शरीर में गाँठ खतरनाक भी हो सकती है, जानिये आयुर्वेद से सम्पूर्ण इलाज

· August 26, 2017

शरीर में होने वाली गांठ को हल्के में नही लेना चाहिए क्योंकि लम्बे समय तक अवॉयड करने से कभी भी यह खतरनाक रूप (जैसे- कैंसर, टी बी के शुरूआती लक्षण Cancer, Tuberculosis symptoms) पकड़ सकती है !

शरीर में गाँठ कभी भी, किसी को भी हो सकती है और इसके होने का कोई कारण भी निश्चित नहीं है ! सभी गाँठ खतरनाक हो यह जरूरी नहीं है पर कोई भी गाँठ भविष्य में खतरनाक रूप नहीं ले लेगी, यह भी तय नही है !

किसी भी गाँठ को जड़ से ठीक करने की सबसे बड़ी दवा निश्चित रूप से कोई और नहीं बल्कि प्राणायाम ही है ! प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट से लेकर आधा घंटा तक कपालभाति और 5 मिनट से लेकर 15 मिनट तक अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से निश्चित रूप से हर तरह की गांठो में आराम पाया जा सकता है (kapalbhati pranayama and anulom vilom yoga benefits in hindi)!

प्राणायाम के अतिरिक्त कुछ आयुर्वेदिक दवाएं भी हैं जिनसे गांठों (Lump, tumor, tumour, cyst, Lipoma, Fatty Skin Masses, Sebaceous cysts) में काफी लाभ मिलते हुए देखा गया है !

ये दवाएं हैं – वृद्धिवाधिका वटी और मेदोहर वटी (Vridhivadhika Vati, Medohar vati) !

शरीर में कहीं भी किसी भी कोशिका की एबनोर्मल ग्रोथ को समाप्त करने के लिए वृद्धिवाधिका वटी बेहद प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है और चर्बी युक्त गांठो में मेदोहर वटी बहुत फायदेमंद है !

अगर गिल्टी बड़ी हो तो इन दोनों दवाओं को साथ साथ, प्रतिदिन 2 – 2 गोली और गिल्टी छोटी हो तो 1 – 1 गोली सुबह – शाम पानी से लेना चाहिए ! ऐसा करने पर कुछ ही दिनों में लाभ मिलते हुए देखा गया है !

परहेज में ज्यादा तेल घी युक्त, मसालेदार, बाजार के मिलावटी तेल से बना समोसा, चाट, चिप्स, नमकीन आदि नहीं खाना चाहिए ! कोल्ड ड्रिंक्स व फ्रीज का ठंडा पानी भी नहीं पीना चाहिए !

गांठो के बारे में “स्वयं बनें गोपाल” समूह, निकट भविष्य में कुछ अन्य बहुउपयोगी लेखों को भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित करेगा !



ये भी पढ़ें :-



[ajax_load_more preloaded="true" preloaded_amount="3" images_loaded="true"posts_per_page="3" pause="true" pause_override="true" max_pages="3"css_classes="infinite-scroll"]