नीतियां बना सकें जो ज्यादा प्रभावशाली हों !

उपर्युक्त वर्णित संस्थाओं के अतिरिक्त “स्वयं बनें गोपाल” समूह, विश्वप्रसिद्ध संस्था “वालंटियर ग्रुप्स अलायन्स” (Volunteer Groups Alliance) का भी मेम्बर (Member; सदस्य) है !

United Nations FAO IAEA ICAO IFAD ILO IMO IMF ITU UNESCO UPU WBG WIPO WMO UNWTO UNODC WHO UNHCR newyork headquarters geneva head office WFP UNIDO UNOCHA UNOOSA UNODA“वालंटियर ग्रुप्स अलायन्स” के फोरम की स्थापना आज से 55 वर्ष पूर्व सन 1964 में हुई थी और उस समय इसका नेतृत्व “कौंसिल ऑफ़ यूरोप” (Council of Europe; यूरोपीय परिषद; https://www.coe.int/en/web/portal/home) करती थी (यूरोपीय परिषद एक सरकारी संस्था है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूरे यूरोप में कानून व अन्य मानवीय मूल्यों की व्यवस्था सदा बनी रहे ! यूरोप के 47 देशों की सरकार इस “कौंसिल ऑफ़ यूरोप” से सदस्य के तौर पर जुड़ी हुई हैं) !

वर्तमान में “वालंटियर ग्रुप्स अलायन्स” संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “यूनाइटेड नेशन्स वालंटियर्स” (United Nations Volunteers) द्वारा समर्थित है ! संयुक्त राष्ट्र संघ व “कौंसिल ऑफ़ यूरोप” की नजर में बेहद प्रतिष्ठित माने जाने वाले “वालंटियर ग्रुप्स अलायन्स” ने वर्तमान में दुनिया के अलग – अलग हिस्सों से सिर्फ 64 स्वयं सेवी संस्थाओं को ही अपना “मेम्बर” बनाया हुआ है जिनमें भारतीय मूल से “स्वयं बनें गोपाल” ही है ! “वालंटियर ग्रुप्स अलायन्स” की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें (और ओपेन होने वाले पेज में “Members” कैटेगरी पर क्लिक करें)- https://forum-ids.org/about/vga/

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के अतिरिक्त “वालंटियर ग्रुप्स अलायन्स” के कुछ अन्य मेम्बर्स (Members) का परिचय इस प्रकार हैं-

• “यूनाइटेड नेशन्स वालंटियर्स” [(United Nations Volunteers; https://www.unv.org/) संयुक्त राष्ट्र संघ की यह संस्था “वालंटियर ग्रुप्स अलायन्स” की खुद एक मेम्बर भी है]

• पीस कॉर्प्स [(Peace Corps; https://www.peacecorps.gov/) यह अमेरिकन सरकार (USA Government) की एक सामाजिक सुख शान्ति उत्प्रेरित करने वाली संस्था है जिसका डायरेक्टर, अमेरिकन प्रेसिडेंट द्वारा चुना जाता है]

• सऊदी ग्रीन बिल्डिंग फोरम [(Saudi Green Building Forum; http://www.sgbf.sa/) यह एक सामजिक पुनर्निर्माण की संस्था है जिसके चेयरमैन सऊदी अरबिया देश के शाही परिवार के प्रिंस खालिद बिन हैं]

• इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ़ रेड क्रॉस एंड रेड क्रेसेंट सोसाइटीज [(International Federation of Red Cross and Red Crescent Societies; https://media.ifrc.org/ifrc) जेनेवा (स्विट्ज़रलैंड) आधारित इस संस्था को विश्व का सबसे बड़ा मानवीय नेटवर्क माना जाता है जो 7 मानवीय मूल्यों पर टिका है]

• ब्रिटिश कोलंबिया कौंसिल फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन [(British Columbia Council for International Cooperation; https://www.bccic.ca/) यह कनाडा आधारित एक विश्वप्रसिद्ध स्वयंसेवी संस्था है]

• वालंटियरिंग विक्टोरिया [(Volunteering Victoria; https://www.volunteeringvictoria.org.au/) यह मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) आधारित एक बेहद प्रसिद्ध परोपकारी संगठन है जिससे कई हजार स्वयं सेवक जुड़े हुए हैं]

युवाओं व बच्चों के लिए तथा युवाओं व बच्चों के द्वारा काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “मेजर ग्रुप ऑफ़ चिल्ड्रेन एंड यूथ टू यूनाइटेड नेशंस एनवायरनमेंट” (Major Group of Children and Youth to UN Environment; UNEP-MGCY) ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह को अपना सदस्य (Member) नियुक्त किया है ! “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण इस ग्रुप की वेबसाइट पर देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें-
https://www.youthenvironment.org/member-organisations

वर्तमान में “मेजर ग्रुप ऑफ़ चिल्ड्रेन एंड यूथ टू यूनाइटेड नेशंस एनवायरनमेंट” से विश्व की लगभग 250 ऐसी संस्थाएं सदस्य (Member) के तौर पर जुडी हुई हैं जिनके युवा प्रतिनिधियों ने समाज निर्माण के विभिन्न पहलुओं में उच्च स्तरीय योगदान दिया है ! संयुक्त राष्ट्र संघ के इस ग्रुप के कुछ अन्य सदस्यों (Members) के नाम हैं- “कॉमनवेल्थ यूथ क्लाइमेट चेंज नेटवर्क” (Commonwealth Youth Climate Change Network; https://thecommonwealth.org/commonwealth-youth-climate-change-network), “द यूरोपियन लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन” (The European Law Students’ Association; https://elsa.org/),
“जापान यूथ प्लेटफार्म फॉर सस्टेनेबिलिटी” (Japan Youth Platform for Sustainability; https://www.jyps.website/), “सस्टेनेबल ओशन अलायन्स” (Sustainable Ocean Alliance; https://www.soalliance.org/), “वर्ल्ड डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन” (World Distribution Federation; http://www.w-df.org/main#) आदि !

