संयुक्त राष्ट्र संघ के कई नए विश्वप्रसिद्ध उपक्रमों का पार्टनर व मेम्बर बना “स्वयं बनें गोपाल” समूह

आप सभी आदरणीय पाठको को प्रणाम,

संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “फ़ूड एंड एग्रीकल्चरल आर्गेनाइजेशन” (Food and Agricultural Organisation of the United Nations) के उपक्रम “ग्लोबल स्वायल पार्टनरशिप” (Global Soil Partnership) ने “स्वयं बनें गोपाल” समूह को अपना पार्टनर (Partner) नियुक्त किया है ! “ग्लोबल स्वायल पार्टनरशिप” की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- http://www.fao.org/global-soil-partnership/partners/gsp-partners/en/

“ग्लोबल स्वायल पार्टनरशिप” (अर्थात वैश्विक मृदा साझेदारी) उन सभी संस्थाओं के साथ मिलकर कार्य करती है जो पर्यावरण के सबसे जरूरी स्तम्भ अर्थात मृदा (यानी मिट्टी) के सरंक्षण व संवर्धन के लिए किसी ना किसी रूप में बेहद प्रभावकारी साबित हो रहे हों ! “ग्लोबल स्वायल पार्टनरशिप” ने पूरे विश्व से लगभग 350 संस्थाओं को अपना पार्टनर बनाया है जिनमे से कुछ पार्टनर्स के नाम निम्नलिखित है-

• यूरोपियन कमीशन (European Commission; https://ec.europa.eu/info/index_en)

• इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (International Atomic Energy Agency; https://www.iaea.org/)

• यूरोपियन एनवायरनमेंट एजेंसी (European Environment Agency; https://www.eea.europa.eu/)

• कोर्नेल यूनिवर्सिटी (Cornell University, USA; https://www.cornell.edu/)

• कोलराडो स्टेट यूनिवर्सिटी (Colorado State University, United States of America; https://www.colostate.edu/)

• क्रान्फिल्ड यूनिवर्सिटी (Cranfield University, UK; https://www.cranfield.ac.uk/)

• ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी (Ohio State University, US; https://www.osu.edu/)

• द यूनिवर्सिटी ऑफ़ क्वींसलैंड (The University of Queensland, Australia; https://www.uq.edu.au/)

• यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेलबर्न (University of Melbourne, Australia; https://www.unimelb.edu.au/) आदि !

“फ़ूड एंड एग्रीकल्चरल आर्गेनाइजेशन” ने भी पिछले वर्ष “स्वयं बनें गोपाल” समूह समेत लगभग 464 अन्य प्रोजेक्ट्स/इवेंट्स को “वर्ल्ड स्वायल डे” (World Soil Day; विश्व मृदा दिवस) पर अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया था जिनसे सम्बन्धित सोशल मीडिया पोस्ट्स को संयुक्त राष्ट्र संघ के आंकड़ों के अनुसार लगभग 40 करोड़ दर्शको ने देखा था (इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया इस लेख के नीचे दिए “स्वयं बनें गोपाल” समूह के पूर्व के लेखों के लिंक्स पर क्लिक करें) !

इसके अतिरिक्त “स्वयं बनें गोपाल” समूह विश्व प्रसिद्ध नेटवर्क “रिजेनेरेशन इंटरनेशनल” (Regeneration International) से भी पार्टनर (Partner) के तौर पर जुड़ चुका है ! “रिजेनेरेशन इंटरनेशनल” की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://regenerationinternational.org/our-network/

“रिजेनेरेशन इंटरनेशनल” विश्व की उन संस्थाओं के साथ कार्य करता है जो समाज के समग्र व समुचित विकास के लिए अत्यावश्यक लक्ष्यों (जैसे- पर्यावरण, खेती, सामजिक व आर्थिक विकास इत्यादि) की प्राप्ति के लिए वास्तव में असरदायक साबित हो रहें हैं !

