गिर के सिंह का योजनाबद्ध सिर्फ एक भीषण वार, काला धन व जातिगत पार्टियां अन्त की ओर अग्रसर

· November 10, 2016

पिछले कई सालों से कई सफेदपोश राजनैतिक पार्टियां जो वास्तव में भेड़ की खाल में छिपे भेड़ियों से भरी पड़ी हैं उनका यही ट्रेंड बार बार रहा है कि जब जब सत्ता मिले तब तब जम कर आखिरी लूटो खसोटो निचोड़ो और जब चुनाव पास आ जाए तो पहले जातिगत हिंसा भड़का दो फिर अपने द्वारा लूटे गए माल में से थोड़ी सी भीख, महंगाई गरीबी भूख से त्रस्त जनता पर छिड़क कर उनका बेशकीमती वोट हथियाने की कोशिश करो !

पर अब ऐसी भ्रष्ट राजनैतिक पार्टियों और उनसे जुड़े कई नेताओं के लिए यह महा आपदा आ गयी है कि आखिर अब वो कैसे इस बार चुनाव जीत पायेंगे क्योंकि इस बार तो वे सिर्फ जाति वाला कार्ड ही खेल सकते हैं बाकि पैसे से वोट खरीदने वाली बात जहाँ तक है, वो तो पूरा मामला ही मोदी जी ने अचानक अपने एक भीषण वार से “द एंड” कर दिया !

इन भ्रष्ट राजनेताओं का पहला सुख, चैन, नीद हराम करने वाला दर्द यह है कि उनका अब तक का बड़ी मेहनत और बड़े जोखिम से कमाया हुआ अकूत हराम का पैसा या तो कूड़ा होने वाला है या तो उनके जेल जाने का कारण बनने वाला है क्योंकि अगर वे अपने काले धन को घर में ही रखे रहे तो वो धन कुछ दिनों बाद रद्दी के ढेर में बदल जाएगा, और अगर वे अपने काले धन को जमा कराने बैंक ले गए तो वे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को क्या जवाब देंगे कि इतनी अकूत दौलत उन्होंने कैसे, कब, कहाँ से कमाई !

बड़ा रोचक होगा अब यह देखना कि इन जातिगत राजनीति करने वालों का आखिर चुनाव में हश्र क्या होने वाला है !

कोई पिछले कई सालों से जाति विशेष का रहनुमा बन कर अपनी तिजोरी भर रहा था, तो कोई वर्ग विशेष की सहानुभूति पर नोटों की माला पहन रहा था ! कोई हिन्दू मुसलमान के अंदर असुरक्षा की भावना पैदा कर उनके वोटों पर शासन की रबड़ी मलाई खा रहा था तो कोई वर्ण विशेष को पटाने की फिराक में था !

“यथा राजा तथा प्रजा” मतलब जैसा राजा होता है वैसे ही जनता में भी कई लोग होने लगतें हैं | अगर राजा यानी मुख्यमंत्री अप्रत्यक्ष तरीके से जातिवाद को बढ़ावा देगा तो जनता में भी अपने आप जातिवाद के नाम पर फूट पड़ जायेगी !

इसी का सबसे बड़ा प्रमाण है जनता में मौजूद कुछ मूर्ख लोगों का यह सोच कर बार बार धोखा खाना कि मुख्यमंत्री की जाति से ही उनके अगले 5 साल का भविष्य तय होता है पर वास्तव में ऐसा कुछ होता है नहीं क्योंकि ऐसे भ्रष्ट नेता जब एक बार अपनी जाति/मजहब वालों का वोट पाने के बाद चुनाव जीत जाते हैं तो ये अपने करीबियों तक को पहचानते हैं नहीं तो अपने जाति/मजहब वालों को क्या पहचानेंगे !

पहले जिस बी. जे. पी. पर आरोप लगता था कि यह पार्टी विकास के कामों को करने की बजाय सिर्फ चुनावों के दौरान राम मंदिर का मुद्दा उठाकर वोट पाना जानती है, आज उसी बी. जे. पी. के प्रति पढ़े लिखे और बिना पढ़े लिखे दोनों तरह के लोगों की राय तेजी से बदल रही है क्योंकि मोदी जी के द्वारा केंद्र में किये गए सैकड़ों एकदम नए अभूतपूर्व विकास कार्यों का असर अब आम जनता को प्रत्यक्ष दिखने लगा है (हालंकि मोदीजी अर्थात केंद्र के अच्छे कार्यों को कैसे कोई प्रदेश सरकार अपने प्रदेश में इरादतन या गैर इरादतन तरीके से मटियामेट कर सकती है जानने के लिए क्लिक करें, नीचे दिए गए आर्टिकल का लिंक) !

