जिन विश्वव्यापी संस्थाओं ने कई देशों की सरकार को अपना “मेम्बर” चुना, उन्ही संस्थाओं ने अब हमारे स्वयं सेवक को भी अपना “मेम्बर” व “स्टेक होल्डर” चुना

united nations agencies member countries representative global warming environment climate change sustainable development goals SDGs sdg UN conferences meetings greenhouse gases carbonआप सभी आदरणीय पाठकों को प्रणाम,

जैसा कि विदित है कि “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान का “आर्गेनाइजेशनल प्रोफाइल” (Organizational Profile) संयुक्त राष्ट्र संघ के “आर्थिक एवं सामाजिक अफेयर्स के सिविल सोसाइटी सिस्टम” {United Nations Department of Economic and Social Affairs (ESA) Civil Society System} में काफी पहले ही आधिकारिक रूप से स्वीकृत हो चुका है !

किन्तु अब “संयुक्त राष्ट्र संघ” के विश्व प्रसिद्ध उपक्रम “आई पी बी इ एस” (IPBES; The Intergovernmental Science-Policy Platform on Biodiversity and Ecosystem Services; https://www.ipbes.net) में भी, “स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी (Mr. Parimal Parashar) को एक “स्टेक होल्डर” (Stake Holder) के रूप में स्वीकृत किया गया है !

united nations agencies member countries representative global warming environment climate change sustainable development goals SDGs sdg UN conferences meetings greenhouse gases carbon हम बताना चाहेंगे कि “आई पी बी इ एस” एक सरकारी संस्था है जो पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र व जैव विविधता पर वैज्ञानिक नीतियाँ तय करती है और इसका हेड ऑफिस “जर्मनी” (Germany) देश में स्थित है !

वर्तमान में विश्व के 132 देशों की सरकार, इस संस्था की मेम्बर (member) हैं (इन मेम्बर देशों के विवरण देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.ipbes.net/members ) !

हमारा देश “भारतवर्ष” भी इस संस्था का मेम्बर है और नयी दिल्ली स्थित “पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन” मंत्रालय में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी “सुजाता अरोरा” जी इसकी “नेशनल फोकल पॉइंट” हैं !

श्री परिमल पराशर जी का विवरण “आई पी बी इ एस” की वेबसाइट पर देखने के लिए, कृपया “आई पी बी इ एस” के स्टेक होल्डर्स के नेटवर्क को देखें जिसमें पूरे विश्व के लगभग 100 वैज्ञानिक, शोधकर्ता, वालंटियर्स, एक्सपर्ट्स आदि आपस में जुड़कर पृथ्वी के पर्यावरण की सुरक्षा के लिए, किये जा सकने वाले हर वैश्विक प्रयास के बारे में अपनी बेशकीमती जानकारियों व अनुभवों को आपस में शेयर (आदान प्रदान) करतें रहतें हैं (अथवा इस लिंक पर क्लिक करें- https://www.ipbes.net/users/parimal-parashar) !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के कार्यों से ही प्रभावित होकर “आई पी बी इ एस” संस्था की “मल्टीडिसप्लिनरी एक्सपर्ट पैनल” (Multidisciplinary Expert Panel; जिसमें वर्ल्ड के टॉप के लगभग 25 पर्यावरण विशेषज्ञ जुड़े हुएं हैं) में से एक “एड्रियाना फ्लोरेस डिआज़” (Adriana Flores-Díaz) ने “स्वयं बनें गोपाल” समूह के साथ मिलकर कार्य करने की इच्छा जताई है ! “एड्रियाना फ्लोरेस डिआज़” मेक्सिको सिटी से ताल्लुक रखती हैं और सम्बन्धित विषय पर इनके कई विश्वस्तरीय कार्य प्रकाशित हैं (जिन्हें देखने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें-
https://www.ipbes.net/multidisciplinary-expert-panel).