“रिजेनेरेशन इंटरनेशनल” के कुछ अन्य पार्टनर्स के नाम हैं- “यूनाइटेड नेशंस फ़ूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन”- इटली (UN Food and Agriculture Organization-Italy; http://www.fao.org/family-farming/home/en/), “एनवायर्नमेंटल एजुकेशन मीडिया प्रोजेक्ट” (Environmental Education Media Project; http://eempc.org/partners-sponsors/), “मिलेनियम इंस्टिट्यूट” (Millennium Institute; https://www.millennium-institute.org/partners) इत्यादि !

प्रतीकात्मक चित्र

संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “यूनाइटेड नेशंस स्टाफ रिक्रिएशन काउंसिल” मल्टीमीडिया (United Nations Staff Recreation Council; UNSRC Multimedia) द्वारा निर्मित “वीमेन इन फिल्म्स एंड मीडिया ग्रुप” (Women In Films And Media Group) का भी सदस्य (Member) चुन लिया गया है “स्वयं बनें गोपाल” समूह को !

“वीमेन इन फिल्म्स एंड मीडिया ग्रुप” में पूरे विश्व से मात्र 81 हस्तियाँ ही सदस्य के तौर पर जुड़ी हुई हैं ! इस ग्रुप की स्थापना का मुख्य उद्देश्य, फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं को, पुरुषों के समान अधिकारों की प्राप्ति करवाने के लिए यथोचित प्रयासों को करना है ! इस ग्रुप से सम्बन्धित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए, कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- http://webtv.un.org/search/women-in-films-forum-csw62-side-event/5983669526001/?term=2018-03-14&sort=date

ये तो सभी को पता है कि अन्य इंडस्ट्रीज की ही तरह, फिल्म इंडस्ट्री में भी बड़े पैमाने पर महिलाओं के साथ भेदभाव होता रहता है ! यह भेदभाव कई तरह से हो सकता है जिसमे मुख्य है महिलाओं को उनके काम के बदले मिलने वाले कम वेतन (फीस; पारिश्रमिक) और कम सम्मानजनक व्यवहार के रूप में ! और इस भेदभाव को फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाली लगभग सभी महिलाओं को कभी ना कभी झेलना ही पड़ता है !

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अतः पूरे विश्व में बनने वाली सभी मूवीज (चाहे वे मूवीज हॉलीवुड की हो या बॉलीवुड की, चाहे वे मूवीज यूरोपियन सिनेमा की हो या ऑस्ट्रेलियन सिनेमा की, चाहे गल्फ कन्ट्रीज में बनने वाली फिल्म्स हों या अफ्रीकन कंट्रीज की फिल्म्स) में किसी भी महिला (चाहे वह बड़ी से बड़ी अभिनेत्री हो या कोई साधारण महिला क्रू मेम्बर) के साथ किसी भी स्तर पर भेदभाव ना होने पाए, इसी सोच की तहत इस ग्रुप का नेतृत्व समुचित व यथासंभव प्रयास करने का प्रयत्न करता है !

युवाओं व बच्चों के लिए तथा युवाओं व बच्चों के द्वारा काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “मेजर ग्रुप ऑफ़ चिल्ड्रेन एंड यूथ टू यूनाइटेड नेशंस एनवायरनमेंट” (Major Group of Children and Youth to UN Environment; UNEP-MGCY) ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह को अपना सदस्य (Member) नियुक्त किया है ! “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण इस ग्रुप की वेबसाइट पर देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.youthenvironment.org/member-organisations