पर वास्तव में उत्तर प्रदेश जैसे आर्थिक रूप से पिछड़े प्रदेश में जाति की राजनीति से ऊपर उठकर कितने लोग विकास का साथ देंगे इसका सही आकलन तो इलेक्शन का रिजल्ट आने पर ही पता चलेगा !

इस सच्चाई से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि कोई प्रदेश अगर विकास की दौड़ में अन्य प्रदेशों की तुलना में पिछड़ा हुआ होता है तो उसके पीछे कही ना कहीं उस प्रदेश की बहुसंख्यक जनता की मानसिकता भी कारण होती है जिसका सबसे बड़ा उदाहरण है बिहार प्रदेश जहाँ जात – पात, छुआछूत, अंधविश्वास, आडम्बर, अशिक्षा आदि चरम पर थी और अभी भी काफी है जिसकी वजह से जाति की आड़ में कुछ भयंकर घोटालेबाज नेताओं ने वहां दसियों साल तक राजभोग का सुख प्राप्त किया और ना जाने कितनी अपार निजी संपत्ति खड़ा की, कि उसका सही अंदाजा लगा पाना खुद उनके लिए भी मुश्किल है !

अगर हम बात करें आज के उत्तर प्रदेश की उन अधिकांश आम जनता कि जो किसी भी तरह के जात पात में ना पड़ कर सिर्फ हाड़ तोड़ मेहनत से पैसा कमाना जानती है, उसे भी वास्तव में अन्य प्रदेशो की जनता की तरह किसी भी सरकार से मुख्यतः सिर्फ दो ही चीज चाहिए होती है और वो दो चीजें है अवसर (अधिक से अधिक आर्थिक उन्नति करने आदि के अवसर) और सुरक्षा (क़ानून से लेकर हेल्थ तक की सुरक्षा) !

पर उत्तर प्रदेश की बहुत सी जनता पूरी तरह से हैरान, परेशान और कन्फ्यूज्ड है जिसका कारण उनमे से कई लोगों ने हमसे जुड़े समाज शास्त्रियों से बताया कि प्रदेश में विकास का काम तो कुछ हो रहा है नहीं, बल्कि जाति मजहब के नाम पर बढती हिंसा की वजह से प्रदेश छोड़ कर भागना जरूर पड़ रहा है !

सिर्फ विकास को ही वोट देने वाले उत्तर प्रदेश के एक सामन्य पर प्रचण्ड देशभक्त नागरिक ने हमारी संस्था के माध्यम से उन जाति के नाम पर वोट देने वाली मूर्ख जनता से प्रार्थना की है कि चार बेटे पैदा करो और एक को यादव बना दो, दूसरे को दलित, तीसरे को मुसलमान और चौथे को ईसाई बना दो और फिर बैठ कर तमाशा देखो कि क्या अगले 10 – 20 सालों में तुम्हारी आर्थिक दशा सुधरती है ? मतलब क्या यादव, दलित, मुसलमान या ईसाई बनाने से तुम्हारी गरीबी दूर हो गयी ?

नहीं, कदापि नहीं !

क्योंकि मुख्यमंत्री कि जाति से जनता की जाति मैच करने पर अगर वाकई में कोई फायदा मिलता तो आज उत्तर प्रदेश में लाखों यादव, दलित, मुसलमान और इसाई गरीबी रेखा से नीचे, अँधेरे और निराशा युक्त माहौल में दुखद जिंदगी ना जी रहे होते !

वास्तविक सच्चाई यही है कि जैसे चूहे को फ़साने के लिए रोटी का टुकड़ा फेका जाता है ठीक उसी तरह इलेक्शन टाइम में अपनी जाति और मजहब के लोगों का वोट पाने के लिए, बहुत से नेता जाति और मजहब से सम्बंधित कई किस्म के शिगूफे, अफवाहें, ड्रामा और नौटंकी आदि जनता के बीच में बिकाऊ मीडिया के माध्यम से फैलाते है और आश्चर्यजनक रूप से इन नौटंकी के झांसे में बहुत से लोग आ भी जाते हैं और अपनी जाति के नेता द्वारा विकास के नाम पर अपनी तिजोरी भरने वाली बात भूलकर, वोट दे आतें हैं !

