वो अनजाना कर्ज

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जिस माता ने तुम्हे जन्म दिया

अपनी अमृतमय दूध की बूंदों से

तुम्हे सिंचित किया

अपनी जन्मदायिनी माँ

के दूध का कर्ज तुम्हे

जब याद रहा

फिर उस गोमाता के

दूध का कर्ज  कैसे

तुम भूल गए

जिसका दूध तुमने उम्र भर पिया

जिस पल तुमने

654गोमाता को बधशाला

भेज दिया उसी पल से

उस माता के रोमकूप से

निकले श्राप से

तुम हर पल घिरते रहे

पर हाय !!

आज भी तुम उससे अनजान रहे !

लेखिका –
श्री देवयानी

(सभी देश भक्तों से “स्वयं बने गोपाल” समूह का विनम्र आवाहन है कि वे सभी सम्भव माध्यम से उन झूठे सांसदों पर लगातार दबाव बनायें जो मुंह पर तो राष्ट्र के विकास की बात करते हैं लेकिन पीठ पीछे विदेशों में गोमांस की बेहद भारी डिमांड की पूर्ति करने वाली खुरापाती शक्तियों की मदद करने के लिए मोदी जी द्वारा गोहत्या पर कड़े नियम बनाने में बार बार विघ्न डालते हैं)

(श्री देवयानी की अन्य रचनाओं को पढ़ने के लिए, कृपया नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें)-

वो अपने

माँ

सिर्फ अपनी ख़ुशी की तलाश बर्बाद कर रही है अपने अंश की ख़ुशी

सर्वे से पता चली ऐसी सीधी वजह, जिसे मानते बहुत लोग हैं, पर स्वीकारते कम लोग हैं

(आवश्यक सूचना – “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट में प्रकाशित सभी जानकारियों का उद्देश्य, सत्य व लुप्त होते हुए ज्ञान के विभिन्न पहलुओं का जनकल्याण हेतु अधिक से अधिक आम जनमानस में प्रचार व प्रसार करना मात्र है ! अतः “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि इस वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक, एक्यूप्रेशर तथा अन्य किसी भी प्रकार के उपायों व जानकारियों को किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक, योगाचार्य, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट तथा अन्य सम्बन्धित विषयों के एक्सपर्ट्स से परामर्श अवश्य ले लें क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं)



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