शरीर में गाँठ खतरनाक भी हो सकती है, जानिये योग से सम्पूर्ण इलाज

शरीर में होने वाली गांठ को हल्के में नही लेना चाहिए क्योंकि लम्बे समय तक अवॉयड करने से कभी भी यह खतरनाक रूप (जैसे- कैंसर, टी बी के शुरूआती लक्षण Cancer, Tuberculosis symptoms) पकड़ सकती है !

शरीर में गाँठ कभी भी, किसी को भी हो सकती है और इसके होने का कोई कारण भी निश्चित नहीं है ! सभी गाँठ खतरनाक हो यह जरूरी नहीं है पर कोई भी गाँठ भविष्य में खतरनाक रूप नहीं ले लेगी, यह भी तय नही है !

किसी भी गाँठ को जड़ से ठीक करने की सबसे बड़ी दवा निश्चित रूप से कोई और नहीं बल्कि प्राणायाम ही है ! प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट से लेकर आधा घंटा तक कपालभाति और 5 मिनट से लेकर 15 मिनट तक अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से निश्चित रूप से हर तरह की गांठो में आराम पाया जा सकता है (kapalbhati pranayama and anulom vilom yoga benefits in hindi)!

प्राणायाम के अतिरिक्त कुछ आयुर्वेदिक दवाएं भी हैं जिनसे गांठों (Lump, tumor, tumour, cyst, Lipoma, Fatty Skin Masses, Sebaceous cysts) में काफी लाभ मिलते हुए देखा गया है !

ये दवाएं हैं – वृद्धिवाधिका वटी और मेदोहर वटी (Vridhivadhika Vati, Medohar vati) !

शरीर में कहीं भी किसी भी कोशिका की एबनोर्मल ग्रोथ को समाप्त करने के लिए वृद्धिवाधिका वटी बेहद प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है और चर्बी युक्त गांठो में मेदोहर वटी बहुत फायदेमंद है !

अगर गिल्टी बड़ी हो तो इन दोनों दवाओं को साथ साथ, प्रतिदिन 2 – 2 गोली और गिल्टी छोटी हो तो 1 – 1 गोली सुबह – शाम पानी से लेने पर कुछ ही दिनों में लाभ मिलते हुए देखा गया है !

परहेज में ज्यादा तेल घी युक्त, मसालेदार, बाजार के मिलावटी तेल से बना समोसा, चाट, चिप्स, नमकीन आदि नहीं खाना चाहिए ! कोल्ड ड्रिंक्स व फ्रीज का ठंडा पानी भी नहीं पीना चाहिए !

गांठो के बारे में “स्वयं बनें गोपाल” समूह, निकट भविष्य में कुछ अन्य बहुउपयोगी लेखों को भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित करेगा !

(नोट – हर मरीज की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग अलग हो सकतीं हैं इसलिए इस वेबसाइट में दिए हुए किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक व प्राकृतिक उपायों को आजमाने से पहले किसी योग्य योगाचार्य, वैद्य व चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले लें)

(आवश्यक सूचना – “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट में प्रकाशित सभी जानकारियों का उद्देश्य, सत्य व लुप्त होते हुए ज्ञान के विभिन्न पहलुओं का जनकल्याण हेतु अधिक से अधिक आम जनमानस में प्रचार व प्रसार करना मात्र है ! अतः “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि इस वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक, एक्यूप्रेशर तथा अन्य किसी भी प्रकार के उपायों व जानकारियों को किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक, योगाचार्य, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट तथा अन्य सम्बन्धित विषयों के एक्सपर्ट्स से परामर्श अवश्य ले लें क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं)



You may also like...