अरे बार बार धोखा खाने की भी एक लिमिट होती है !

दुनिया का सबसे मूर्ख जानवर, भैंस भी कुछ बार डंडे की चोट खाकर समझ जाती है कि किधर जाना है और किधर नहीं जाना है, पर वाह रे जनता के बीच मौजूद, भैंस से भी गए गुजरे दिमाग के वे लोग, जो बार बार अपनी जाति के ऐसे नेताओं द्वारा ठगे जाते हैं जो एक बार वोट पाने के बाद 5 साल झांकने भी नहीं जाते कि उनको वोट देने वाला जी रहा है कि मर गया !

आज कि डेट में बिजनेस करने के लिए पूरे भारत कि सबसे बढ़िया जगह गुजरात मानी जाने लगी है और इसीलिए वहां छोटे से छोटा आदमी भी नौकरी नहीं, सिर्फ बिजनेस करना चाहता है !

ठीक इसी तरह अगर उत्तर प्रदेश जैसे पिछड़े प्रदेश में विकास होगा तो रोजगार, बिजनेस बढेगा जिससे पैसा कमाने के सैकड़ों नए नए जरिया पैदा होंगे तब फिर क्या जरूरत रहेगी अपने किसी काम के लिए अपने जाति के परिचय का सहारा लेकर किसी नेता की कृपा की भीख मांगने की !

पैसा ही शक्ति है ! पैसा नहीं है तो अपनी जाति के नेता लोग भी दुत्कार देते हैं भले ही इलेक्शन टाइम में वोट उन्ही को दिया गया हो और अगर पैसा है तो किसी भी नेता के सामने हाथ फ़ैलाने की जरूरत ही क्या है !

जाति/मजहब के नाम पर वर्षो से सत्ता सुख भोगने वाली अन्य पार्टियों की ही तरह खानदान विशेष की पार्टी जो अपने एक से बढकर एक महान भ्रष्टाचारी कीर्तिमानों के लिए देश विख्यात है, उसके युवराज अर्थात पप्पू भी अन्दर ही अन्दर आजकल बौखलायें हुए हैं क्योंकि उन्हें अब यह सीरियसली डर सताने लगा है कि इससे पहले की उनकी पार्टी का कोई नामलेवा पूरे देश में ना बचे उन्हें भी कुछ ऐसा नया चमत्कारी कदम उठाना चाहिए जिससे उनकी पार्टी का शानदार कम बैक हो सके !

अपनी पार्टी को जनता की नजर में भ्रष्ट की जगह विकास की पार्टी के रूप में प्रदर्शित करने के लिए, आगामी इलेक्शन में पप्पू के द्वारा अति उत्साह में ऐसे नौसिखियों को टिकट देने की बात सुनने को मिल रही है जिनके बारे में पप्पू के ही पार्टी के कई सीनियर लीडर्स का कहना है कि अबकी लगता है पप्पू पूरे प्रदेश में ही पार्टी की भद्द पिटवाकर ही मानेगा !

ये सीनियर लीडर्स बार बार प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष तरीके से पप्पू को समझाने की कोशिश कर रहें कि बेटा यह गलतफहमी त्याग दो कि जुए के रेस के मैदान की ही तरह अगर चुनाव में भी तुम लंगड़े घोड़ों पर दांव लगाओगे तो बड़ी जीत पाओगे क्योंकि जब ये नौसिखिये घोड़े चार कदम दौड़ने के बाद ही थककर दौड़ना छोड़, अचानक से घास चरने के लिए निकल लेंगे, तब तो तुम्हारी खानदानी पार्टी के राजशाही रुतबे का एकदम दही ही हो जाएगा आखिर पार्टी की इज्जत का अब और किस हद तक कबाड़ा बना कर ही मानोगे तुम ??

पर पप्पू है कि किसी समझदार सीनियर्स की सलाह सुनने की बजाय, बेवजह इतना उत्साह में भरा हुआ है कि जब तक वो पूरी पार्टी ही को अपने आखिरी अंजाम तक नहीं पंहुचा देगा, तब तक उटपटांग एक्सपेरिमेंट करना कत्तई नहीं छोड़ेगा !

ऐसे में इन सीनियर लीडर्स के पास बार बार अंतर विलाप करने के अलावा और कोई चारा नहीं है कि काश हम भी वक्त रहते इस दिन ब दिन पतनोन्मुख होती पार्टी से निकल कर दूसरी पार्टी में शामिल हो गये होते तो आज कम से कम अपने ही यार रिश्तेदारों की नजर में हंसी के पात्र तो नहीं बने होते !

