Category: आपबीती सच्चे अनुभव

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 23 (अनेक अपत्तियों से छुटकारा)

श्री आर.वी. बेद घाटकोपर लिखते हैं कि एक साल पहले मेरे ऊपर कई कानूनी मुकदमे चल रहे थे, सब तरफ से परेशानी थी, आर्थिक नुकसान हो रहा था और बहुत समय से बीमारी चली...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 22 (भयंकर मुकदमे से मुक्ति )

ठा. जंगजीतसिंह राठोर, रानीपुरा, लिखते हैं कि हमारे ताऊजी एक अजनबी आदमी से कुछ जेवर सस्तेपन के लोभ में आकर खरीद लिया था। यह षडय़ंत्र हमारे एक शत्रु का था वह बड़ा बदमाश, डाकुओं...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 21 (घातक अनिष्ट से प्रतिरक्षा)

श्री आनन्द स्वरुप श्रीवास्तव, गोहाड़, लिखते हैं कि ता. 26 मई 51 को हमारे चाचा जाद भाई अपने यहाँ शादी के अवसर पर लिवाने आये थे। अम्माजी तथा चाची जी को लेकर हम लोग...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 20 (बन्ध्या को सन्तान मिली)

श्री राधावल्लभ तिवारी, बहावलपुर लिखते हैं कि मेरा विवाह चौदह वर्ष की आयु में हुआ था। स्त्री सात महीने छोटी थी। इस विवाह को हुए 16 साल बीत गये हम लोगों की आयु तीस...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 19 (सुसन्तति के लिए गायत्री साधना)

श्री परमानन्द जी ढावर, पंढारी लिखते हैं कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन जिसका होगा उसमें सन्तानोत्पत्ति की स्वाभिव क्षमता होगी। शरीर या मन को रोगी होने के कारण ही सन्तानोपत्ति में बाधा पड़ती...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 18 (बिछुड़े हुए बालक का पुनर्मिलन)

श्री जीवन लाल वर्मा, सरसई का कहना है यदि छोटे बालक, भावुक हृदय माता-पिता की आँखों के तारे होते हैं। जब पशु-पक्षी तक अपने बालकों को इतना प्यार करते हैं तो बुद्घिजीवी मनुष्यों में...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 17 (निराशा में आशा की किरण)

श्री अयोध्या प्रसाद दीक्षित, कानपुर से लिखते हैं कि मेरी धर्मपत्नी ने अपने विवाह से पूर्व हिन्दी मिडिल किया था। इस बात को एक लम्बी मुद्दत बीत गई। विवाह के उपरान्त वह घर गृहस्थी...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 16 (गायत्री के अनुग्रह का परिचय)

श्री अम्बाशंक गोविन्द जी व्यास, जूनगढ़ ने लिखा है कि परिस्थितियोंवश में स्कूली शिक्षा बहुत ही कम प्राप्त कर सका। कक्षा चार उत्तीर्ण करने के बाद रोटी कमाने की चिन्ता हुई और 12 रुपया...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 15 (गायत्री द्वारा सुसंति की प्राप्ति)

पं. श्रीकृष्ण शुक्ल, देहली का कहा है कि गायत्री का आश्रय से मनुष्य सब कुछ प्राप्त कर सकता है। कोई वस्तु नहीं जिसे गायत्री साधक प्राप्त न कर सके। अनुभवी लोगों ने ऐसा ही...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 14 (साधना के प्रारम्भिक अनुभव)

गिरीशदेव वर्मा, बहरायच, लिचाते हैं कि जब मैं पांच वर्ष का था तभी पिता जी ने मुझे गायत्री शिक्षा देना आरम्भ कर दिया था। वे जब संध्या करते थे तो मुझे पास बिठा लेते...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 13 (साधना के पथ पर)

पं. राधेमोहन मिश्र, वैघ बहरायच, लिखते हैं कि मेरी प्रकृति अपनी बाल्यावस्था से ही आध्यात्मवाद की ओर रही। मुझे ऐसे मित्र तथा मार्ग-प्रदर्शक मिलते गये जिनसे और सहायता मिलती गयी। घर में अपने वयोवृद्घों...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 12 (असाध्य बीमारियों से छुटकारा)

ठा. रामकरणसिंह वैद्य, जफरापुरा, लिखते हैं कि कुछ वर्ष पूर्व मेरी स्त्री को संग्रहणी रोग हुआ था, बहुत चिकित्सा की पर कुछ लाभ न हुआ। दो वर्ष इस रोग से ग्रसित रहने के कारण...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 11 (शत्रुओं का षडय़ंत्र विफल)

श्री गोकुलचन्द सक्सेना, खडग़पुर, लिखते हैं कि हमारे लोको दफ्तर के हैडक्लर्क और सुपरिटेण्डेण्ट से एक बार मेरी गरमा-गरम बहस हो गई। आपस में अशिष्ठ और अवांछनीय शब्दों का भी प्रयोग हो गया। उस...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 10 (गायब लड़के का लौटना)

श्री विनोद बिहारी गर्ग, विशनगढ़ का कहना है कि आजकल शहरों में बच्चों की सुरक्षा भी एक पेचीदा समस्या है। लड़के स्कूल में पढऩे जाते हैं, वहां कोई जन्मजात दुष्ट प्रकृति के ऐसे लड़के...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 9 (आश्चर्यजनक अनुभव)

चौधरी अमरसिंह जी, इन्दौरा लिखते हैं कि अन्य साधनाओं की अपेक्षा मैं गायत्री मंत्र को इस वास्ते महव देता हूं कि जब मैं इस साधन के पूर्व अन्य प्रणालियां से साधना करता रहा तो...

गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 8 (माँ गायत्री का जादू)

श्रीमती चन्द्रकान्ता जेरथ बी.ए. दिल्ली लिखतीं हैं कि मुझे बचपन से ही गायत्री मन्त्र सिखाया गया था सो स्नान के बाद इसका 108 बार उच्चारण करने का स्वभाव हो गया था। पिता जी से...