प्रतीकात्मक चित्र

“स्वयं बनें गोपाल” समूह विश्व प्रसिद्ध नेटवर्क “लीगल एम्पावरमेंट नेटवर्क” (Legal Empowerment Network) से भी सदस्य के तौर पर जुड़ चुका है ! यह नेटवर्क आम जनता को उनसे जुड़े कानूनों व अधिकारों के बारे में जागरूक कर उन्हें न्याय दिलाने में मदद करता है ! इस नेटवर्क की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://namati.org/network/organization/svyam-bane-gopal/

“लीगल एम्पावरमेंट नेटवर्क” के मुख्य पोषक (Funders) हैं- अमेरिकन सरकार की संस्था “द ब्यूरो ऑफ़ डेमोक्रेसी ह्यूमन राइट्स एंड इंटरनेशनल डेवलपमेंट (The Bureau of Democracy, Human Rights, and Labor; https://www.state.gov/bureaus-offices/under-secretary-for-civilian-security-democracy-and-human-rights/bureau-of-democracy-human-rights-and-labor/), ब्रिटिश सरकार की संस्था “यू के ऐड” (UK Aid; https://www.ukaiddirect.org/), कनाडा सरकार की संस्था “इंटरनेशनल डेवलपमेंट रिसर्च सेंटर” (International Development Research Centre; https://www.idrc.ca/en), अमेरिकन सरकार की संस्था “सेंटर फॉर डिसीज कण्ट्रोल एंड प्रिवेंशन” (Centers for Disease Control and Prevention; https://www.cdc.gov/) आदि !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह दुनिया के सबसे बड़े आपदा प्रबन्धन के नेटवर्क “ग्लोबल नेटवर्क ऑफ़ सिविल सोसाइटी आर्गेनाइजेशंश फॉर डिजास्टर रिडक्शन” (Global Network of Civil Society Organisations for Disaster Reduction; GNDR) से भी सदस्य (Member) के तौर पर जुड़ चुका है ! इस नेटवर्क की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करे (और खुलने वाले पेज में Members केटेगरी में जाकर Members List पर क्लिक करें तत्पश्चात खुलने वाले पेज में Svyam Bane Gopal टाइप करके खोजे)- https://gndr.org/

विश्व के इस सबसे बड़े आपदा प्रबन्धन के नेटवर्क के मुख्य समर्थक व पोषक (Funders) ये वैश्विक सरकारी संस्थाए है- “यूरोपियन कमीशन” (European Commission; https://ec.europa.eu/info/index_en), “यू एस ऐड” (USAID; https://www.usaid.gov/), “यू के ऐड” (UK Aid; https://www.ukaiddirect.org/), “ऑस्ट्रेलियन ऐड” (Australian Aid; https://www.dfat.gov.au/aid/Pages/australias-aid-program), “स्विस एजेंसी फॉर डेवलपमेंट एंड कोऑपरेशन” (Swiss Agency For Development And Cooperation; https://www.eda.admin.ch/sdc) आदि !

यूनेस्को (UNESCO; www.unesco.org) ने 24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2019 के बीच में पूरे विश्व में आयोजित होने वाले “ग्लोबल मीडिया एंड इनफार्मेशन लिटरेसी वीक” (Global Media and Information Literacy Week) से संबन्धित गतिविधियों/कार्यक्रमों में से जिन लगभग 200 संस्थाओं का अपनी वेबसाइट पर प्रकाशन स्वीकृत किया था उनमें “स्वयं बनें गोपाल” समूह भी है, जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें (और ओपेन होने वाले पेज में नीचे जाकर इंडिया (India) की केटेगरी में “Make Yourself Gopal” पर क्लिक करें)- https://en.unesco.org/commemorations/globalmilweek/2019/aroundtheworld

“संयुक्त राष्ट्र संघ” की संस्था “यू एन हैबिटैट” (U N HABITAT; https://new.unhabitat.org/) ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह के बारे में अपनी विश्वप्रसिद्ध वेबसाइट पर प्रकाशित किया है ! “वर्ल्ड सिटीज डे” (World Cities Day) पर मात्र जिन लगभग 50 गतिविधियों/कार्यक्रमों को “यू एन हैबिटैट” ने अपनी विश्व प्रसिद्ध वेबसाइट पर प्रकाशित किया है उनमें “स्वयं बनें गोपाल” द्वारा चलाया गया अभियान “हू वी आर” (Who We Are) का भी नाम है जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://urbanoctober.unhabitat.org/event/who-we-are

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के फाइलेंथ्रोपिक मूवमेंट “व्हू वी आर” (Who We Are) को संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “यू एन वाटर” (U N WATER) ने “वर्ल्ड टॉयलेट डे” (World Toilet Day; विश्व शौचालय दिवस) 19 Nov 2019 पर अपनी विश्वप्रसिद्ध वेबसाइट पर प्रकाशित किया है जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.worldtoiletday.info/event/who-we-are/

समाज के विभिन्न आयामों के लिए बहुउपयोगी हमारे अभियान “व्हू वी आर” (Who We Are) को संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अन्य संस्था “यू एन वीमेन” (U N WOMEN) के उपक्रम “एमपावर वीमेन” (Empower Women) ने भी अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है ! “एमपावर वीमेन” महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्य करती है और पूरे विश्व में (खासकर महिलाओं में) बेहद प्रसिद्ध है !

“एमपावर वीमेन” ने पिछले 7 वर्षों में मात्र जिन 568 गतिवधियों/इवेंट्स का प्रकाशन अपनी वेबसाइट पर स्वीकृत किया है उसमें से एक आपकी अपनी संस्था “स्वयं बनें गोपाल” समूह की भी है, जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.empowerwomen.org/en/community/events-opportunities/2019/07/who-we-are

हमारे इस अभियान को एक अन्य विश्वविख्यात महिला सशक्तिकरण संस्था “सेण्टर फॉर विमेंस ग्लोबल लीडरशिप” (Center for Women’s Global Leadership) ने भी अपने द्वारा चलाए अभियान “ग्लोबल 16 डेज कैंपेन” (GLOBAL 16 DAYS CAMPAIGN) की वेबसाइट पर प्रकाशित किया है !