(आवश्यक सूचना- विश्व के 169 देशों में स्थित “स्वयं बनें गोपाल” समूह के सभी आदरणीय पाठकों से हमारा अति विनम्रतापूर्वक निवेदन है कि आपके द्वारा पूछे गए योग, आध्यात्म से सम्बन्धित किसी भी लिखित प्रश्न (ईमेल) का उत्तर प्रदान करने के लिए, कृपया हमे कम से कम 6 घंटे से लेकर अधिकतम 72 घंटे (3 दिन) तक का समय प्रदान किया करें क्योंकि कई बार एक साथ इतने ज्यादा प्रश्न हमारे सामने उपस्थित हो जातें हैं कि सभी प्रश्नों का उत्तर तुरंत दे पाना संभव नहीं हो पाता है ! वास्तव में “स्वयं बनें गोपाल” समूह अपने से पूछे जाने वाले हर छोटे से छोटे प्रश्न को भी बेहद गंभीरता से लेता है इसलिए हर प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर प्रदान करने के लिए, हम सर्वोत्तम किस्म के विशेषज्ञों की सलाह लेतें हैं, इसलिए हमें आपको उत्तर देने में कभी कभी थोड़ा विलम्ब हो सकता है, जिसके लिए हमें हार्दिक खेद है ! कृपया नीचे दिए विकल्पों से जुड़कर अपने पूरे जीवन के साथ साथ पूरे समाज का भी करें निश्चित महान कायाकल्प)-