वर्तमान में “आई पी बी इ एस” संस्था के कार्यों के क्रियान्वन में “संयुक्त राष्ट्र संघ” की चार निम्नलिखित संस्थाओं की मुख्य भूमिका है-

(1) यूनेस्को (United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization; https://en.unesco.org)
(2) यू एन डी पी (United Nations Development Programme; https://www.undp.org)
(3) फ़ूड एंड एग्रीकल्चरल आर्गेनाइजेशन (Food And Agriculture Organization; www.fao.org)
(4) यू एन एनवायरनमेंट (UN Environment; https://www.unenvironment.org)

इनमें से जो चौथी संस्था “यू एन एनवायरनमेंट” (UN Environment; https://www.unenvironment.org) है उसी ने श्री परिमल पराशर जी को इस वर्ष (अर्थात 2019) के लिए “वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे हीरो” (World Environment Day Hero) की उपाधि से नवाजा था (जिसका वर्णन “स्वयं बनें गोपाल” समूह ने पूर्व के लेखों में किया है) !

“आई पी बी इ एस” के अतिरिक्त “स्वयं बनें गोपाल” समूह के प्रधान स्वयं सेवक (अध्यक्ष) श्री परिमल पराशर जी को विश्वव्यापी संगठन “एल ई डी एस जी पी” (LEDS GP; Low Emission Development Strategies Global Partnership; http://ledsgp.org/) में भी “मेम्बर” (Member; सदस्य) चुना गया हैं !

विश्व के कई देशों की सरकार व विश्व व्यापी संस्थाएं भी इस “एल ई डी एस जी पी” संगठन से “मेम्बर” के तौर पर जुड़ी हुईं हैं, जैसे- यू एस डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट (US Department of State), यू के मिनिस्टरी ऑफ़ एनवायरनमेंट (UK Ministry of Environment), ऑस्ट्रेलिया डिपार्टमेंट ऑफ़ क्लाइमेट चेंज (Australia Department of Climate Change), कोलंबिया मिनिस्टरी ऑफ़ एनवायरनमेंट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट (Colombia Ministry of Environment and Sustainable Development), जर्मन फ़ेडरल मिनिस्टरी फॉर द एनवायरनमेंट (German Federal Ministry for the Environment), इजराइल मिनिस्टरी ऑफ़ एनवायर्नमेंटल प्रोटेक्शन (Israel Ministry of Environmental Protection), नोर्विजियन मिनिस्टरी ऑफ़ एनवायरनमेंट (Norwegian Ministry of Environment), वर्ल्ड बैंक (World Bank), अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक (African Development Bank), यू एन डेवलपमेंट प्रोग्राम (UN Development Programme), यू एन एनवायरनमेंट प्रोग्राम (UN Environment Programme) आदि !

“एल ई डी एस जी पी” संगठन का निर्माण, पर्यावरण के साथ – साथ सामाजिक व आर्थिक विकास के विश्वस्तरीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए किया गया है !

अभी कुछ दिनों पहले, “स्वयं बनें गोपाल” समूह से यह प्रश्न पूछा गया था, कि क्या कारण है कि सिर्फ विदेशी सरकारें (संयुक्त राष्ट्र संघ के माध्यम से जुडी हुई) ही “स्वयं बनें गोपाल” संस्था के सेवा कार्यों की असली कीमत पहचान पा रही हैं जबकि भारत सरकार द्वारा “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़ने की कोई भी पहल नहीं हो पा रही है ?

yoga asana pranayam yogasanaतो इस प्रश्न का उत्तर हम यह देना चाहेंगे कि, ऐसा बिल्कुल नहीं है कि भारत सरकार “स्वयं बनें गोपाल” समूह के कार्यों को अहमियत नहीं देती है, क्योकि भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कई बार “स्वयं बनें गोपाल” समूह के कार्यों के महत्व को बखूबी समझा व सराहा है, मसलन उदाहरण के तौर पर- 2016 में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित पुस्तक “योग शिक्षा” के प्रकाशन में, भारत के जिन प्रसिद्ध योग संस्थानों/प्रयासों (जिनमें- श्री श्री रवि शंकर का आर्ट ऑफ़ लिविंग, श्री बी.के. एस. अयंगर का इलस्ट्रेटेड लाइट ऑन योगा, श्री जग्गी वासुदेव का ईशा योग आदि सम्मिलित हैं) द्वारा योग सामग्री प्राप्त की गयी है उनमें “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान का भी नाम है ! और “स्वयं बनें गोपाल” समूह ने इस सहयोग के लिए कोई शुल्क भी नहीं लिया है (इस पुस्तक का ऑन लाइन वर्जन पढ़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://rmsahimachal.nic.in/Docs/Final%20Yoga%20Module%2021-11-2016.pdf) !

