“स्वयं बनें गोपाल” समूह के स्वयं सेवक सम्मिलित होंगे “संयुक्त राष्ट्र संघ” (United Nations) की मीटिंग्स व कांफेरेंसेस में

आप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम,

“स्वयं बनें गोपाल” संस्थान बड़े हर्ष से आपको सूचित कर रहा है कि “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान द्वारा निरंतर विश्व के सर्वोन्मुखी विकास के लिए चलाये जा रहे वैचारिक अभियान का असर, अब वैश्विक पटल पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है !

क्योंकि विश्व के सबसे बड़े और सबसे शक्तिशाली माने जाने वाले मंच, अर्थात “संयुक्त राष्ट्र संघ” की विश्व निर्माण के विभिन्न आयामों से सम्बन्धित मीटिंग्स व कांफेरेंसेस (United Nations Meetings & Conferences) में भी “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान के स्वयं सेवक सम्मिलित होने वाले हैं अपनी उचित भूमिका को दमदारी से निभाने के लिए !

वैसे तो संयुक्त राष्ट्र संघ के बारे में आज थोड़ी – बहुत जानकारी तो सभी को है लेकिन जिन्हें अभी भी इस संस्था के बारे में नहीं पता है, उन्हें हम बताना चाहेंगे कि संयुक्त राष्ट्र संघ, एक ऐसी वैश्विक सरकारी संस्था है जो दुनियाभर के देशों (193 देशों) से मिलकर बनी है और इसका मुख्य कार्य दुनियाभर में शांति व सुरक्षा बनाए रखते हुए विश्व के चहुमुखी विकास के लिये प्रयास करना है !

इसलिए पूरे विश्व में चाहे, किसी भी देश की मनमानी करने का मुद्दा हो या कोई भी अंतर्राष्ट्रीय समस्या, सुझाव या अवसर की विवेचना हो, संयुक्त राष्ट्र संघ की राय ही सर्वमान्य मानी जाती है !

संयुक्त राष्ट्र संघ में अलग – अलग काउंसिल बनी हुई है जो अलग – अलग कार्यों को विश्वस्तर पर देखती है ! संयुक्त राष्ट्र संघ में सिक्योरिटी काउंसिल, इकोनॉमिक व सोशल काउंसिल और दूसरी कमेटियां भी बनी हुईं है, जिनकी अलग – अलग जिम्मेदारियाँ होतीं है !

आईये हम बतातें हैं संयुक्त राष्ट्र संघ की कुछ ऐसी विश्वव्यापी विशिष्ट संस्थाओं व उनके मुख्यालयों के बारें में जो अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए पूरे विश्व में कार्यरत हैं-

डब्ल्यु एच ओ (वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन) – विश्व स्वास्थ्य संगठन (स्विट्ज़रलैंड, जेनेवा)

डब्ल्यु बी (वर्ल्ड बैंक) – विश्व बैंक (संयुक्त राज्य अमेरिका, वाशिंगटन)

यूनेस्को – संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (फ़्रान्स, पैरिस)

आईएईए – अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण (ऑस्ट्रिया, वियना)

आईसीएओ – अंतर्राष्ट्रीय नगर विमानन संगठन (कनाडा, मॉन्ट्रियल)

आईएफएडी – अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (इटली, रोम)

एफएओ – खाद्य एवं कृषि संगठन (इटली, रोम)

आईएलो – अंतर्राष्ट्रीय श्रम संघ (स्विट्ज़रलैंड, जेनेवा)

आईएमओ – अंतर्राष्ट्रीय सागरीय संगठन (यूनाइटेड किंगडम, लंदन)

आईटीयू – अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (स्विट्ज़रलैंड, जेनेवा)

आईएमएफ – अंतर्राष्ट्रीय मॉनीटरी फंड (संयुक्त राज्य अमेरिका, वाशिंगटन)

डब्ल्युटीओ – विश्व पर्यटन संगठन (मैड्रिड, स्पेन)

यूएनआईडीओ – संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (ऑस्ट्रिया, वियना)

यूपीयू – वैश्विक डाक संघ (स्विट्ज़रलैंड, बर्न)

डब्ल्यु एफपी – विश्व खाद्य कार्यक्रम (इटली, रोम)

डब्ल्युआईपीओ – वर्ल्ड इन्टलेक्चुअल प्रोपर्टी ऑर्गनाइजेशन (स्विट्ज़रलैंड, जेनेवा)

डब्ल्युएमओ – विश्व मौसम संगठन (स्विट्ज़रलैंड, जेनेवा)

ऐसे ही संयुक्त राष्ट्र संघ की स्विट्ज़रलैंड, अमेरिका, ब्राजील व थाईलैंड में होने वाली 5 विश्वस्तरीय मीटिंग्स व कांफेरेंसेस में “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर (Mr. Parimal Parashar) जी को भी पार्टिसिपेट करना है ! ये सारी मीटिंग्स व कांफेरेंसेस जून से सितम्बर (June – September 2019) महीने के मध्य में होनी हैं !