वर्तमान में “मेजर ग्रुप ऑफ़ चिल्ड्रेन एंड यूथ टू यूनाइटेड नेशंस एनवायरनमेंट” से विश्व की लगभग 250 ऐसी संस्थाएं सदस्य (Member) के तौर पर जुडी हुई हैं जिनके युवा प्रतिनिधियों ने समाज के युवाओं व बच्चों के चहुँमुखी विकास में उच्च स्तरीय योगदान दिया है ! संयुक्त राष्ट्र संघ के इस ग्रुप के कुछ अन्य सदस्यों (Members) के नाम हैं- “कॉमनवेल्थ यूथ क्लाइमेट चेंज नेटवर्क” (Commonwealth Youth Climate Change Network; https://thecommonwealth.org/commonwealth-youth-climate-change-network), “द यूरोपियन लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन” (The European Law Students’ Association; https://elsa.org/),
“जापान यूथ प्लेटफार्म फॉर सस्टेनेबिलिटी” (Japan Youth Platform for Sustainability; https://www.jyps.website/), “सस्टेनेबल ओशन अलायन्स” (Sustainable Ocean Alliance; https://www.soalliance.org/), “वर्ल्ड डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन” (World Distribution Federation; http://www.w-df.org/main#) आदि !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह दुनिया के सबसे बड़े आपदा प्रबन्धन के नेटवर्क “ग्लोबल नेटवर्क ऑफ़ सिविल सोसाइटी आर्गेनाइजेशंश फॉर डिजास्टर रिडक्शन” (Global Network of Civil Society Organisations for Disaster Reduction; GNDR) से भी सदस्य (Member) के तौर पर जुड़ चुका है ! इस नेटवर्क की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करे (और खुलने वाले पेज में Members केटेगरी में जाकर Members List पर क्लिक करें तत्पश्चात खुलने वाले पेज में Svyam Bane Gopal टाइप करके खोजे)- https://gndr.org/

विश्व के इस सबसे बड़े आपदा प्रबन्धन के नेटवर्क के मुख्य समर्थक व पोषक (Funders) ये वैश्विक सरकारी संस्थाए है- “यूरोपियन कमीशन” (European Commission; https://ec.europa.eu/info/index_en), “यू एस ऐड” (USAID; https://www.usaid.gov/), “यू के ऐड” (UK Aid; https://www.ukaiddirect.org/), “ऑस्ट्रेलियन ऐड” (Australian Aid; https://www.dfat.gov.au/aid/Pages/australias-aid-program), “स्विस एजेंसी फॉर डेवलपमेंट एंड कोऑपरेशन” (Swiss Agency For Development And Cooperation; https://www.eda.admin.ch/sdc) आदि !

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“स्वयं बनें गोपाल” समूह विश्व प्रसिद्ध नेटवर्क “लीगल एम्पावरमेंट नेटवर्क” (Legal Empowerment Network) से भी सदस्य के तौर पर जुड़ चुका है ! पूरी दुनिया में यह नेटवर्क आम जनता को उनसे जुड़े कानूनों व अधिकारों के बारे में जागरूक कर, उन्हें न्याय दिलाने में मदद करने लिये विख्यात है ! इस नेटवर्क की वेबसाइट पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह का विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://namati.org/network/organization/svyam-bane-gopal/

“लीगल एम्पावरमेंट नेटवर्क” के मुख्य पोषक (Funders) हैं- अमेरिकन सरकार की संस्था “द ब्यूरो ऑफ़ डेमोक्रेसी ह्यूमन राइट्स एंड इंटरनेशनल डेवलपमेंट (The Bureau of Democracy, Human Rights, and Labor; https://www.state.gov/bureaus-offices/under-secretary-for-civilian-security-democracy-and-human-rights/bureau-of-democracy-human-rights-and-labor/), ब्रिटिश सरकार की संस्था “यू के ऐड” (UK Aid; https://www.ukaiddirect.org/), कनाडा सरकार की संस्था “इंटरनेशनल डेवलपमेंट रिसर्च सेंटर” (International Development Research Centre; https://www.idrc.ca/en), अमेरिकन सरकार की संस्था “सेंटर फॉर डिसीज कण्ट्रोल एंड प्रिवेंशन” (Centers for Disease Control and Prevention; https://www.cdc.gov/) आदि !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी को “द लॉ एंड क्लाइमेट चेंज टूलकिट” (The Law and Climate Change Toolkit; https://climatelawtoolkit.org/) में “पालिसी मेकर” (Policy Maker; नीति निर्माता) का दायित्व सौपा गया है !

