कोलेस्ट्राल, हाई बी पी, गठिया, डाइबिटिज, तनाव, झुर्री, गैस रोगों में फायदा : शिमला मिर्च

ijuhशिमला मिर्च में 93 प्रतिशत जलीय तत्व होते हैं तथा यह विटामिन सी व मग्निशियम का अच्छा स्रोत है ! यह तीखी उद्दीपक (पाचक) होती है पर हरी मिर्च के समान तेज नहीं होती जिससे खाने से जलन पैदा नहीं होती है !

शिमला मिर्च को अन्य सब्जियों में मिलाने से सब्जियों की रंगत बेहतर हो जाती है बल्कि इसे अन्य सब्जियों में बतौर सहायक मिलाने पर सब्जियों का जायका बढ़िया हो जाता है।

पर शिमला मिर्च को खाने वालों को इसे बहुत ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए !

आइये जानते हैं शिमला मिर्च के औषधीय गुण (Shimla Mirch ke aushadhiya fayde, Capsicum herbal or ayurvedic benefits)–

– इसको cholesterol (कोलेस्ट्राल) कम करने के लिए उत्तम माना जाता हैं। आधुनिक शोधों से ज्ञात होता है कि शिमला मिर्च शरीर की मेटाबोलिक क्रियाओं को सुनियोजित करके ट्रायग्लिसेराईड को कम करने में मदद करती है। इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है जिससे शरीर में ज्यादा कैलोरी का संचय नहीं होता है। वसा और कार्बोहाईड्रेट्स की कम मात्रा के पाए जाने के कारण इसके सेवन से शरीर में कोलेस्ट्राल की मात्रा ज्यादा नहीं होने पाती है जिससे ये वजन कम करने में भी मददगार है।

– यह कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में भी मदद करता है।

– शिमला मिर्च के सेवन से डायबटीज में राहत मिलती है और शरीर में ब्लड शूगर का स्तर भी सही रहता है।

– आधुनिक शोधों के अनुसार शिमला मिर्च में बीटा केरोटीन, ल्युटीन और जिएक्सेन्थिन और विटामिन सी जैसे महत्वपूर्ण रसायन पाए जाते हैं। शिमला मिर्च के लगातार सेवन से शरीर बीटा केरोटीन को रेटिनोल में परिवर्तित कर देता है, रेटिनोल वास्तव में विटामिन ए का ही एक रूप है। इन सभी रसायनों के संयुक्त प्रभाव से हॄदय की समस्याओं, ओस्टियोआर्थरायटिस, ब्रोंकायटिस, अस्थमा जैसी समस्याओं में फायदा होता है।

– शिमला मिर्च को high blood pressure (उच्च रक्त चाप) को कम करने के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।

– शिमला मिर्च में एक प्रमुख रसायन के तौर पर लायकोपिन भी पाया जाता है जिसे माना जाता है कि यह शारीरिक तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए बडा कारगर होता है।

– शिमला मिर्च में विटामिन ए और सी होता है जो कि बहुत ही पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट शरीर को हार्ट अटैक, ओस्‍टीपुरोसिस, अस्थमा और मोतियाबिंद से लड़ने में सहायता करता है।

– इसमें पाचन सम्बंधित समस्याओं को दूर करने के कई गुण होते है। इसे खाने से पाचन क्रिया दुरुस्त होती है जिससे पेट में दर्द, गैस, कब्ज आदि की समस्याएं भी दूर होती है। इसके सेवन से पेट में होने वाले छालों की समस्या भी दूर हो सकती है।

– इसमें एक तत्व पाया जाता है, जो कि माना जाता है कि वह दर्द को त्वचा से स्पाइनल कॉर्ड तक जाने से रोक देती है। इसी वजह से इसे दर्द के इलाज में प्रयोग किया जा सकता है।

– जो लोग अक्सर शिमला मिर्च का सेवन करते हैं उन्हें कमर दर्द, स्याटिका और जोड़ो के दर्द जैसी समस्याएं कम होती है। शिमला मिर्च में पाया जाने वाला प्रमुख रसायन केप्सायसिन दर्द निवारक माना जाता है।

– इसके सेवन से त्वचा में कसाव बना रहता है |

– शिमला मिर्च शारीरिक शक्ति को मजबूत बनाने के लिए एक मददगार उपाय है। शिमला मिर्च में भरपूर मात्रा में विटामिन्स, खास तौर पर विटामिन ए, बी, सी और रसायन शारीरिक मजबूती प्रदान करते हैं।

(आवश्यक सूचना – “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट में प्रकाशित सभी जानकारियों का उद्देश्य, सत्य व लुप्त होते हुए ज्ञान के विभिन्न पहलुओं का जनकल्याण हेतु अधिक से अधिक आम जनमानस में प्रचार व प्रसार करना मात्र है ! अतः “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि इस वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक, एक्यूप्रेशर तथा अन्य किसी भी प्रकार के उपायों व जानकारियों को किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक, योगाचार्य, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट तथा अन्य सम्बन्धित विषयों के एक्सपर्ट्स से परामर्श अवश्य ले लें क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं)



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