यहाँ पर हम यह भी बताना चाहेंगे कि “स्वयं बनें गोपाल” समूह के सेवा कार्यों को, केवल ऊपर लिखित संस्थाओं व पूर्व के लेखों (जिनके लिंक्स नीचे दिए गएँ हैं) में वर्णित संस्थाओं ने ही नहीं, बल्कि कई अन्य विश्व स्तरीय संस्थाओं (जिसमें से कई संयुक्त राष्ट्र संघ की हैं) ने भी सराहा है; जैसे-

• संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था “यू एन ऍफ़ सी सी सी” (United Nations Framework Convention on Climate Change; www.unfccc.int) के जर्मनी देश में स्थित “रिसोर्स मोबलाईजेशन एंड पार्टनरशिप टीम” (Resource Mobilization and Partnerships Team) द्वारा “स्वयं बनें गोपाल” समूह को 4 जुलाई 2019 को भेजी गयी ईमेल में “स्वयं बनें गोपाल” समूह के कार्यों की प्रशंसा की गयी ! “यू एन ऍफ़ सी सी सी” संयुक्त राष्ट्र संघ की ऐसी वैश्विक संस्था है जिसमें लगभग 100 देशों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल मिलकर जलवायु परिवर्तन के नियंत्रण पर काम करतें हैं !

• संयुक्त राष्ट्र संघ की दूसरी संस्था “फ़ूड एंड एग्रीकल्चरल आर्गेनाइजेशन” (Food And Agriculture Organization; www.fao.org) के ईटली देश के रोम शहर में स्थित हेड ऑफिस के “सिविल सोसाइटी टीम” (Civil Society Team) द्वारा “स्वयं बनें गोपाल” समूह को 28 जून 2019 को भेजी गयी ईमेल में भी “स्वयं बनें गोपाल” समूह के द्वारा किये जाने वाले कार्यों की प्रशंसा की गयी ! “फ़ूड एंड एग्रीकल्चरल आर्गेनाइजेशन” संयुक्त राष्ट्र संघ की वह संस्था है जो पूरे विश्व में भूखमरी की समाप्ति और पौष्टिक खाद्य की सतत उपलब्धता का प्रबन्धन करती है, और साथ ही साथ “आई पी बी इ एस” संस्था (जिसके बारे में ऊपर वर्णन किया जा चुका है) के कार्यों के क्रियान्वन में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाती है !

• संयुक्त राष्ट्र संघ की तीसरी संस्था “यूनोप्स” (UNOPS; United Nations Office for Project Services; www.unops.org) के डेनमार्क देश में स्थित “एथिक्स एंड कंप्लायंस ऑफिसर” (Ethics and Compliance Officer) द्वारा “स्वयं बनें गोपाल” समूह को 28 जुलाई 2019 को भेजी गयी ईमेल में भी “स्वयं बनें गोपाल” के कार्यों को बेहद रोचक बताया गया ! यूनोप्स एक ऐसी वैश्विक संस्था है जो संयुक्त राष्ट्र संघ व अन्य बड़ी संस्थाओं को सुरक्षा, शान्ति व विकासीय समाधान उपलब्ध कराने में सहायता करती है !

• संयुक्त राष्ट्र संघ की चौथी संस्था “ह्यूमन सिक्यूरिटी यूनिट” (HUMAN SECURITY UNIT; https://www.un.org/humansecurity/human-security-unit/) के न्यूयॉर्क, अमेरिका स्थित कार्यालय, द्वारा 2 जुलाई 2019 को “स्वयं बनें गोपाल” समूह को भेजी गयी ईमेल में “स्वयं बनें गोपाल” समूह के कार्यों को महत्वपूर्ण बताया गया ! “ह्यूमन सिक्यूरिटी यूनिट” ऐसे फ़्रेमवर्क्स व टूल्स विकसित करती है जिससे संयुक्त राष्ट्र संघ की विभिन्न गतिविधियों में मानवीय सुरक्षा सुनिश्चित हो सके !