“द लॉ एंड क्लाइमेट चेंज टूलकिट” एक ऑनलाइन व ओपेन डाटाबेस है जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्थाएं “यू एन क्लाइमेट चेंज सेक्रेटेरिएट” (UN Climate Change secretariat), “यू एन एनवायरनमेंट” (UN Environment) तथा कामनवेल्थ सेक्रेटेरिएट (Commonwealth Secretariat) की पार्टनरशिप से विकसित किया जा रहा है !

इस टूलकिट को मुख्यतः विभिन्न देश की सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं व विशेषज्ञों की सहायता के लिए विकसित किया जा रहा है ताकि वे अपने देशों में ऐसे राष्ट्रीय पर्यावरणीय क़ानून व नीतियां बना सकें जो ज्यादा प्रभावशाली हों !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के जल सरंक्षण सम्बन्धित प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “यू एन वाटर” (UN Water) ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है, जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.worldwaterday.org/event/save-our-planet/

“ग्लोबल वाटर पार्टनरशिप” (Global Water Partnership) ने भी “वाटर चेंज मेकर्स” (Water Change Makers) के लिए योग्य सार्थक प्रयासों में “स्वयं बनें गोपाल” समूह को प्रकाशित किया जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.gwp.org/es/agentes-de-cambio-por-el-agua/presentaciones-elegibles/

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पूरे विश्व के पर्यटन उद्योग की नियंत्रक संस्था, जो कि संयुक्त राष्ट्र संघ की एजेंसी- “वर्ल्ड टूरिज्म आर्गेनाइजेशन” (World Tourism Organization; UNWTO; विश्व पर्यटन संस्था) है, उसने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह के बारे में अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है, जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.unwto.org/node/11387

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के स्वास्थ्य सम्बंधित प्रयासों को विश्व प्रसिद्ध संस्था “एस डी जी इम्पैक्ट अवार्ड्स” (SDG Impact Awards) जो कि संयुक्त राष्ट्र संघ के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (Sustainable Development Goals) को सपोर्ट करने के लिए ही बनी है, ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है, जिसे देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.sdgimpactawards.org/projects/svyam-bane-gopal/

“स्वयं बनें गोपाल” समूह का ऑर्गेनाईजेश्नल प्रोफाइल, विश्व विख्यात “मेंटल हेल्थ इनोवेशन नेटवर्क” (Mental Health Innovation Network; https://www.mhinnovation.net/) की वेबसाइट में भी वर्णित है ! वास्तव में यह एक ऐसा नेटवर्क है जिसमें पूरे विश्व में स्थित, मानव मस्तिष्क के स्वास्थ्य सम्बन्धित सभी पहलुओं पर काम करने वाले, सभी तरह के विशेषज्ञ आपस में जुड़कर शोध कार्यों व अन्य उचित सहयोगों को करने का प्रयास करते हैं !

अमेरिका देश में स्थित “जॉन्स हॉपकिंस हॉस्पिटल” (Johns Hopkins School of Medicine; https://www.hopkinsmedicine.org/) की सीनियर रिसर्च कोऑर्डिनेटर (Senior Research Coordinator) श्रीमती “रेबेका मैकलारेन” (Rebecca McLaren) ने भी कुछ माह पूर्व ईमेल द्वारा “स्वयं बनें गोपाल” समूह से अपने रिसर्च वर्क से जुड़ने के लिए निवेदन किया था, लेकिन “स्वयं बनें गोपाल” समूह, लॉक डाउन पीरियड की वजह से उनके उस निवेदन को स्वीकार नही कर सका !

“जॉन्स हॉपकिंस” हॉस्पिटल दुनिया के सबसे पुराने हॉस्पिटल्स (125 साल पुराना) में से एक है जिसके पास विभिन्न तरह की लगभग 900 रिसर्च लैब (प्रयोगशालायें) है और जिसके शोधकर्ताओं के नाम लगभग 2268 पेटेंट्स (Patents) हैं, अतः इसके अति आधुनिक शोध कार्यो की वजह से इसकी गिनती वर्ल्ड के टॉप फाइव (Top 5) हॉस्पिटल्स में होती है {विश्व के सबसे अच्छे हॉस्पिटल्स की रैंकिंग में, भारत देश की दिल्ली में स्थित “एम्स हॉस्पिटल” (AIIMS, New Delhi) 231 स्थान पर है तथा मुंबई स्थित “टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल” (Tata Memorial Centre) 430 स्थान पर है} !

