“स्वयं बनें गोपाल” समूह का आप सभी आदरणीयों के लिए विशेष धन्यवाद, संवाद व सूचना

· November 4, 2017

पूरे विश्व में स्थित “स्वयं बनें गोपाल” समूह के सभी आदरणीय पाठकों को “स्वयं बनें गोपाल” समूह का हार्दिक प्रणाम,

दिनांक 31 October 2017 अर्थात हरि प्रबोधनी एकादशी के शुभ अवसर पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह से फेसबुक के माध्यम से जुड़ने वाले आदरणीय मित्रों की संख्या, 2 लाख से ऊपर हो गयी जो कि निश्चित रूप से हम सभी “स्वयं बनें गोपाल” समूह के तुच्छ स्वयं सेवी कार्यकर्ताओं के लिए अत्यंत उत्साह वर्धन का विषय है !

हालांकि इसमें एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि विभिन्न सर्च इन्जंस (जैसे Google, Bing आदि) से अपनी मतलब की जानकारी खोजते हुए “स्वयं बनें गोपाल” समूह की वेबसाइट पर पहुचने वाले लाखों पाठक, अगर “स्वयं बनें गोपाल” समूह के फेस बुक पेज से भी जुड़ते जाएँ तो फेसबुक से जुड़ने वाले मित्रों की संख्या में भी अत्यंत तेजी से विस्तार होगा !

गूगल एनलिटिक्स के आंकड़े यही बताते हैं कि अधिकाँश पाठक “स्वयं बनें गोपाल” समूह के किसी भी आर्टिकल को पढ़ने के लिए डायरेक्ट वेबसाइट पर जाना ज्यादा पसंद करतें हैं, ना कि किसी सोशल मीडिया (facebook) के माध्यम से !

निश्चित रूप यह आसान पड़ता है इसलिए अधिकाँश आदरणीय पाठक यही तरीका अपनातें हैं लेकिन फेसबुक से जुड़ते जाने वाले आदरणीय पाठकों की संख्या इसलिए भी हमारे लिए मायने रखती है क्योंकि हम सभी तुच्छ स्वयं सेवी अपने गुरुसत्ता के मार्गदर्शन में किये जाने वाले हर परोपकार के कार्य को पूर्ण करने के लिए काफी मेहनत करतें हैं और जब हम देखतें है कि हमारे कार्य का फल अधिक से अधिक जनमानस तक पहुच रहा है तो हमारी थकान, तुरंत हमारे उत्साह में बदल जाती है अतः आप सभी आदरणीय पाठकों से निवेदन है कि अगर अभी तक आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह के फेसबुक पेज से नहीं जुड़ पायें हों, तो कृपया अभी जुड़ें !

गूगल एनलिटिक्स के आंकड़े यह भी बतातें हैं कि “स्वयं बनें गोपाल” समूह के पाठकों की संख्या विश्व के 195 देशों में से 169 देशों तक हो चुकी है, जबकि पिछले साल तक यह 161 देशों तक थी ! अगर शहरों की बात करें तो यह पिछले साल के 3785 शहरों के आंकड़े से बढ़कर 4311 तक पहुँच गयी है !

इन शहरों में विश्व के सभी बड़े शहरों (जैसे – वाशिंगटन, अबू धाबी, मास्को, सैन फ्रांसिस्को, मियामी, दुबई, लॉस एंजिलिस, बैंकाक, इस्तांबुल, न्यूयॉर्क, जेद्दाह, सिडनी, दोहा, औस्टिन, जोहान्सबर्ग, लन्दन, शिकागो, मस्कट, बीजिंग, ह्यूस्टन, नैरोबी, बोस्टन, शारजाह, अटलांटा, सिंगापुर, डरहम, फिलाडेल्फिया, टोरंटो, ब्रिस्बेन, हॉन्ग कॉन्ग, पर्थ, बर्लिन, ऑक्लैण्ड, रोम, पेरिस, डबलिन, शंघाई, मिलान, सिओल, कंसास सिटी, सेंट पीटर्सबर्ग, कैम्ब्रिज, बेवर्ली हिल्स, कोलंबिया, म्यूनिख, मक्का, होनोलुलू, नई दिल्ली, वेनकुअर, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ आदि आदि) से लेकर छोटे शहरों (जैसे- भागलपुर, समस्तीपुर, रतलाम, कोल्हापुर, बलिया, लुधियाना आदि आदि) तक “स्वयं बनें गोपाल” समूह के पाठक गण मौजूद हैं !