united nations agencies member countries representative global warming environment climate change sustainable development goals SDGs sdg UN conferences meetings greenhouse gases carbon • विश्वप्रसिद्ध संस्था “डब्ल्यू डब्ल्यू ऍफ़” (WWF; World Wildlife Fund; https://www.worldwildlife.org) द्वारा 9 जुलाई 2019 को “स्वयं बनें गोपाल” समूह को भेजी गयी ईमेल में “स्वयं बनें गोपाल” समूह को कहा कि, “पर्यावरण के सरंक्षण के लिए आपका जुनून व दृढ़ता, धन्यवाद का पात्र है” ! अमेरिका, वाशिंगटन डी सी स्थित “डब्ल्यू डब्ल्यू ऍफ़” संस्था लगभग 60 वर्ष पुरानी एक ऐसी संस्था है जो पूरे विश्व में पर्यावरण व वाइल्ड लाइफ सरंक्षण के लिए जानी जाती है !

• विश्वविख्यात संस्था “द बी टीम” (THE B TEAM; http://www.bteam.org) के “ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट” द्वारा “स्वयं बनें गोपाल” समूह को 12 जून 2019 को भेजी गयी ईमेल में “स्वयं बनें गोपाल” समूह के कार्यों को “इनक्रेडिबल” (अविश्वसनीय) बताया गया ! “द बी टीम” विश्व के कुछ चुनिन्दा टॉप के बिजनेस लीडर्स द्वारा बनाया गया एक ऐसा उपक्रम है जो उनके अनुसार बिजनेस के ऐसे तरीके उत्प्रेरित करता है जिनसे मानवता व पृथ्वी की भलाई सुनिश्चित हो सके ! ““द बी टीम” को बनाने वाले लीडर्स में “इंदिरा नूयी” (Indra Nooyi; Chairman of PepsiCo), “सर रिचर्ड ब्रैनसन” (Sir Richard Branson, Founder- Virgin Group), “कैथी केल्विन” (Kathy Calvin; President and CEO of the United Nations Foundation), रतन टाटा (Ratan Tata; Tata Group), “ओलिवर बाटे” (Oliver Bäte; Chairman of the Board of Management of Allianz SE), पॉल पोलमन (Paul Polman; Chair of the International Chamber of Commerce) आदि सम्मलित हैं !

अंत में हम सिर्फ इतना ही कहना चाहेंगे कि हम तुच्छ व अति साधारण स्वयं सेवकों के कार्य आप सभी आदरणीय पाठकों के साथ – साथ उपर वर्णित संस्थाओं को भी पसंद आ रहें हैं, बस यही है हमारा सच्चा पारितोषिक जो हमारी अंतर्चेतना को हमेशा हर विषम परिस्थितयों का सामना करते हुए अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहने की शक्ति देता है !

जय हिन्द, जय भारत माँ ! वन्दे मातरम !!

यूनेस्को, यू एन हैबिटेट, एशियन डेवलपमेंट बैंक, यू एन ग्लोबल कॉम्पैक्ट, सिविकस, वर्ल्ड बैंक, आई एम ऍफ़, यू एन वाटर, यू एन फाउंडेशन और “स्वयं बनें गोपाल”

“संयुक्त राष्ट्र संघ” (United Nations) के उपक्रम ने “स्वयं बनें गोपाल” समूह के उल्लेखनीय कार्यों को अपनी विश्वप्रसिद्ध वेबसाइट पर प्रकाशित किया

“संयुक्त राष्ट्र संघ” (United Nations) द्वारा “स्वयं बनें गोपाल” समूह के स्वयंसेवक को “वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे हीरो” चुना गया

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के स्वयं सेवक सम्मिलित होंगे “संयुक्त राष्ट्र संघ” (United Nations) की मीटिंग्स व कांफेरेंसेस में

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(आवश्यक सूचना – “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट में प्रकाशित सभी जानकारियों का उद्देश्य, सत्य व लुप्त होते हुए ज्ञान के विभिन्न पहलुओं का जनकल्याण हेतु अधिक से अधिक आम जनमानस में प्रचार व प्रसार करना मात्र है ! अतः “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि इस वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक, एक्यूप्रेशर तथा अन्य किसी भी प्रकार के उपायों व जानकारियों को किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक, योगाचार्य, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट तथा अन्य सम्बन्धित विषयों के एक्सपर्ट्स से परामर्श अवश्य ले लें क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं)



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