“सेण्टर फॉर विमेंस ग्लोबल लीडरशिप” द्वारा यह अभियान 16 दिनों के लिए हर वर्ष 25 नवम्बर (जो कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस है) से 10 दिसम्बर (अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस) तक पूरे विश्व में चलाया जाता है ! “सेण्टर फॉर विमेंस ग्लोबल लीडरशिप” का मुख्यालय “न्यू जर्सी” अमेरिका में है ! “ग्लोबल 16 डेज कैंपेन” की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह के इस अभियान को देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://16dayscampaign.org/event/who-we-are/

प्रतीकात्मक चित्र

पूरे विश्व के पर्यटन की नियंत्रक संस्था, जो कि संयुक्त राष्ट्र संघ की एजेंसी- “वर्ल्ड टूरिज्म आर्गेनाइजेशन” (World Tourism Organization; UNWTO; विश्व पर्यटन संस्था) है, उसने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह के बारे में अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है, जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.unwto.org/node/11387

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी भी “एशियन डेवलपमेंट बैंक” से एक सलाहकार (Consultant) के तौर पर जुड़ चुकें हें और साथ ही साथ “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान भी “एशियन डेवलपमेंट बैंक” (www.adb.org) से एक सलाहकार संस्थान (Consulting Firm) के तौर पर जुड़ चुका है !

“एशियन डेवलपमेंट बैंक” लगभग 60 साल पुराना ऐसा बैंक है जो एशिया के विभिन्न देशों की सरकारों के माध्यम से आम जनमानस की भलाई के लिए विभिन्न परियोजनाओं की सहायता करता है ! इस बैंक का हेड ऑफिस फिलिपिन्स देश की राजधानी मनीला में स्थित है ! “एशियन डेवलपमेंट बैंक” से भारत समेत 68 अन्य देशों की सरकार सदस्य (Member) के तौर पर जुड़ी हुई हैं और इस बैंक ने वर्ष 2018 में लगभग 35 बिलियन यू एस डॉलर (अर्थात लगभग ढाई लाख करोड़ भारतीय रूपये) के विभिन्न सामाजिक कल्याण के कार्यों का एशिया के विभिन्न देशों में क्रियान्वन किया था !

हम आपको यह भी बताना चाहेंगे कि “संयुक्त राष्ट्र संघ” ने भ्रष्टाचार उन्मूलन, मानवाधिकार, श्रम अधिकार व पर्यावरण सुरक्षा के अपने विश्वस्तरीय अभियान में “स्वयं बनें गोपाल” समूह को भी अपना सहभागी बना लिया है ! “यू एन ग्लोबल कॉम्पैक्ट” की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.unglobalcompact.org/participation/report/cop/create-and-submit/detail/432537

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के अतिरिक्त भारत देश की लगभग 350 अन्य आर्गेनाइजेशन्स (Organisations) भी “यू एन ग्लोबल कॉम्पैक्ट” के अभियान से जुड़ी हुईं हैं जिनमें भारत की लगभग सभी प्रसिद्ध अन्तर्राष्ट्रीय आर्गेनाइजेशन्स हैं, जैसे- इनफ़ोसिस (Infosys Ltd), अडानी पॉवर (Adani Power Ltd), एच सी एल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies Ltd.), डॉक्टर रेड्डीज लेबोरेटरीज लिमिटेड (Dr. Reddy’s Laboratories Ltd.), पी वी आर (PVR Ltd), विप्रो (Wipro Ltd), वेदांता (Vedanta Ltd.), टी सी एस (Tata Consultancy Services), हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever Limited), ओ एन जी सी (Oil and Natural Gas Corporation), स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Ltd), टाटा मोटर्स (Tata Motors Ltd.), भेल (Bharat Heavy Electricals Limited – BHEL), एन टी पी सी (NTPC Ltd), हेल्पेज इंडिया (HELPAGE INDIA), डाबर (Dabur India Limited), सैप इंडिया (SAP India Pvt Ltd), हैवेल्स इंडिया (HAVELLS INDIA LIMITED), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum Corp. Ltd) आदि !

“यू एन ग्लोबल कॉम्पैक्ट” ने “स्वयं बनें गोपाल” समेत अपने से जुड़ी कुछ अन्य आर्गेनाइजेशन्स को अपना “लोगो” (चिन्ह; Logo) इस्तेमाल करने का विशेषाधिकार भी दिया है !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के स्वास्थ्य सम्बन्धित अभियान को “यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे” (Universal Health Coverage Day) 12 दिसम्बर पर भी प्रकाशित किया गया है ! “यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे” संयुक्त राष्ट्र संघ के ऐतिहासिक व सामूहिक स्वास्थ्य अभियान का परम प्रसिद्ध उत्सव है जिससे पूरे विश्व में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले लगभग सभी एक्सपर्ट्स व प्रोफेशनल्स भलीभांति परिचित है ! “यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे” की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://universalhealthcoverageday.org/blog/2019/12/12/svyam-bane-gopal/

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के स्वास्थ्य सम्बन्धित अभियान को विश्वप्रसिद्ध संस्था “इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन” (The International Diabetes Federation) ने भी “वर्ल्ड डायबिटीज डे” (World Diabetes Day, विश्व मधुमेह दिवस) 14 नवम्बर 2019 पर अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है !

“इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन” लगभग 70 वर्ष पुरानी संस्था है जिससे 170 देशों की 230 संस्थाएं जुड़ी हुईं हैं ! इसकी वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें (और ओपेन होने वाले पेज में प्रदर्शित वर्ल्ड मैप में इण्डिया में लखनऊ लोकेशन पर क्लिक करें)- https://www.idf.org/wdd-events/

“स्वयं बनें गोपाल” समूह का ऑर्गेनाईजेश्नल प्रोफाइल, विश्व विख्यात “मेंटल हेल्थ इनोवेशन नेटवर्क” (Mental Health Innovation Network; https://www.mhinnovation.net/) की वेबसाइट में भी वर्णित है ! वास्तव में यह एक ऐसा नेटवर्क है जिसमें पूरे विश्व में स्थित, मानव मस्तिष्क के स्वास्थ्य सम्बन्धित सभी पहलुओं पर काम करने वाले, सभी तरह के विशेषज्ञ आपस में जुड़कर शोध कार्यों व अन्य उचित सहयोगों को करने का प्रयास करते हैं !

