भूकम्प जब हिलाने लगे शहर को, तब आप क्या क्या कर सकते हैं ?

· January 24, 2016

zzभूकम्प के बारे में सटीक भविष्यवाणी करना आज के वैज्ञानिकों के लिए तो असम्भव है और यह भी असम्भव है यह कहना की दुनिया की कौन सी जगह भूकम्प से एकदम सुरक्षित है या असुरक्षित है !

वैज्ञानिकों के लिए अबूझ बनें हैं हमारे द्वारा प्रकाशित तथ्य

हालांकि भारतवर्ष के आदरणीय सन्त समाज को आने वाली किसी भी बड़ी आपदा के बारे में पूर्वाभास हो जाता है और वे ऐसी जानकारियां सिर्फ योग्य गम्भीर पात्रों को ही बताते हैं !

साधारण संसारी आदमी को ये समझ में नहीं आता की जब संतों को किसी बड़ी दुर्घटना का पूर्वाभास हो जाता है तो वे इसके बारे में सबको क्यों नहीं बताते जिससे भारी जन धन की हानि बचायी जा सके !

तो इसका उत्तर हमारे शास्त्र देते है की प्रकृति की हर गतिविधि, स्वयं परमेश्वर की इच्छा से ही होती है अतः अगर प्रकृति, अधर्म की वृद्धि पर क्रोधित होकर संहार करना चाहती है तो वो ऐसा कर के ही रहेगी !

प्रकृति अर्थात महामाया एकदम स्वतंत्र है और इसके काम में कोई बाधा नहीं डालता ! हाँ ये जरूर है की परमेश्वर जिसे चाहते है उसे प्रकृति के क्रोध से अछूता रखते है ! परमेश्वर के चाहने या ना चाहने की पूर्ण जानकारी भी सिर्फ परमेश्वर को ही पता होती है !

परमेश्वर के पास हजार तरीके हैं प्रकृति के ज्वलन्त क्रोध से किसी भी प्राणी की रक्षा करने की ! इसलिए असली जिंदगी में यह भी अक्सर देखने को मिलता है की भूकम्प आने पर, मजबूत घर में बैठा मजबूत आदमी भी घर के गिरने से मर जाता है जबकि मिटटी के बने कच्चे घर में रहने वाला दूध पिता बच्चा जिन्दा बच जाता है !

इसलिए भूकम्प जैसी स्थिति में जब सेकेंडों में ही वारे न्यारे हो जाते है, उस समय मानवी प्रयास जितना महत्वपूर्ण है उतना ही ज्यादा किस्मत भी महत्वपूर्ण हैं !

भूकम्प में बचाव के लिए मानवी प्रयासों के बारे में तो विस्तार से नीचे बताये गए हैं पर कुछ अध्यात्मिक प्रयास भी हैं जिनसे भूकम्प जैसे आकस्मिक विपत्ति में सहारा मिल सकता है !

सन्तान कितना भी नालायक, दुष्ट, पापी, नीच, गिरा हुआ इन्सान हो पर किसी मुसीबत के समय अपने पिता को मदद की लिए सच्चे दिल से पुकारे तो हर बाप का मन जरूर करता है अपने बेटे की मदद के लिए ! ठीक यही स्थिति परम पिता, अनन्त दयालु भगवान् के साथ भी है !

तो सबसे अच्छा यही होता है की जब भी भूकम्प आये तो उस समय नीचे लिखी सारी मानवीय सावधानियों का पालन करें, ईश्वर के लगातार नाम स्मरण के साथ ! और अपने परिवार के अन्य लोगों को भी ये बाते जरूर बतायें जिससे मुसीबत में वे भी अपनी रक्षा कर सकें !