विश्व प्रसिद्ध हेल्थ वेबसाइट “सिम्प्टोमा” (Symptoma) भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह के स्वास्थ्य सम्बन्धित लेखो की जानकारियों को अपनी वेबसाइट में इस्तेमाल करती है ! उदाहरण के तौर पर देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें (और ओपेन होने वाले पेज में ब्लू एरो पर क्लिक करने के बाद “मस्तिष्क गुल्म” पर क्लिक करें)- https://www.symptoma.in/hi/ddx/back-pain+cough+headache

विभिन्न बीमारियों के लक्षणों के बारे में जानने के लिए मरीजो व डॉक्टर्स द्वारा “सिम्प्टोमा” वेबसाइट को पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा देखा जाता है ! इस वेबसाइट पर प्रकाशित जानकारी इतनी ज्यादा ऑथेंटिक मानी जाती है कि कई साइंटिफिक अथॉरिटीज भी इसका भरपूर समर्थन करते हैं ! इस वेबसाइट के संस्थापक को यूरोपियन संसद (European Parliament) और जर्मनी देश की संसद (German Bundestag) में भी वक्तव्य देने के लिए आमंत्रित किया जा चुका है !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा राष्ट्र भाषा हिंदी के खोये हुए सम्मान को वापस दिलाने का प्रयास, वैश्विक पटल पर भी कितना जबरदस्त रूप से सफल होता जा रहा है इसे आप निन्मलिखित दो उदाहरणों से भी समझ सकतें हैं-

• “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा प्रकाशित हिंदी साहित्य को “ताजिकिस्तान” (Tajikistan) देश की “ताजिक नेशनल यूनिवर्सिटी” (Tajik National University) के उपयोग के लिए इस्तेमाल किया गया है जिसे जानने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.tnu.tj/DisserPhD/6D.KOA-022/YunusiA/YunusiA.pdf (“ताजिक नेशनल यूनिवर्सिटी” 70 साल पुरानी यूनिवर्सिटी है जिसमें लगभग 23 हजार स्टूडेंट पढ़ते हैं और यह राजधानी “दुशान्बे” में स्थित है) !

• “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा प्रकाशित हिंदी साहित्य को अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक “ट्रेंड्स इन लिंगविस्टिक्स स्टडीज एंड मोनोग्राफ्स” (Trends in Linguistics Studies and Monographs) में प्रकाशित किया गया है ! यह पुस्तक “जर्मन नेशनल लाइब्रेरी” (German National Library) द्वारा प्रकाशित की गयी है और इस पुस्तक में जानकारी दी गयी है उस इंटरनेशनल कांफ्रेंस की जो हिंदी भाषा के अध्ययन से सम्बन्धित है और जिसका आयोजन भारतीय विदेश मंत्रालय व भारतीय दूतावास ने फ़्रांस देश की राजधानी पेरिस में किया था ! इस पुस्तक के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://books.google.co.in/books?id=HItuDwAAQBAJ&pg=PA277&lpg=PA277&dq=%22svyambanegopal%22&source=bl&ots=82yOJCvN78&sig=ACfU3U2zQKOubS9zIS3TvD-L1c7HpOmGGQ&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwjX0vz2-67oAhUt8HMBHWzSCbM4FBDoATAIegQIChAB#v=onepage&q&f=false

जर्मनी देश के प्रसिद्ध सरकारी संस्थान “फ़ेडरल इंस्टिट्यूट फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग” (Federal Institute for Vocational Education and Training; https://www.bibb.de/) के “डॉक्टर डेनियल नेफ” (Dr. Daniel Neff) ने “स्वयं बनें गोपाल” समूह के कार्यों के लिए शुभकामनाएं दी हैं !