अमेरिका देश में स्थित “जॉन्स हॉपकिंस हॉस्पिटल” (Johns Hopkins School of Medicine; https://www.hopkinsmedicine.org/) की सीनियर रिसर्च कोऑर्डिनेटर (Senior Research Coordinator) श्रीमती “रेबेका मैकलारेन” (Rebecca McLaren) ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह से अपने रिसर्च वर्क से जुड़ने के लिए निवेदन किया था, लेकिन “स्वयं बनें गोपाल” समूह, लॉक डाउन पीरियड की वजह से उनके उस निवेदन को स्वीकार नही कर सका ! “जॉन्स हॉपकिंस” हॉस्पिटल दुनिया के सबसे पुराने हॉस्पिटल्स (125 साल पुराना) में से एक है जिसके पास विभिन्न तरह की लगभग 900 रिसर्च लैब (प्रयोगशालायें) है और जिसके शोधकर्ताओं के नाम लगभग 2268 पेटेंट्स (Patents) हैं, अतः इसके अति आधुनिक शोध कार्यो की वजह से इसकी गिनती वर्ल्ड के टॉप फाइव (Top 5) हॉस्पिटल्स में होती है {विश्व के सबसे अच्छे हॉस्पिटल्स की रैंकिंग में, भारत देश की दिल्ली में स्थित “एम्स हॉस्पिटल” (AIIMS, New Delhi) 231 स्थान पर है तथा मुंबई स्थित “टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल” (Tata Memorial Centre) 430 स्थान पर है} !

उपर्युक्त वर्णित संस्थाओं के अतिरिक्त “स्वयं बनें गोपाल” समूह का आर्गेनाइजेशनल प्रोफाइल कई अन्य संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्थाओं द्वारा स्वीकृत हुआ है, जैसे- “यूनाइटेड नेशंस बिज़नेस एक्शन हब” (United Nations Business Action Hub; https://business.un.org/), “डब्लू एस एस सी सी” (WSSCC ; Water Supply and Sanitation Collaborative Council; https://www.wsscc.org/), “यू एन डी इ एफ” (UNDEF; United Nations Democracy Fund; https://www.un.org/democracyfund/), “स्पार्क ब्लू” (यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम का उपक्रम; https://www.sparkblue.org/), “यू एन जी एम” (UNGM; United Nations Global Marketplace; https://www.ungm.org/) आदि !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के स्वास्थ्य सम्बंधित प्रयासों को विश्व प्रसिद्ध संस्था “एस डी जी इम्पैक्ट अवार्ड्स” (SDG Impact Awards) जो कि संयुक्त राष्ट्र संघ के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (Sustainable Development Goals) को सपोर्ट करने के लिए ही बनी है, ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है, जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.sdgimpactawards.org/projects/svyam-bane-gopal/

“स्वयं बनें गोपाल” संस्था के बारे में और विस्तार से जानने के लिए कृपया इस वेबसाइट के आर्टिकल्स को पढ़ें ! वैसे गूगल एनलिटिक्स के आंकड़ों के अनुसार “स्वयं बनें गोपाल” समूह की इस वेबसाइट के पाठकों की संख्या विश्व के 174 देशों तक में फ़ैल चुकी है, जबकि पूर्व में यह 169 देशों तक में थी और अगर शहरों की बात करें तो यह पूर्व के 4311 शहरों के आंकड़े से बढ़कर 4601 तक पहुँच गयी है !

treatment in hindi diagnosis ayurveda herbal yoga pranayama asana jadi buti naturopathy medicines causes symptoms hiv 1 2 spread cure prevention yogasana veda mantra tantra yantraइन शहरों में विश्व के सभी बड़े शहरों (जैसे – वाशिंगटन, अबू धाबी, मास्को, सैन फ्रांसिस्को, मियामी, दुबई, लॉस एंजिलिस, बैंकाक, इस्तांबुल, न्यूयॉर्क, जेद्दाह, सिडनी, दोहा, औस्टिन, जोहान्सबर्ग, लन्दन, शिकागो, मस्कट, बीजिंग, ह्यूस्टन, नैरोबी, बोस्टन, शारजाह, अटलांटा, सिंगापुर, डरहम, फिलाडेल्फिया, टोरंटो, ब्रिस्बेन, हॉन्ग कॉन्ग, पर्थ, बर्लिन, ऑक्लैण्ड, रोम, पेरिस, डबलिन, शंघाई, मिलान, सिओल, कंसास सिटी, सेंट पीटर्सबर्ग, कैम्ब्रिज, बेवर्ली हिल्स, कोलंबिया, म्यूनिख, मक्का, होनोलुलू, नई दिल्ली, वेनकुअर, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ आदि आदि) से लेकर छोटे शहरों (जैसे- भागलपुर, समस्तीपुर, रतलाम, कोल्हापुर, बलिया, लुधियाना आदि आदि) तक “स्वयं बनें गोपाल” समूह के पाठक गण मौजूद हैं !

इस वेबसाइट पर विभिन्न सर्च इंजन्स (जैसे गूगल, बिंग आदि) से पहुचने वाले, लाखों नए पाठकों के अतिरिक्त फेसबुक सोशल मीडिया से जुड़ने वाले आदरणीय मित्रों की संख्या भी लगभग 2,75,000 हो चुकी है (नोट- अगर आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह की वेबसाइट के नियमित पाठक हैं लेकिन इसके फेसबुक पेज से नहीं जुड़े हैं, तो कृपया अभी जुड़ें) !

वर्तमान में “स्वयं बनें गोपाल” की वेबसाइट में विभिन्न जीवनोपयोगी महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित 1000 से भी अधिक आर्टिकल्स प्रकाशित हैं ! अभी “स्वयं बनें गोपाल” समूह के अधिकाँश लेख हिंदी भाषा में प्रकाशित हैं और कुछ ही आर्टिकल्स इंग्लिश भाषा में प्रकाशित हैं लेकिन भविष्य में हम सभी लेखों को इंग्लिश के साथ – साथ, फ्रेंच व स्पेनिश भाषा (French & Spanish languages) में भी प्रकाशित करेंगे !