स्विट्ज़रलैंड के जेनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के हेडक्वाटर में होने वाली दोनों कांफेरेंसेस विकास के एजेंडा पर आधारित है जिसमें अनुमानतः पूरे विश्व से लगभग 200 लोग सम्मिलित होंगे (United Nations conferences in Geneva headquarters, Switzerland) !

यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका के साल्ट लेक सिटी में होने वाली कांफ्रेंस, संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आयोजित अढ़सठवीं सिविल सोसाइटीज की वार्षिक कांफ्रेंस है (68th United Nations Civil Society Conference in Salt Lake City, USA) जिसका एजेंडा मूलतः, विश्व में बढ़ते शहरीकरण से उत्पन्न, जीवनोपयोगी सुविधाओं के अभाव के ठोस हल पर आधारित है, और जिसमें विश्व के लगभग 100 देशों के 500 स्वयं सेवी संगठन (NGOs) शामिल होने जा रहें हैं !

उपर्युक्त वर्णित तीनों कांफेरेंसस के अतिरिक्त ब्राजील देश के साल्वाडोर शहर और थाईलैंड देश के बैंकॉक शहर में होने वाली संयुक्त राष्ट्र संघ की विश्वस्तरीय मीटिंग (लैटिन अमेरिका, कैरेबियन व एशिया पैसिफिक) जलवायु परिवर्तन पर आधारित है (Latin America & Caribbean and Asia-Pacific Climate ; United Nations meeting in Salvador, Brazil and Bangkok, Thailand) जिनमें भी “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी को सम्मिलित होना है ! बैठकों में सम्मलित होने से पूर्व, “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान, परम आदरणीय गो माता, और आप सभी आदरणीय पाठकों से शुभाशीष प्राप्त करने की भी आकांछा रखता है !

जय हो परम आदरणीय गौ माता की !
वन्दे मातरम् !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह, “संयुक्त राष्ट्र संघ” के विभिन्न विश्वस्तरीय उपक्रमों से पार्टनर, मेंबर व स्टेकहोल्डर आदि के तौर पर भी जुड़ चुका है जिनके बारे में जानने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- वसुधैव कुटुंबकम्

कृपया हमारे फेसबुक पेज से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

कृपया हमारे यूट्यूब चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

कृपया हमारे ट्विटर पेज से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

कृपया हमारे ऐप (App) को इंस्टाल करने के लिए यहाँ क्लिक करें


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण से संबन्धित आवश्यक सूचना)- विभिन्न स्रोतों व अनुभवों से प्राप्त यथासम्भव सही व उपयोगी जानकारियों के आधार पर लिखे गए विभिन्न लेखकों/एक्सपर्ट्स के निजी विचार ही “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट/फेसबुक पेज/ट्विटर पेज/यूट्यूब चैनल आदि पर विभिन्न लेखों/कहानियों/कविताओं/पोस्ट्स/विडियोज़ आदि के तौर पर प्रकाशित हैं, लेकिन “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान और इससे जुड़े हुए कोई भी लेखक/एक्सपर्ट, इस वेबसाइट/फेसबुक पेज/ट्विटर पेज/यूट्यूब चैनल आदि के द्वारा, और किसी भी अन्य माध्यम के द्वारा, दी गयी किसी भी तरह की जानकारी की सत्यता, प्रमाणिकता व उपयोगिता का किसी भी प्रकार से दावा, पुष्टि व समर्थन नहीं करतें हैं, इसलिए कृपया इन जानकारियों को किसी भी तरह से प्रयोग में लाने से पहले, प्रत्यक्ष रूप से मिलकर, उन सम्बन्धित जानकारियों के दूसरे एक्सपर्ट्स से भी परामर्श अवश्य ले लें, क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं ! अतः किसी को भी, “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट/फेसबुक पेज/ट्विटर पेज/यूट्यूब चैनल आदि के द्वारा, और इससे जुड़े हुए किसी भी लेखक/एक्सपर्ट के द्वारा, और किसी भी अन्य माध्यम के द्वारा, प्राप्त हुई किसी भी प्रकार की जानकारी को प्रयोग में लाने से हुई, किसी भी तरह की हानि व समस्या के लिए “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान और इससे जुड़े हुए कोई भी लेखक/एक्सपर्ट जिम्मेदार नहीं होंगे ! धन्यवाद !