Category: मन को दिव्य शान्ति और जीवन का मार्गदर्शन करने वाली पुण्यवर्धक मोक्षदायिनी धार्मिक कथायें

अगर गूँगा, पागल, बकवासी, धृष्ट, मूर्ख, डरपोक और निकृष्ट कुल की गाली सुनने का जिगर हो तो ही इसे शुरू करियेगा…

एक सिद्ध योगी थे । अपनी सिद्धियों के द्वारा अनेक कार्य शीघ्र सम्पन्न कर देते थे । किन्तु उन्हें अपने हृदय में शान्ति का अनुभव नहीं होता था । उन्होंने सोचा जब शान्ति ही...

5000 साल पहले हुई भविष्यवाणी कितनी सटीक साबित हो रही है

ये प्रसंग है, अनन्त ब्रह्माण्ड नायक योगेश्वर श्री कृष्ण और उनके परम प्रिय पांडु पुत्रों का | महाभारत के अति भीषण युद्ध में जीत के बाद जब सब कुछ सामान्य तरीके से चलने लगा...

धर्म पिता के धर्म पुत्र का धर्म

पांड़ु पुत्र युधिष्ठर के बारे में चर्चा करते ही लोग उनके जुए में सर्वस्व हारने की बात याद करते है पर ये भूल जाते है की युधिष्ठर जी से बड़ा धर्मात्मा त्यागी बलिदानी मानव,...

क्यों है महाबली शनि देव के हाथ में दण्ड

शनि देव के कर्मों को लेकर अक्सर लोगो में भ्रम बना रहता है की शनि देव इतने क्रोधी और दुःख देने वाले क्यों है । पर लोगो को यह नहीं समझ में आता की...

श्री राम कथायें

धैर्यवान श्री राम – राम, रावण से युद्ध के लिए समुद्र के किनारे पर आ गए थे। सेना सहित समुद्र को पार करने पर विचार विमर्श चल रहा था। तभी विभीषण को छोड़कर राम...

श्री कृष्ण कथायें

कैसे आये प्रभु 16 कलाओ के साथ – द्वापर युग में पृथ्वी पर राक्षसो के अत्याचार बढने लगे पृथ्वी गाय का रूप धारण कर अपनी कथा सुनाने के लिए तथा उद्धार  के लिए ब्रह्मा...

श्री शिव कथायें

शक्तिपीठ कथा – दक्ष प्रजापति की कई पुत्रियां थी। सभी पुत्रियां गुणवती थीं। फिर भी दक्ष के मन में संतोष नहीं था। वे चाहते थे उनके घर में एक ऐसी पुत्री का जन्म हो,...

पाण्डव कथायें

पांडवों वनवास कथा – बात पांडवों के वनवास की है। जुए में हारने के बाद पांडवों को बारह वर्ष का वनवास और एक साल का अज्ञातवास गुजारना था। वनवास के दौरान अर्जुन ने दानवों...

महाभारत कथायें

कर्ण कथा – महाभारत की शुरुआत में कर्ण के जन्म की कथा आती है। कर्ण की मां कुंती राजकुमारी थीं। एक दिन उनके राजमहल में महर्षि दुर्वासा आए। दुर्वासा अपने क्रोध और शापों के...

महाबली भीम का प्रचण्ड पराक्रम

बात पांडवो के अज्ञातवास की है जब पांडवो को अपनी पहचान छुपाकर मत्स्य नगर में रहना पड़ रहा था। वहा निवास करते हुये दस माह व्यतीत हो गये थे, सहसा एक दिन राजा विराट...

सृष्टि के कण कण में जिसका विलास है वही महा रास है, वही महा रास है

त्रिभुवन का स्वामी, भक्तों का दास है, वही महा रास है ! आत्मा परमात्मा के मिलन की जो रात है वही महा रास है, वही महा रास है ! शरद पूर्णिमा वही महान रात्रि...

माँ लक्ष्मी के वरद पुत्र श्री कुबेर धन दें तो अमृत के अविष्कार कर्ता श्री धन्वन्तरी रोग नाश करें

धन तेरस मौका है धन के राजा कुबेर के साथ स्वास्थ के देवता भगवान धन्वन्तरी का आशीर्वाद पाने का ! धन तेरस की पूजा शुभ मुहुर्त में करनी चाहिए ! सबसे पहले श्री कुबेर...

माता महालक्ष्मी का वरदान है कि, मै दीपावली की रात सात्विक परिवार पर बिना कृपा किये नही लौटूंगी

दीपावली केवल, गिफ्ट लेकर परचितों के घर जा जाकर हैप्पी दीवाली – हैप्पी दीवाली कहने की रात नहीं हैं ! केवल इसी सत्य को जानकर ही दीपावली के असली महत्व का पता लग जाता...

बस एक बार श्री सिद्धिदात्री का कृपा कटाक्ष, और तत्क्षण सर्व मनोरथ सिद्धि

इनकी आराधना से भक्त को 8 महा सिद्धियाँ – अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्रकाम्य, ईशित्व और वशित्व और 9 निधियों की प्राप्ति होती है ! नवदुर्गाओं में माँ सिद्धिदात्री अंतिम हैं ! सिद्धिदात्री...

महा मातृ भक्त, अथाह संपत्ति दाता श्री गणेश अनायास परम प्रसन्न हो जाते है अपनी माँ गौरी के भक्त से

महागौरी रूप में देवी ममतामयी और शांत दिखती हैं ! भगवान गणेश स्वयं माँ गौरी की संतान है अतः श्री गौरी आराधना से महा मंगल दायक, महा शुभकारी, महा सम्पति दाता श्री गणेश अनायास...

हर सांस से भयंकर ज्वाला निःसृत करने वाली माँ कालरात्रि प्रलय काल में पूरे ब्रह्माण्ड को अपने में ही समेट लेती है

मौत (काल) भी जिनसे डर कर थर थर कांपती है ऐसी है माँ कालरात्रि ! सिर के बाल खुले और बिखरे हुए हैं। इनकी कराल वाणी सुनकर भय से कितने पापियों की तुरन्त मृत्यु...