इस वेबसाइट के आर्टिकल्स में वर्णित जानकारियां इतनी ज्यादा दुर्लभ व फायदेमंद होतीं हैं कि कई विशिष्ट व उच्च हस्तियाँ अक्सर इस वेबसाइट में वर्णित जानकारियों का रेफ़रन्स देतें रहतें हैं {जैसे- 2016 में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित पुस्तक “योग शिक्षा” के प्रकाशन में, भारत के जिन प्रसिद्ध योग संस्थानों/प्रयासों (जिनमें- श्री श्री रवि शंकर का आर्ट ऑफ़ लिविंग, श्री बी.के. एस. अयंगर का इलस्ट्रेटेड लाइट ऑन योगा, श्री जग्गी वासुदेव का ईशा योग आदि सम्मिलित हैं) द्वारा योग सामग्री प्राप्त की गयी है उनमें “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान का भी नाम है ! इस पुस्तक का ऑन लाइन वर्जन पढ़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://rmsahimachal.nic.in/Docs/Final%20Yoga%20Module%2021-11-2016.pdf} !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा राष्ट्र भाषा हिंदी के खोये हुए सम्मान को वापस दिलाने का प्रयास, वैश्विक पटल पर भी कितना जबरदस्त रूप से सफल होता जा रहा है इसे आप निन्मलिखित दो उदाहरणों से भी समझ सकतें हैं-

• “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा प्रकाशित हिंदी साहित्य को “ताजिकिस्तान” (Tajikistan) देश की “ताजिक नेशनल यूनिवर्सिटी” (Tajik National University) के उपयोग के लिए इस्तेमाल किया गया है जिसे जानने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.tnu.tj/DisserPhD/6D.KOA-022/YunusiA/YunusiA.pdf (“ताजिक नेशनल यूनिवर्सिटी” 70 साल पुरानी यूनिवर्सिटी है जिसमें लगभग 23 हजार स्टूडेंट पढ़ते हैं और यह राजधानी दुशान्बे में स्थित है) !

• “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा प्रकाशित हिंदी साहित्य को अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक “ट्रेंड्स इन लिंगविस्टिक्स स्टडीज एंड मोनोग्राफ्स” (Trends in Linguistics Studies and Monographs) में प्रकाशित किया गया है ! यह पुस्तक “जर्मन नेशनल लाइब्रेरी” (German National Library) द्वारा प्रकाशित की गयी है और इस पुस्तक में जानकारी दी गयी है उस इंटरनेशनल कांफ्रेंस की जो हिंदी भाषा के अध्ययन से सम्बन्धित है और जिसका आयोजन भारतीय विदेश मंत्रालय व भारतीय दूतावास ने फ़्रांस देश की राजधानी पेरिस में किया था ! इस पुस्तक के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://books.google.co.in/books?id=HItuDwAAQBAJ&pg=PA277&lpg=PA277&dq=%22svyambanegopal%22&source=bl&ots=82yOJCvN78&sig=ACfU3U2zQKOubS9zIS3TvD-L1c7HpOmGGQ&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwjX0vz2-67oAhUt8HMBHWzSCbM4FBDoATAIegQIChAB#v=onepage&q&f=false

विश्व प्रसिद्ध हेल्थ वेबसाइट “सिम्प्टोमा” (Symptoma) भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह के स्वास्थ्य सम्बन्धित लेखो की जानकारियों को अपनी वेबसाइट में इस्तेमाल करती है ! उदाहरण के तौर पर देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें (और ओपेन होने वाले पेज में ब्लू एरो पर क्लिक करने के बाद “मस्तिष्क गुल्म” पर क्लिक करें)- https://www.symptoma.in/hi/ddx/back-pain+cough+headache

विभिन्न बीमारियों के लक्षणों के बारे में जानने के लिए मरीजो व डॉक्टर्स द्वारा “सिम्प्टोमा” वेबसाइट को पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा देखा जाता है ! इस वेबसाइट पर प्रकाशित जानकारी इतनी ज्यादा ऑथेंटिक मानी जाती है कि कई साइंटिफिक अथॉरिटीज भी इसका भरपूर समर्थन करते हैं ! इस वेबसाइट के संस्थापक को यूरोपियन संसद (European Parliament) और जर्मनी देश की संसद (German Bundestag) में भी वक्तव्य देने के लिए आमंत्रित किया जा चुका है !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी को “सी आई वी आई सी यू एस” (www.civicus.org) संगठन ने भी अपने मेम्बर (सदस्य) के तौर पर जोड़ लिया हैं ! यह संगठन पूरे विश्व के सिविल सोसाइटीज व वालंटियर्स (स्वयं सेवी संस्थाओं व स्वयं सेवकों) का 25 वर्षों से भी ज्यादा पुराना संगठन है ! इस संगठन की हेड ऑफिस जोहान्सबर्ग में स्थित है और 175 देशों में स्थित वे प्रसिद्द संस्थाएं व स्वयं सेवक इससे मेम्बर (सदस्य) के तौर पर जुड़े हुए हैं जो अपने अद्भुत सेवा कार्यो के लिए प्रसिद्द हैं !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के पर्यावरण से सम्बन्धित प्रोजेक्ट “सेव आवर प्लेनेट (Save Our Planet)” के कार्यों से प्रभावित होकर “संयुक्त राष्ट्र संघ” के पर्यावरणीय विभाग (United Nations Environment; www.worldenvironmentday.global) द्वारा, हमारे प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) को “वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे हीरो” (World Environment Day Hero) चुना गया था ! जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें – https://www.svyambanegopal.com/wp-content/uploads/2019/05/World-Environment-Day-Hero-Parimal-Parashar-certificate-by-United-Nations-Environment.pdf !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के अध्यक्ष श्री परिमल पराशर जी संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “यूनाइटेड नेशन्स वालंटियर्स” और “यूनाइटेड नेशन्स ऑनलाइन वालंटियरिंग” से भी एक स्वयं सेवक के तौर पर जुड़े हुए हैं !