ऑस्ट्रिया देश की सरकारी संस्था “ऑस्ट्रियन डेवलपमेंट एजेंसी” (Austrian Development Agency; https://www.entwicklung.at/) की ऑपरेशनल यूनिट ने भी ईमेल द्वारा “स्वयं बनें गोपाल” के कार्यो के लिए बहुत – बहुत शुभकामनाये दी हैं (यह एजेंसी, ऑस्ट्रिया देश के विदेश मंत्रालय की तरफ से प्रोजेक्ट्स को फण्ड देती है) !

नॉर्वे देश के विदेश मंत्रालय की संस्था “डायरेक्टरेट फॉर डेवलपमेंट कोऑपरेशन” (Directorate for Development Cooperation; Norad; https://norad.no/) द्वारा “स्वयं बनें गोपाल” समूह को भेजी गयी ईमेल में हमारे अच्छे कार्यो के लिए बधाईयाँ दी गयी हैं !

नॉर्वे देश के पर्यावरण मंत्रालय (Norwegian Ministry of Climate and Environment) ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह को शुभकामनाये दी हैं !

संयुक्त राष्ट्र संघ के “यू एन 75 क्लाइमेट एक्शन & रेसिलिएंट कम्युनिटीज कोआर्गेनाइजर्स” (UN 75 Climate Action & Resilient Communities Co-Organizers) ने “स्वयं बनें गोपाल” समूह के सहयोग के प्रति अपना सम्मान व सराहना व्यक्त की है !

स्वीडन देश के संसद के लिए काम करने वाली संस्था “सीडा” (Swedish International Development Cooperation Agency; Sida; https://www.sida.se/Svenska/) द्वारा “स्वयं बनें गोपाल” समूह को भेजी गयी इमेल में हमारे कार्यो के लिए शुभकामनाये दी गयी हैं !

“साईट सेवर्स” संस्था (Sight Savers; https://www.sightsavers.org/) द्वारा भी “स्वयं बनें गोपाल” संस्था के कार्यो के लिए बधाईया व धन्यवाद दिया गया है ! “साईट सेवर्स” संस्था लगभग 70 साल पुरानी, 30 देशों में काम करने वाली संस्था है जिसने अब तक लगभग 75 लाख लोगो के मोतियाबिंद के ऑपरेशन व अन्य करोड़ो चिकित्सकीय कार्यों को अंजाम दिया है !

इस वर्ष कोरोना वायरस के चलते हुए विश्वव्यापी लॉक डाउन की वजह से संयुक्त राष्ट्र संघ ने लगभग अपनी सारी कांफेरेंसेस व मीटिंग्स (Conferences & Meetings) को ऑनलाइन अर्थात वेबिनार (Webinar) के रूप में परिवर्तित कर दिया है ! “स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी इस वर्ष भी संयुक्त राष्ट्र संघ की कई वेबिनार्स (Webinars) में भाग लेने के लिए आमंत्रित थे, जिनमें से कुछ मीटिंग्स को संयुक्त राष्ट्र संघ ने ‘हाई लेवल’ की मीटिंग्स (High Level Meetings) का दर्जा प्रदान किया था !

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संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस वर्ष अपनी 75 वी वर्षगाँठ पर विशेष रूप से आयोजित “युवा महा अधिवेशन” (United Nations Youth Plenary and ECOSOC Youth Forum) में पूरे विश्व से उन चुनिन्दा युवा लीडर्स को आमंत्रित किया गया था जिन्होंने समाज की दिशा व दशा बदलने में अपने द्वारा की गयी अथक मेहनत से, विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है ! “स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी भी इस “युवा महाधिवेशन” में आमंत्रित थे !