नित्य तेजी से विस्तृत होता जा रहा आप सभी आदरणीयों का यह प्रेम, आशीर्वाद व मार्गदर्शन देखकर हम सभी तुच्छ स्वयं सेवियों को अपूर्व उत्साह व संतोष प्राप्त होता है, जिससे हम, पूरे जीव जगत के स्वर्णिम युग की पुनर्स्थापना के अपने मिशन में दुगनी रफ़्तार से लग जातें हैं !

कई पाठकों ने “स्वयं बनें गोपाल” समूह से निवेदन किया कि उन्हें ब्रह्मांड और उससे जुड़े हर तरह के रहस्यमय पहलुओं के बारे में अधिक से अधिक जानना है तो ऐसे ही पाठकों का हम परिचय करा रहें हैं, एक ऐसी वेबसाइट से जिसमें लगभग सभी तरह के रहस्यमय पहलुओं के बारे में एकदम ऑथेंटिक (सत्य) इनफार्मेशन उपलब्ध है !

इस वेबसाइट की जानकारियों को ऑथेंटिक इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि इसमें लिखे कई लेखों की जानकारी उन्ही आदरणीय व मूर्धन्य शोधकर्ताओं द्वारा दी गयी है जिनकी जानकारियों को “स्वयं बनें गोपाल” समूह ने खुद कुछ लेखों में प्रकाशित किया है !

इन्ही सत्यपरक जानकारियों के अमूल्य भंडार की वजह से यह वेबसाइट, आम जनमानस में बहुत ही तेजी से प्रसिद्ध होती जा रही है और कई अन्य नामी गिरामी वेबसाइटस व टेलीविजन प्रोग्राम्स द्वारा कॉपी पेस्ट भी हो रही हैं !

इस वेबसाइट में दिए गए लेख इस वजह से इतनी ज्यादा लोकप्रियता हासिल कर रहें हैं क्योंकि यह ऐसी सच्चाईयों का भी बेधडक पर्दाफाश करतें हैं जिन्हें करने में आज भी बहुत से लोग हिचकतें हैं या डर जातें हैं !

इस वेबसाइट का नाम है- रहस्यमय डॉट कॉम (www.rahasyamaya.com) और इसका फेसबुक लिंक है- https://www.facebook.com/Rahasyamaya-450440778485688/ और इसके कुछ बेहद प्रसिद्ध आर्टिकल्स के लिंक्स नीचे दिए गएँ हैं-

कुण्डलिनी शक्ति तंत्र, षट्चक्र, और नाड़ी चक्र के रहस्य

वैमानिक शास्त्र: प्राचीन भारतीय ग्रंथों में आये विमानों का रहस्य

योग, प्राणायाम, आध्यात्म और विज्ञान भारत की देन

तंत्र साहित्य में ब्रह्म के सच्चिदानन्द स्वरुप की व्याख्या

परकाया प्रवेश या प्रेतलीला

क्या लोहे को सोने में बदला जा सकता है

दुनिया के सबसे बड़े हत्यारे के ग़ायब होने का रहस्य

महाभारत कालीन असीरियन सभ्यता का रहस्य

पुनर्जन्म की विचित्र घटना

हस्तरेखा विशेषज्ञ कीरो का प्रेतात्मा से हुआ सामना

ब्रह्मप्रेत की मुक्ति

क्या है मृत्यु

एलियंस की पहेली

गोमाता व राष्ट्रभक्तों का आशीर्वाद इस वैचारिक क्रान्ति को अन्जाम तक पहुंचाकर छोड़ेगा

(आवश्यक सूचना – “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट में प्रकाशित सभी जानकारियों का उद्देश्य, सत्य व लुप्त होते हुए ज्ञान के विभिन्न पहलुओं का जनकल्याण हेतु अधिक से अधिक आम जनमानस में प्रचार व प्रसार करना मात्र है ! अतः “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि इस वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक, एक्यूप्रेशर तथा अन्य किसी भी प्रकार के उपायों व जानकारियों को किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक, योगाचार्य, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट तथा अन्य सम्बन्धित विषयों के एक्सपर्ट्स से परामर्श अवश्य ले लें क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं)





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