इस वर्ष कोरोना वायरस के चलते हुए विश्वव्यापी लॉक डाउन की वजह से संयुक्त राष्ट्र संघ ने लगभग अपनी सारी कांफेरेंसेस व मीटिंग्स (Conferences & Meetings) को ऑनलाइन अर्थात वेबिनार (Webinar) के रूप में परिवर्तित कर दिया है ! “स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी इस वर्ष भी संयुक्त राष्ट्र संघ की कई वेबिनार्स (Webinars) में भाग लेने के लिए आमंत्रित थे, जिनमें से कुछ मीटिंग्स को संयुक्त राष्ट्र संघ ने ‘हाई लेवल’ की मीटिंग्स (High Level Meetings) का दर्जा प्रदान किया था !

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संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस वर्ष अपनी 75 वी वर्षगाँठ पर विशेष रूप से आयोजित “युवा महा अधिवेशन” (United Nations Youth Plenary and ECOSOC Youth Forum) में पूरे विश्व से उन चुनिन्दा युवा लीडर्स को आमंत्रित किया गया था जिन्होंने समाज की दिशा व दशा बदलने में अपने द्वारा की गयी अथक मेहनत से, विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है ! “स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी भी इस “युवा महाधिवेशन” में आमंत्रित थे !

श्री परिमल पराशर जी को संयुक्त राष्ट्र संघ के “जनरल असेंबली” के प्रेसिडेंट- महामहिम श्री “तिजानी बांदे” (HIS EXCELLENCY MR. TIJJANI BANDE, President of the United Nations General Assembly) ने खुद अपने द्वारा हस्ताक्षरित निमंत्रण पत्र भेजवाया था, जिसमें महामहिम श्री “तिजानी बांदे” ने, श्री परिमल पराशर जी के बारे में लिखा था- “We have the honour to invite you to attend the United Nations Youth Plenary” अर्थात “यह हमारे लिए सम्मान की बात है कि हम आपको संयुक्त राष्ट्र संघ के युवा महा अधिवेशन में आमंत्रित कर रहें हैं”

“जनरल असेंबली” संयुक्त राष्ट्र संघ का बजट निर्धारित करती है तथा संयुक्त राष्ट्र संघ से जुड़े सभी देशों द्वारा प्राप्त होने वाले धन रुपी सहयोग का भी निर्धारण करती है इसलिए इस असेंबली की कांफेरेंसेस में सभी देशो के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री खुद नियमित रूप से भाग लेते रहते हैं और इन कांफेरेंसेस की अध्यक्षता करते हैं “जनरल असेंबली” के प्रेसिडेंट जो कि वर्तमान में हैं महामहिम श्री “तिजानी बांदे” !

“जनरल असेंबली” कैसे चलती है यह देखने के लिए निम्नलिखित 3 विडियोज को देखें जिसमें दिखाया गया है कि कैसे अमेरिका के राष्ट्रपति श्री डॉनल्ड ट्रम्प “जनरल असेंबली” में खड़े होकर अपनी बातों को रख रहें हैं और उनके ठीक ऊपर मंच पर अध्यक्ष की मुख्य कुर्सी पर बैठे हुए हैं श्री “तिजानी बांदे” और उनकी बगल वाली कुर्सी पर बैठे हुए है संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव श्री “एंटोनियो गुटेरेस”-
https://www.youtube.com/watch?v=KJnLNUrrffU

https://www.youtube.com/watch?v=5xk6h0EkznY

https://www.youtube.com/watch?v=PqYPzyH1-UM

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के सेवा कार्यों की, कई विश्व स्तरीय संस्थाओं के विभागों (जिसमें से कई “संयुक्त राष्ट्र संघ” के हैं) ने सराहना की है, जैसे- “वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन” (World Trade Organization; www.wto.org) के “इनफार्मेशन एंड एक्सटर्नल रिलेशन्स विभाग” (Information and External Relations Division) द्वारा, “द बी टीम” (THE B TEAM; http://www.bteam.org) के “ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट” द्वारा, “डब्ल्यू डब्ल्यू ऍफ़” (WWF; World Wildlife Fund; https://www.worldwildlife.org) द्वारा, “ह्यूमन सिक्यूरिटी यूनिट” (HUMAN SECURITY UNIT; https://www.un.org/humansecurity/human-security-unit/), “यूनोप्स” (UNOPS; United Nations Office for Project Services; www.unops.org) के “एथिक्स एंड कंप्लायंस ऑफिसर” (Ethics and Compliance Officer) द्वारा, “यू एन फाउंडेशन” (UN Foundation; https://unfoundation.org/) द्वारा, “वन ड्राप” (One Drop; https://www.onedrop.org/en/) द्वारा, “चैरिटी वाटर” (Charity Water; https://my.charitywater.org/) द्वारा, “फ़ेडरल इंस्टिट्यूट फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग” (Federal Institute for Vocational Education and Training; https://www.bibb.de/), “ऑस्ट्रियन डेवलपमेंट एजेंसी” की ऑपरेशनल यूनिट (Operation Unit of “Austrian Development Agency; https://www.entwicklung.at/), “डायरेक्टरेट फॉर डेवलपमेंट कोऑपरेशन” (Directorate for Development Cooperation- Norad; https://norad.no/), “यू एन 75 क्लाइमेट एक्शन & रेसिलिएंट कम्युनिटीज कोआर्गेनाइजर्स” (UN 75 Climate Action & Resilient Communities Co-Organizers), स्वीडन देश के संसद के लिए काम करने वाली संस्था “सीडा” (Swedish International Development Cooperation Agency- Sida; https://www.sida.se/Svenska/), “साईट सेवर्स” संस्था (Sight Savers; https://www.sightsavers.org/), “ग्लोबल विमेंस इंस्टिट्यूट” (Global Women’s Institute; https://globalwomensinstitute.gwu.edu/) आदि (कृपया विस्तृत जानकारी के लिये, “स्वयं बनें गोपाल” समूह के लेखो को पढ़ें) !

सारांशतः हम यही बताना चाहेंगे कि “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान एक सामूहिक प्रयास है, मानवता पूर्ण विचारों के अधिक से अधिक प्रचार प्रसार के लिए, जिससे पूरी मानव जाति का चहुँमुखी विकास सुनिश्चित हो सके !

जैसे “श्री गोपाल” का पूरा जीवन दूसरों के दुःख हरने में बीता उसी तरह, उन्ही परम आदरणीय श्री गोपाल के सर्व हित व सर्व सेवा के आदर्शों को अपना परम लक्ष्य मानते हुए, “स्वयं बनें गोपाल” समूह का भी यही पूर्ण प्रयास रहता है कि कैसे इस निराशा से पीड़ित समाज को शांत, सौम्य और सुखी बनाने में अधिक से अधिक सहायक हो सके !

अतः “स्वयं बनें गोपाल” ऐसे ही उत्साही और मेहनती लोगो का समूह है जो अपने स्टेटस और क्वालिफिकेशन को तब तक हाई नहीं, व्यर्थ मानते है जब तक उनकी पढ़ाई, उनका बिज़नेस किसी भूखे के पेट में खाना ना डाल सके या निरीह जीवो की सेवा ना कर सके !

ऐसे काम करने से तुरंत अपने मन में सुख मिलता है इसलिए हर अच्छा आदमी अपनी जिंदगी में ऐसे अच्छे काम जरूर करना चाहता है पर वास्तविकता में रोजमर्रा के कामो में ही उलझ कर आदमी की जिंदगी का एक एक दिन बहुत तेजी से बीतता चला जाता है और अन्त समय अपनी मृत्यु शय्या पर सोच – सोच कर दुखी होता है कि उसने एक मानव शरीर पाकर भी सिर्फ जानवरो की तरह अपना पूरा जीवन अपने और अपने परिवार के खाना, पीना, बच्चे पैदा करना और घर सजाने में ही बिता दिया !

पर उस समय दुखी होने से कोई लाभ नहीं होता क्योकि जीवन के दीपक में तेल ख़त्म हो चुका होता है !

treatment in hindi diagnosis ayurveda herbal yoga pranayama asana jadi buti naturopathy medicines causes symptoms hiv 1 2 spread cure prevention yogasana veda mantra tantra yantraनिष्कर्षतः “स्वयं बनें गोपाल” उन्ही दूरदर्शी लोगो का समूह है जो अपनी मृत्यु शय्या पर विलाप नहीं हर्षित होना चाहते है कि, हाँ, हमने अपना जीवन सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दूसरो के लिए भी जीया है !

आज के समय में निरीह, गरीब, परेशान बहुत हैं लेकिन उनकी मदद करने वाले बहुत ही थोड़े से ! अतः सर्वत्र फैली हुई ऐसी हृदय विदारक स्थिति में “स्वयं बनें गोपाल” समूह पूरे आदर के साथ अनुरोध और आवाहन करता है, विश्व के सभी नागरिकों से कि, वे अपने अंदर के “गोपाल” को जगायें और, “स्वयं बनें गोपाल” !

“गोपाल” वो होता जिसका अपनी “गो” अर्थात “इन्द्रियों” (अर्थात स्वार्थी मानसिकता) पर नियन्त्रण होता है और ऐसा ही परोपकारी व्यक्ति, बिना अपने किसी फायदे के, सिर्फ दूसरों की भलाई के लिए हर उचित प्रयास कर सकता है !

“गोपाल” वो भी होता जो “गो” (अर्थात भारतीय देशी गाय माता) को साक्षात देवी का रूप मानकर, बड़े आदर से उनका पालन पोषण करता है क्योकि सारे वेद पुराण में गाय माता का दर्जा भगवान के ही समकक्ष ही बताया गया है !

indian cow urine krishna gomata radha braj vrindavan gomutra गोमूत्र भारतीय देशी गाय माता की नस्लइसलिए गाय माता को पूरे विश्व की माता (अर्थात “जगत माता”) बताते हुए कहा गया है कि अकेले गोबर व गोमूत्र (Indian Desi breeds cow Gomutra or urine and Dung) के प्रयोग से ही खेती की पैदावार इतनी ज्यादा निश्चित बढ़ाई जा सकती है कि पूरे विश्व में कभी भी, किसी भी प्राणी को भूख की असहनीय अग्नि में जलने की नौबत ही ना आने पाए और साथ ही साथ शुद्ध देशी नस्ल की गाय माता का दूध व मूत्र (Cow milk & Gomutr) लगभग हर बिमारी में बहुत ही फायदा है !

ये निश्चित रूप से “स्वयं बनें गोपाल” समूह की अनंत ममतामयी गोमाता के प्रति अनन्य भक्ति का ही परिणाम है कि “स्वयं बनें गोपाल” समूह सेवा के हर क्षेत्र में विश्व पटल पर आश्चर्यजनक तेजी से उभरता जा रहा है इसलिए “स्वयं बनें गोपाल” समूह अपने सभी आदरणीय पाठको से पुनः विनम्र निवेदन करता है कि वे साक्षात् जगत माता अर्थात गोमाता की प्रचंड महिमा को पहचाने और अपनी दिनचर्या में से प्रतिदिन थोड़ा समय निकालकर गोमाता की किसी ना किसी प्रकार से सेवा करना ना भूलें ताकि आपको इस लोक के साथ – साथ परलोक में भी भगवान श्रीकृष्ण के निज धाम “गोलोक” में अनंत सुख मिले !

गोमाता भले ही हम मूर्ख मानवो की उपेक्षा का शिकार होकर सर्वत्र कूड़ा खाने से लेकर अन्य सैकड़ो किस्म की दारुण तकलीफे झेल रही हों, लेकिन आज भी भारतीय देशी गाय माता के शरीर में साक्षात् भगवान श्री ब्रह्मा, श्री विष्णु, श्री शिव और माँ सरस्वती, माँ लक्ष्मी व माँ काली समेत सभी देवी देवताओ का निश्चित निवास है इसलिए भारतीय देशी गाय माता को चलता फिरता महाचमत्कारी सिद्ध मंदिर कहा जाता है !

इस आश्चर्यजनक पहलू का परम आदरणीय ऋषि सत्ता भी समर्थन करते हुए बताते है कि,- ये तो तय है कि जो कोई भी गोमाता की सेवा भक्ति भाव (अर्थात केवल दूध, मूत्र या गोबर पाने के स्वार्थ भाव से नहीं) से करता है उसकी सभी उचित मनोकामना, उचित समय आने पर निश्चित पूरी होकर ही रहती हैं और साथ ही साथ मृत्यु के पश्चात् भगवान श्री कृष्ण के निवास स्थल “गोलोक” में अनंतकाल के लिए महासुख भी मिलता है !

अतः अगर आप अपनी या अपने परिवार की किसी एक समस्या या कई समस्याओं से आखिरी परेशान हो चुके हों और उससे निजात पाने का आपको कोई उपाय समझ ना आ रहा हो तो आप इधर – उधर व्यर्थ भटकने में समय बर्बाद करने की बजाय, भक्ति व समर्पण भाव से आईये साक्षात् जगदम्बा स्वरूपा गोमाता की शरण में और तुरंत से महसूस करिए एक अद्भुत शान्ति और अनजाना आश्वासन जो अंततः आपको आपकी समस्या से मुक्ति दिलवाकर ही छोड़ेगा (गाय माता के अन्य सैकड़ो आश्चर्यजनक फायदों को जानने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- जगदम्बा स्वरूपा, कृष्ण माता अर्थात भारतीय देशी गाय माता के सैकड़ों आश्चर्य जनक सत्य फायदे) !

अतः “स्वयं बनें गोपाल” अति विनम्रता के साथ बारम्बार, सबसे यही निवेदन करता है कि, जो पूरे विश्व में जहां कहीं भी है, वो वहीँ पर रहकर अधिक से अधिक परपीड़ा शमनार्थ निरन्तर प्रयास करता रहे और साथ ही साथ पूरे मानव जगत से भुखमरी व बिमारी के स्थायी निदान के लिए अति आवश्यक “जगत माता” स्वरुप गाय माता की भुला दी गयी दिव्य महिमा के पुनरुत्थान में सहायक भी हो सके !

अतः यदि आपका मन भी निसहाय, लाचार और निराश्रित लोगों को देख व्यथित व बेचैन हो उठता है तो कृपया आप हमारे इस प्रयास से अवश्य जुड़े !

अंततः “स्वयं बनें गोपाल” समूह पूरे विश्व से सादर प्रार्थना करता है योग के साथ साथ पूरी तरह से शाकाहार अपनाने की, क्योंकि शाकाहार ही सदाचार की वो प्रथम सीढ़ी है जिससे हृदय में एक स्थायी प्रसन्नता का अवतरण संभव हो पाता है और यही स्थायी प्रसन्नता ही सभी तरह की उदिग्नता को शांत कर सभी अपराधिक मानसिक प्रवृत्तियों का नाश कर सकती है ताकि एक सौ प्रतिशत अपराध मुक्त समाज का निर्माण संभव हो सके !

जिसका एक बड़ा उदाहरण यह भी है कि चाहे कितना भी बड़ा अपराधी क्यों ना हो, अगर उसे नियमित रूप से लम्बे समय तक सात्विक खाना (जैसे- दाल, चावल, रोटी, सब्जी, देशी घी आदि) खिलाया जाए और नियमित योग भी कराया जाए तो यह असम्भव है कि वह भविष्य में कोई दुर्दान्त अपराध कर पाने की हिम्मत जुटा सके क्योंकि योग व शाकाहार के सम्मिलित अभ्यास से आत्मिक बल इतना ज्यादा मजबूत हो जाता है कि व्यक्ति कभी भी अपराध के रास्ते पर जा ही नहीं सकता जबकि वहीँ दूसरी तरफ किसी शांत सज्जन आदमी को भी अगर रोज तामसिक खाना (जैसे मांस, मछली, अंडा, शराब, बियर आदि) नियमित खिलाया जाए तो बहुत संभव है कि वह सज्जन व्यक्ति भी, कभी भी जाने अनजाने कोई ऐसा जघन्य पाप (जैसे- हत्या, बुरी तरह मारपीट करना, बलात्कार आदि) कर दे जो वो पहले कभी सोच भी नहीं सकता था ! इसलिए परम आदरणीय हिन्दू धर्म का यह कथन “जैसा अन्न वैसा मन” एकदम सही है !

इसके अतिरिक्त निर्दोष जानवरों की जब हत्या होती है तो उनके दिल से भयंकर श्राप निकलता है जो उन्हें मारने वाले कसाईयों और उनकी लाशों के मांस खाने वाले लोगों दोनों का लगता है जिसकी वजह से ऐसे लोगों की जिंदगी में आये दिन ऐसी समस्याएं (जैसे कठिन बीमारियाँ, एक्सीडेंट, कर्जा, गरीबी, अपमान आदि किसी भी रूप में) पैदा होती रहतीं हैं जों उन्हें खून के आंसू रुलाती हैं ! जबकि शाकाहारी के जीवन में, किसी मांसाहारी की तुलना में बहुत ज्यादा सुख शान्ति प्रसन्नता निश्चित तौर पर बनी रहती है ! इसलिए मांसाहार करना तुरंत छोड़ देना चाहिए !

खुद भी शाकाहार करिए और दूसरों को भी शाकाहार अपनाने के लिए प्रेरित करिए क्योंकि अगर आपकी प्रेरणा से कभी किसी एक निर्दोष जानवर की हत्या होने से बच गयी तो इसका महा पुण्य आपको जरूर मिलेगा जो आपके इस लोक व परलोक में बहुत काम आएगा !

(नोट- अगर मांस, मछली या अंडा आदि खाने का बार बार मन करता हो तो कृपया नीचे दिए गए आर्टिकल के लिंक को क्लिक कर पढ़ें और उसमें बताये गए बेहद आसान तरीके को मात्र 5 मिनट सुबह व रात में करने से, ना केवल मांस खाने की आदत बल्कि अन्य सभी तरह की बुरी आदतों से मात्र 40 दिनों में ही छुटकारा निश्चित मिलने लगता है और साथ ही साथ सभी तरह की बीमारियों व सभी समस्याओं का भी नाश धीरे धीरे होने लगता है और इतना ही नहीं बल्कि सभी उचित मनोकामनायें भी उचित समय आने पर निश्चित पूरी होकर ही रहती है ! इस आर्टिकल को पढने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- सभी बिमारियों, सभी मनोकामनाओं व सभी समस्याओं का निश्चित उपाय है ये )

अतः “स्वयं बनें गोपाल” और अपने परिवार को भी बनाएं “गोपाल” !

जय हिन्द ! जय भारत माँ ! वन्दे मातरम् !

धन्यवाद (Thanks & Regards),

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