श्री परिमल पराशर जी को संयुक्त राष्ट्र संघ के “जनरल असेंबली” के प्रेसिडेंट- महामहिम श्री “तिजानी बांदे” (HIS EXCELLENCY MR. TIJJANI BANDE, President of the United Nations General Assembly) ने खुद अपने द्वारा हस्ताक्षरित निमंत्रण पत्र भेजवाया था, जिसमें महामहिम श्री “तिजानी बांदे” ने, श्री परिमल पराशर जी के बारे में लिखा था- “We have the honour to invite you to attend the United Nations Youth Plenary” अर्थात “यह हमारे लिए सम्मान की बात है कि हम आपको संयुक्त राष्ट्र संघ के युवा महा अधिवेशन में आमंत्रित कर रहें हैं”

“जनरल असेंबली” संयुक्त राष्ट्र संघ का बजट निर्धारित करती है तथा संयुक्त राष्ट्र संघ से जुड़े सभी देशों द्वारा प्राप्त होने वाले धन रुपी सहयोग का भी निर्धारण करती है इसलिए इस असेंबली की कांफेरेंसेस में सभी देशो के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री खुद नियमित रूप से भाग लेते रहते हैं और इन कांफेरेंसेस की अध्यक्षता करते हैं “जनरल असेंबली” के प्रेसिडेंट जो कि वर्तमान में हैं महामहिम श्री “तिजानी बांदे” !

“जनरल असेंबली” कैसे चलती है यह देखने के लिए निम्नलिखित 3 विडियोज को देखें जिसमें दिखाया गया है कि कैसे अमेरिका के राष्ट्रपति श्री डॉनल्ड ट्रम्प “जनरल असेंबली” में खड़े होकर अपनी बातों को रख रहें हैं और उनके ठीक ऊपर मंच पर अध्यक्ष की मुख्य कुर्सी पर बैठे हुए हैं श्री “तिजानी बांदे” और उनकी बगल वाली कुर्सी पर बैठे हुए है संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव श्री “एंटोनियो गुटेरेस”-
https://www.youtube.com/watch?v=KJnLNUrrffU

https://www.youtube.com/watch?v=5xk6h0EkznY

https://www.youtube.com/watch?v=PqYPzyH1-UM

ये निश्चित रूप से “स्वयं बनें गोपाल” समूह की अनंत ममतामयी गोमाता के प्रति अनन्य भक्ति का ही परिणाम है कि “स्वयं बनें गोपाल” समूह सेवा के हर क्षेत्र में विश्व पटल पर आश्चर्यजनक तेजी से उभरता जा रहा है इसलिए “स्वयं बनें गोपाल” समूह अपने सभी आदरणीय पाठको से पुनः विनम्र निवेदन करता है कि वे साक्षात् जगत माता अर्थात गोमाता की प्रचंड महिमा को पहचाने और अपनी दिनचर्या में से प्रतिदिन थोड़ा समय निकालकर गोमाता की किसी ना किसी प्रकार से सेवा करना ना भूलें ताकि आपको इस लोक के साथ – साथ परलोक में भी भगवान श्रीकृष्ण के निज धाम “गोलोक” में अनंत सुख मिले !

गोमाता भले ही हम मूर्ख मानवो की उपेक्षा का शिकार होकर सर्वत्र कूड़ा खाने से लेकर अन्य सैकड़ो किस्म की दारुण तकलीफे झेल रही हों, लेकिन आज भी भारतीय देशी गाय माता के शरीर में साक्षात् भगवान श्री ब्रह्मा, श्री विष्णु, श्री शिव और माँ सरस्वती, माँ लक्ष्मी व माँ काली समेत सभी देवी देवताओ का निश्चित निवास है इसलिए भारतीय देशी गाय माता को चलता फिरता महाचमत्कारी सिद्ध मंदिर कहा जाता है !

इस आश्चर्यजनक पहलू का परम आदरणीय ऋषि सत्ता भी समर्थन करते हुए बताते है कि,- ये तो तय है कि जो कोई भी गोमाता की सेवा भक्ति भाव (अर्थात केवल दूध, मूत्र या गोबर पाने के स्वार्थ भाव से नहीं) से करता है उसकी सभी उचित मनोकामना, उचित समय आने पर निश्चित पूरी होकर ही रहती हैं और साथ ही साथ मृत्यु के पश्चात् भगवान श्री कृष्ण के निवास स्थल “गोलोक” में अनंतकाल के लिए महासुख भी मिलता है !