आइये सबसे पहले जानते हैं की भूकम्प होता क्या है आज के वैज्ञानिकों की निगाह में –

भूकंप पृथ्वी की परत से ऊर्जा के अचानक उत्पादन के परिणाम स्वरूप आता है जो भूकंपी तरंगें उत्पन्न करता है। भूकंप का रिकार्ड एक सीस्मोमीटर के साथ रखा जाता है, जो सीस्मोग्राफ भी कहलाता है। एक भूकंप का क्षण परिमाण पारंपरिक रूप से मापा जाता है, या सम्बंधित और अप्रचलित रिक्टर परिमाण लिया जाता है ! 3 या कम परिमाण की रिक्टर तीव्रता का भूकंप अक्सर इम्परसेप्टीबल होता है और 7 रिक्टर की तीव्रता का भूकंप बड़े क्षेत्रों में गंभीर क्षति का कारण होता है।

जब एक बड़ा भूकंप अधिकेन्द्र अपतटीय स्थति में होता है, यह समुद्र के किनारे पर पर्याप्त मात्रा में विस्थापन का कारण बनता है, जो सूनामी का कारण है। भूकंप के झटके कभी-कभी भूस्खलन और ज्वालामुखी गतिविधियों को भी पैदा कर सकते हैं।

सर्वाधिक सामान्य अर्थ में, किसी भी सीस्मिक घटना का वर्णन करने के लिए भूकंप शब्द का प्रयोग किया जाता है, एक प्राकृतिक घटना या मनुष्यों के कारण हुई कोई घटना -जो सीस्मिक तरंगों को उत्पन्न करती है। अक्सर भूकंप भूगर्भीय दोषों के कारण माने जाते हैं, भारी मात्रा में गैस प्रवास, पृथ्वी के भीतर मुख्यतः गहरी मीथेन, ज्वालामुखी, भूस्खलन और नाभिकीय परिक्षण ऐसे मुख्य दोष हैं।

कुछ भौतिक मानवीय तरीके भूकम्प में सुरक्षा के –

– भूकंप के लिए हमेशा और हर वक्‍त तैयार रहना चाहिये। घर बनवाते वक्‍त हमेशा भूकंप की दृष्टि से मजबूत घर बनवाना चाहिये, ताकि भूकंप आने पर घर पर ज्‍यादा असर नहीं पड़े।

– घर में इस प्रकार सामान रखें कि आपदा के वक्‍त आप आसानी से बाहर निकल सकें। यह नियम ऑफिस में भी लागू होता है।

– मकान, दफ्तर या किसी भी इमारत में अगर आप मौजूद हैं तो वहां से फ़ौरन बाहर निकलकर खुले में आ जाएं पर लिफ्ट का इस्तेमाल ना करें ! ऐसी स्थिति में सीढ़ियों का इस्तेमाल ही सबसे सुरक्षित होता है !

– खुले मैदान की ओर भागें, भूकंप के दौरान खुले मैदान से ज्यादा सेफ (सुरक्षित) जगह कोई नहीं होती ! बिजली के तारों और खम्भों से बचकर खड़े रहें !

– घर में फर्स्‍ट एड किट हमेशा तैयार रखी चाहिये, भूकंप या किसी भी प्रकार की दुर्घटना के लिए !

– जैसे ही आपको भूकंप के तेज झटके महसूस हों, और आप बाहर निकलने की स्थिति में ना हों तो आप किसी मजबूत टेबल, बेड के नीचे बैठ जायें और कस कर पकड़ लें।

– जब तक झटके जारी रहें, तब तक एक ही जगह बैठे रहें। या जब तक आप सुनिश्चित न कर लें कि आप सुरक्षित ढंग से बाहर निकल सकते हैं।

– बड़ी अलमारियों से दूर रहें, यदि वो आपके ऊपर गिर गई तो आप चोटिल हो सकते हैं।

– यदि आप ऊंची इमारत में रहते हैं तो खिड़की से दूर रहें।

– यदि आप बिस्‍तर पर हैं तो वहीं रहें या उसके नीचे चले जाए और उसे कसकर पकड़ लें। अपने सिर पर तकिया रख लें।

– यदि आप बाहर हैं तो किसी खाली स्‍थान पर चले जायें, यानी बिल्डिंग, मकान, पेड़, बिजली के खंभों से दूर।

– यदि आप उस समय कार चला रहे हैं तो कार धीमी करें और एक खाली स्‍थान पर ले जाकर पार्क कर दें। तब तक कार में बैठे रहें, जब तक झटके खत्‍म नहीं हो जायें।

– घर की सभी बिजली स्विच को ऑफ कर दें |

– भूकंप के दौरान लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो पैनिक (आतंक, भय) न मचाएं और किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं, ऐसे में स्थिति और बुरी हो सकती है !

– किसी भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त इमारत अथवा ढांचे से दूर रहें।

– भूकंप के बाद, मलबे के ढेर से अपने पैरों को बचाने के लिए जूते-चप्पल पहन कर रखें।

– पहले झटके के बाद, दूसरे झटके की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। कई बार बाद के झटके एक घंटे, दिन, सप्ताह और कई बार कुछ महीनों के बाद तक भी आ सकते हैं।

– मोमबत्ती या लालटेन की जगह टॉर्चलाइट का इस्तेमाल करें।

– जिस इमारत में आप रह रहे हैं, यदि वह भूकंप के बाद पूरी तरह सुरक्षित है तो आप अंदर रहें और रेडियो में दी जा रही सलाह सुनें।

– जमीन पर बिखरी हुई दवाइयां, ब्लीच, गैसोलीन व अन्य ज्वलनशील पदार्थों को तुरंत साफ कर लें। गैस सिलेंडर स्विच बंद करें।

– इलैक्ट्रिकल सिस्टम के किसी भी प्रकार के नुकसान से सावधान रहें। चिंगारी या टूटी हुई तारों से सावधान रहें। ऐसी स्थिति में मेन फ्यूज बॉक्स से इलेक्ट्रिसिटी बंद कर दें।

– इस स्थिति के लिए घर के सदस्यों को अवगत कराकर रखें कि यदि आप एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं, तो कहां संपर्क किया जा सकता है।

अपने घर में पीने के पानी की बोतलें, लंबे समय तक चलने वाले खाद्य पदार्थ, फर्स्ट-एड किट, टॉर्चलाइट, बैटरी ऑपरेटेड रेडियो, अतिरिक्त बैटरी के साथ हर समय रखें।

परिवार के सदस्यों को बिजली, गैस आदि उपकरणों के सही उपयोग की जानकारी दें। ऐसे स्थानों की भी जानकारी दें, जहां भूकंप के समय मौजूद रहना सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर साबित हो सकता है।

भूकंप जैसी स्थितियों के बाद यह बहुत हद तक संभव है कि आपके आसपास के नेटवर्क में खराबी उत्पन्न हो जाए। ऐसी स्थिति में अपने जेब में, दूर शहर में रहने वाले कुछ दोस्त व रिश्तेदारों के फोन नंबर और पते अवश्य रखें, जिनसे मदद के लिए संपर्क किया जा सके। घर में छोटे बच्चों को भी इस संबंध में जानकारी अवश्य देकर रखें।

घर निर्माण के समय भूकंप रोधी उपायों का पालन करें। बिल्डिंग कोड के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए अच्छे कॉन्ट्रक्टर से संपर्क किया जा सकता है। घर के कमजोर भागों की मरम्मत कराकर उन्हें मजबूत कराएं।

नोट – भूकम्प डर से घिग्घी बधने का समय नहीं, बाहुबल दिखाने का समय है इसलिए डर से हाय तौबा में समय बर्बाद करने की बजाय खुद भी बचना चाहिए और दूसरों को भी बचाना चाहिए !

सावधान, पृथ्वी के खम्भों का कांपना बढ़ता जा रहा है !

(आवश्यक सूचना- विश्व के 169 देशों में स्थित “स्वयं बनें गोपाल” समूह के सभी आदरणीय पाठकों से हमारा अति विनम्रतापूर्वक निवेदन है कि आपके द्वारा पूछे गए योग, आध्यात्म से सम्बन्धित किसी भी लिखित प्रश्न (ईमेल) का उत्तर प्रदान करने के लिए, कृपया हमे कम से कम 6 घंटे से लेकर अधिकतम 72 घंटे (3 दिन) तक का समय प्रदान किया करें क्योंकि कई बार एक साथ इतने ज्यादा प्रश्न हमारे सामने उपस्थित हो जातें हैं कि सभी प्रश्नों का उत्तर तुरंत दे पाना संभव नहीं हो पाता है ! वास्तव में “स्वयं बनें गोपाल” समूह अपने से पूछे जाने वाले हर छोटे से छोटे प्रश्न को भी बेहद गंभीरता से लेता है इसलिए हर प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर प्रदान करने के लिए, हम सर्वोत्तम किस्म के विशेषज्ञों की सलाह लेतें हैं, इसलिए हमें आपको उत्तर देने में कभी कभी थोड़ा विलम्ब हो सकता है, जिसके लिए हमें हार्दिक खेद है ! कृपया नीचे दिए विकल्पों से जुड़कर अपने पूरे जीवन के साथ साथ पूरे समाज का भी करें निश्चित महान कायाकल्प)-

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़कर अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) में विश्वस्तरीय योग/आध्यात्म सेंटर खोलकर सुख, शान्ति व निरोगता का प्रचार प्रसार करना चाहतें हैं, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में योग, प्राणायाम, आध्यात्म, हठयोग (अष्टांग योग) राजयोग, भक्तियोग, कर्मयोग, कुण्डलिनी शक्ति व चक्र जागरण, योग मुद्रा, ध्यान, प्राण उर्जा चिकित्सा (रेकी या डिवाईन हीलिंग), आसन, प्राणायाम, एक्यूप्रेशर, नेचुरोपैथी एवं महा फलदायी "स्वयं बनें गोपाल" प्रक्रिया (जो कि एक अतिदुर्लभ आध्यात्मिक साधना है) का शिविर, ट्रेनिंग सेशन्स, शैक्षणिक कोर्सेस, सेमीनार्स, वर्क शॉप्स, प्रोग्राम्स (कार्यक्रमों), कांफेरेंसेस आदि का आयोजन करवाकर समाज को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना चाहतें हैं, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप विश्व प्रसिद्ध “स्वयं बनें गोपाल” समूह से योग, आध्यात्म से सम्बन्धित शैक्षणिक कोर्स करके अपने व दूसरों के जीवन को भी रोगमुक्त बनाना चाहतें हैं, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में, अब लुप्त हो चुके अति दुर्लभ विज्ञान के प्रारूप {जैसे- प्राचीन गुप्त हिन्दू विमानों के वैज्ञानिक सिद्धांत, ब्रह्मांड के निर्माण व संचालन के अब तक अनसुलझे जटिल रहस्यों का सत्य (जैसे- ब्लैक होल, वाइट होल, डार्क मैटर, बरमूडा ट्रायंगल, इंटर डायमेंशनल मूवमेंट, आदि जैसे हजारो रहस्य), दूसरे ब्रह्मांडों के कल्पना से भी परे आश्चर्यजनक तथ्य, परम रहस्यम एलियंस व यू.ऍफ़.ओ. की दुनिया सच्चाई (जिन्हें जानबूझकर पिछले कई सालों से विश्व की बड़ी विज्ञान संस्थाएं आम जनता से छुपाती आ रही हैं) तथा अन्य ऐसे सैकड़ों सत्य (जैसे- पिरामिड्स की सच्चाई, समय में यात्रा, आदि) के विभिन्न अति रोचक, एकदम अनछुए व बेहद रहस्यमय पहलुओं से सम्बन्धित नॉलेज ट्रान्सफर सेमीनार (सभा, सम्मेलन, वार्तालाप, शिविर आदि), कार्यक्रमों आदि का आयोजन करवाकर, इन दुर्लभ ज्ञानों से अनभिज्ञ समाज को परिचित करवाना चाहते हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में, अति पवित्र व मोक्षदायिनी धार्मिक गाथाएं, प्राचीन हिन्दू धर्म के वेद पुराणों व अन्य ग्रन्थों में वर्णित जीवन की सभी समस्याओं (जैसे- कष्टसाध्य बीमारियों से मुक्त होकर चिर यौवन अवस्था प्राप्त करने का तरीका) के समाधान करने के लिए परम आश्चर्यजनक रूप से लाभकारी व उपयोगी साधनाएं व ज्ञान आदि से सम्बन्धित नॉलेज ट्रान्सफर सेमीनार (सभा, सम्मेलन, वार्तालाप, शिविर आदि), कार्यक्रमों आदि का आयोजन करवाकर, पूरी तरह से निराश लोगों में फिर से नयी आशा की किरण जगाना चाहते हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में, एक आदर्श समाज की सेवा योग की असली परिचायक भावना अर्थात “वसुधैव कुटुम्बकम” की अलख ना बुझने देने वाले विभिन्न सौहार्द पूर्ण, देशभक्ति पूर्ण, समाज के चहुमुखी विकास व जागरूकता पूर्ण, पर्यावरण सरंक्षण, शिक्षाप्रद, महिला सशक्तिकरण, नशा एवं कुरीति उन्मूलन, अनाथ गरीब व दिव्यांगो के भोजन वस्त्र शिक्षा रोजगार आदि जैसी मूलभूत सुविधाओं के प्रबंधन, मोटिवेशनल (उत्साहवर्धक व प्रेरणास्पद) एवं परोपकार पर आधारित कार्यक्रमों (चैरिटी इवेंट्स, चैरिटी शो व फाईलेन्थ्रोपी इवेंट्स) का आयोजन करवाकर ऐसे वास्तविक परम पुण्य प्रदाता महायज्ञ में अपनी आहुति देना चाहतें हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने गाँव/शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) में भारतीय देशी गाय माता से सम्बन्धित कोई व्यवसायिक/रोजगार उपक्रम (जैसे- अमृत स्वरुप सर्वोत्तम औषधि माने जाने वाले, सिर्फ भारतीय देशी गाय माता के दूध व गोमूत्र का विक्रय केंद्र, गोबर गैस प्लांट, गोबर खाद आदि) {या मात्र सेवा केंद्र (जैसे- बूढी बीमार उपेक्षित गाय माता के भोजन, आवास व इलाज हेतु प्रबन्धन)} खोलने में सहायता लेकर साक्षात कृष्ण माता अर्थात गाय माता का अपरम्पार बेशकीमती आशीर्वाद के साथ साथ अच्छी आमदनी भी कमाना, चाहतें हैं तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप एक संस्था, विशेषज्ञ या व्यक्ति विशेष के तौर पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह से औपचारिक, अनौपचारिक या अन्य किसी भी तरह से जुड़कर या हमसे किसी भी तरह का उचित सहयोग, सहायता, सेवा लेकर या देकर, इस समाज की भलाई के लिए किसी भी तरह का ईमानदारी पूर्वक प्रयास करना चाहतें हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

जानिये “स्वयं बनें गोपाल” समूह और इसके प्रमुख स्वयं सेवकों के बारे में

धन्यवाद,
(“स्वयं बनें गोपाल” समूह)

हमारा सम्पर्क पता (Our Contact Address)-
“स्वयं बनें गोपाल” समूह,
प्रथम तल, “स्वदेश चेतना” न्यूज़ पेपर कार्यालय भवन (Ground Floor, “Swadesh Chetna” News Paper Building),
समीप चौहान मार्केट, अर्जुनगंज (Near Chauhan Market, Arjunganj),
सुल्तानपुर रोड, लखनऊ (Sultanpur Road, Lucknow),
उत्तर प्रदेश, भारत (Uttar Pradesh, India).

हमारा सम्पर्क फोन नम्बर (Our Contact No)– 91 - 0522 - 4232042, 91 - 07607411304

हमारा ईमेल (Contact Mail)– info@svyambanegopal.com

हमारा फेसबुक (Our facebook Page)- https://www.facebook.com/Svyam-Bane-Gopal-580427808717105/

हमारा ट्विटर (Our twitter)- https://twitter.com/svyambanegopal

आपका नाम *

आपका ईमेल *

विषय

आपका संदेश



ये भी पढ़ें :-



[ajax_load_more preloaded="true" preloaded_amount="3" images_loaded="true"posts_per_page="3" pause="true" pause_override="true" max_pages="3"css_classes="infinite-scroll"]