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़कर अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) में विश्वस्तरीय योग/आध्यात्म सेंटर खोलकर सुख, शान्ति व निरोगता का प्रचार प्रसार करना चाहतें हैं, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में योग, प्राणायाम, आध्यात्म, हठयोग (अष्टांग योग) राजयोग, भक्तियोग, कर्मयोग, कुण्डलिनी शक्ति व चक्र जागरण, योग मुद्रा, ध्यान, प्राण उर्जा चिकित्सा (रेकी या डिवाईन हीलिंग), आसन, प्राणायाम, एक्यूप्रेशर, नेचुरोपैथी एवं महा फलदायी "स्वयं बनें गोपाल" प्रक्रिया (जो कि एक अतिदुर्लभ आध्यात्मिक साधना है) का शिविर, ट्रेनिंग सेशन्स, शैक्षणिक कोर्सेस, सेमीनार्स, वर्क शॉप्स, प्रोग्राम्स (कार्यक्रमों), कांफेरेंसेस आदि का आयोजन करवाकर समाज को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना चाहतें हैं, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप विश्व प्रसिद्ध “स्वयं बनें गोपाल” समूह से योग, आध्यात्म से सम्बन्धित शैक्षणिक कोर्स करके अपने व दूसरों के जीवन को भी रोगमुक्त बनाना चाहतें हैं, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में, अब लुप्त हो चुके अति दुर्लभ विज्ञान के प्रारूप {जैसे- प्राचीन गुप्त हिन्दू विमानों के वैज्ञानिक सिद्धांत, ब्रह्मांड के निर्माण व संचालन के अब तक अनसुलझे जटिल रहस्यों का सत्य (जैसे- ब्लैक होल, वाइट होल, डार्क मैटर, बरमूडा ट्रायंगल, इंटर डायमेंशनल मूवमेंट, आदि जैसे हजारो रहस्य), दूसरे ब्रह्मांडों के कल्पना से भी परे आश्चर्यजनक तथ्य, परम रहस्यम एलियंस व यू.ऍफ़.ओ. की दुनिया सच्चाई (जिन्हें जानबूझकर पिछले कई सालों से विश्व की बड़ी विज्ञान संस्थाएं आम जनता से छुपाती आ रही हैं) तथा अन्य ऐसे सैकड़ों सत्य (जैसे- पिरामिड्स की सच्चाई, समय में यात्रा, आदि) के विभिन्न अति रोचक, एकदम अनछुए व बेहद रहस्यमय पहलुओं से सम्बन्धित नॉलेज ट्रान्सफर सेमीनार (सभा, सम्मेलन, वार्तालाप, शिविर आदि), कार्यक्रमों आदि का आयोजन करवाकर, इन दुर्लभ ज्ञानों से अनभिज्ञ समाज को परिचित करवाना चाहते हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में, अति पवित्र व मोक्षदायिनी धार्मिक गाथाएं, प्राचीन हिन्दू धर्म के वेद पुराणों व अन्य ग्रन्थों में वर्णित जीवन की सभी समस्याओं (जैसे- कष्टसाध्य बीमारियों से मुक्त होकर चिर यौवन अवस्था प्राप्त करने का तरीका) के समाधान करने के लिए परम आश्चर्यजनक रूप से लाभकारी व उपयोगी साधनाएं व ज्ञान आदि से सम्बन्धित नॉलेज ट्रान्सफर सेमीनार (सभा, सम्मेलन, वार्तालाप, शिविर आदि), कार्यक्रमों आदि का आयोजन करवाकर, पूरी तरह से निराश लोगों में फिर से नयी आशा की किरण जगाना चाहते हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में, एक आदर्श समाज की सेवा योग की असली परिचायक भावना अर्थात “वसुधैव कुटुम्बकम” की अलख ना बुझने देने वाले विभिन्न सौहार्द पूर्ण, देशभक्ति पूर्ण, समाज के चहुमुखी विकास व जागरूकता पूर्ण, पर्यावरण सरंक्षण, शिक्षाप्रद, महिला सशक्तिकरण, नशा एवं कुरीति उन्मूलन, अनाथ गरीब व दिव्यांगो के भोजन वस्त्र शिक्षा रोजगार आदि जैसी मूलभूत सुविधाओं के प्रबंधन, मोटिवेशनल (उत्साहवर्धक व प्रेरणास्पद) एवं परोपकार पर आधारित कार्यक्रमों (चैरिटी इवेंट्स, चैरिटी शो व फाईलेन्थ्रोपी इवेंट्स) का आयोजन करवाकर ऐसे वास्तविक परम पुण्य प्रदाता महायज्ञ में अपनी आहुति देना चाहतें हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने गाँव/शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) में भारतीय देशी गाय माता से सम्बन्धित कोई व्यवसायिक/रोजगार उपक्रम (जैसे- अमृत स्वरुप सर्वोत्तम औषधि माने जाने वाले, सिर्फ भारतीय देशी गाय माता के दूध व गोमूत्र का विक्रय केंद्र, गोबर गैस प्लांट, गोबर खाद आदि) {या मात्र सेवा केंद्र (जैसे- बूढी बीमार उपेक्षित गाय माता के भोजन, आवास व इलाज हेतु प्रबन्धन)} खोलने में सहायता लेकर साक्षात कृष्ण माता अर्थात गाय माता का अपरम्पार बेशकीमती आशीर्वाद के साथ साथ अच्छी आमदनी भी कमाना, चाहतें हैं तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप एक संस्था, विशेषज्ञ या व्यक्ति विशेष के तौर पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह से औपचारिक, अनौपचारिक या अन्य किसी भी तरह से जुड़कर या हमसे किसी भी तरह का उचित सहयोग, सहायता, सेवा लेकर या देकर, इस समाज की भलाई के लिए किसी भी तरह का ईमानदारी पूर्वक प्रयास करना चाहतें हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

जानिये “स्वयं बनें गोपाल” समूह और इसके प्रमुख स्वयं सेवकों के बारे में

धन्यवाद,
(“स्वयं बनें गोपाल” समूह)

हमारा सम्पर्क पता (Our Contact Address)-
“स्वयं बनें गोपाल” समूह,
प्रथम तल, “स्वदेश चेतना” न्यूज़ पेपर कार्यालय भवन (Ground Floor, “Swadesh Chetna” News Paper Building),
समीप चौहान मार्केट, अर्जुनगंज (Near Chauhan Market, Arjunganj),
सुल्तानपुर रोड, लखनऊ (Sultanpur Road, Lucknow),
उत्तर प्रदेश, भारत (Uttar Pradesh, India).

हमारा सम्पर्क फोन नम्बर (Our Contact No)– 91 - 0522 - 4232042, 91 - 07607411304

हमारा ईमेल (Contact Mail)– info@svyambanegopal.com

हमारा फेसबुक (Our facebook Page)- https://www.facebook.com/Svyam-Bane-Gopal-580427808717105/

हमारा ट्विटर (Our twitter)- https://twitter.com/svyambanegopal

आपका नाम *

आपका ईमेल *

विषय

आपका संदेश



ये भी पढ़ें :-



[ajax_load_more preloaded="true" preloaded_amount="3" images_loaded="true"posts_per_page="3" pause="true" pause_override="true" max_pages="3"css_classes="infinite-scroll"]