अतः अगर आप अपनी या अपने परिवार की किसी एक समस्या या कई समस्याओं से आखिरी परेशान हो चुके हों और उससे निजात पाने का आपको कोई उपाय समझ ना आ रहा हो तो आप इधर – उधर व्यर्थ भटकने में समय बर्बाद करने की बजाय, भक्ति व समर्पण भाव से आईये साक्षात् जगदम्बा स्वरूपा गोमाता की शरण में और तुरंत से महसूस करिए एक अद्भुत शान्ति और अनजाना आश्वासन जो अंततः आपको आपकी समस्या से मुक्ति दिलवाकर ही छोड़ेगा (गाय माता के अन्य सैकड़ो आश्चर्यजनक फायदों को जानने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- जगदम्बा स्वरूपा, कृष्ण माता अर्थात भारतीय देशी गाय माता के सैकड़ों आश्चर्य जनक सत्य फायदे) !

अतः “स्वयं बनें गोपाल” और अपने परिवार को भी बनाएं “गोपाल” !

जय हिन्द ! जय भारत माँ ! वन्दे मातरम् !

आइये जुड़िये फ्रांस सरकार, संयुक्त राष्ट्र संघ व “स्वयं बनें गोपाल” समूह आदि द्वारा संचालित इंटरनेशनल चिल्ड्रेन फिल्म फेस्टिवल से

संयुक्त राष्ट्र संघ के दूसरे उपक्रम ने भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह को अपना पार्टनर बनाया

संयुक्त राष्ट्र संघ के उपक्रम ने अपना पार्टनर बनाया “स्वयं बनें गोपाल” समूह को

यूनेस्को, यू एन हैबिटेट, एशियन डेवलपमेंट बैंक, यू एन ग्लोबल कॉम्पैक्ट, सिविकस, वर्ल्ड बैंक, आई एम ऍफ़, यू एन वाटर, यू एन फाउंडेशन और “स्वयं बनें गोपाल”

जिन विश्वव्यापी संस्थाओं ने कई देशों की सरकार को अपना “मेम्बर” चुना, उन्ही संस्थाओं ने अब हमारे स्वयं सेवक को भी अपना “मेम्बर” व “स्टेक होल्डर” चुना

“संयुक्त राष्ट्र संघ” (United Nations) के उपक्रम ने “स्वयं बनें गोपाल” समूह के उल्लेखनीय कार्यों को अपनी विश्वप्रसिद्ध वेबसाइट पर प्रकाशित किया

“संयुक्त राष्ट्र संघ” (United Nations) द्वारा “स्वयं बनें गोपाल” समूह के स्वयंसेवक को “वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे हीरो” चुना गया

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के स्वयं सेवक सम्मिलित होंगे “संयुक्त राष्ट्र संघ” (United Nations) की मीटिंग्स व कांफेरेंसेस में

राष्ट्रपति ट्रम्प की सूर्यप्रकाश को शरीर के अंदर डालने की थ्योरी काल्पनिक नहीं, सत्य है जिसका प्रबल समाधान है “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा डेढ़ माह पूर्व प्रकाशित लेख

नोवेल कोरोना वायरस (Novel Corona Virus; COVID-19) में लाभकारी हो सकतें है ये उपाय

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(आवश्यक सूचना – “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट में प्रकाशित सभी जानकारियों का उद्देश्य, लुप्त होते हुए दुर्लभ ज्ञान के विभिन्न पहलुओं का जनकल्याण हेतु अधिक से अधिक आम जनमानस में प्रचार व प्रसार करना मात्र है ! अतः “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि इस वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक, एक्यूप्रेशर तथा अन्य किसी भी प्रकार के उपायों व जानकारियों को किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक, योगाचार्य, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट तथा अन्य सम्बन्धित विषयों के एक्सपर्ट्स से परामर्श अवश्य ले लें क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं)