हैरान करने वाले लाभ, साधारण से दिखने वाले योग के

· July 13, 2015

14514558891_6e70eb2cd8_oभारतवर्ष के उच्च स्तर के चिकित्सकों ने अध्ययन के दौरान उन्होंने देखा, कि जिन रोगियों ने लगातार पाँच वर्ष तक योगाभ्यास (Yoga practise) किया, उनमें से मात्र सात प्रतिशत को ही इस दौरान दूसरा दौरा पड़ा, जबकि प्रायः 20 से 30 प्रतिशत रोगियों में दूसरा दौरा पड़ता देखा जाता है।

उन्होंने जानकारी दी कि योगाभ्यास को शारीरिक व्यायाम नहीं मानना चाहिए न ही उसे अन्यमनस्कता पूर्वक जैसे-तैसे मात्र रुटिन पूरा करने की तरह करना चाहिए, वरन् उल्लासपूर्वक तद्नुरूप विचारणा भावना के साथ किया जाना चाहिए, तभी उसका अधिकतम लाभ भी मिल सकेगा।

योग के माध्यम से कोई भी रोगी अपने शरीर का निरीक्षण-पर्यवेक्षण करना सीख कर शरीरगत कमियों व बीमारियों का पता लगा सकता है तथा अपनी प्राण शक्ति के द्वारा उन्हें ठीक भी कर सकता है।

वैज्ञानिक योग-क्रिया का अब फिजियोलॉजिकल, न्यूरो फिजियोलॉजिकल, तथा साइकोलॉजिकल धरातल पर अध्ययन कर रहे हैं, जो कि रोगी के स्पाइनल कॉर्ड की क्षति से बहुत गहन रूप से सम्बद्ध है। यौगिक-क्रिया से इस प्रकार की क्षति ठीक हो जाती है तथा माँसपेशियों को भी आराम मिलता है।

इससे चयापचय- दर भी ठीक रहती है तथा प्राण ऊर्जा का संरक्षण भी होता रहता है, जिससे शरीर की सारी क्रियाएँ भली प्रकार व सामंजस्य पूर्ण रीति से होती रहती हैं।

इस सिलसिले में मुद्रा और प्राणायाम भी काफी सहायक सिद्ध होते हैं। कषाय-कल्मषों को हटाकर प्रसुप्त केन्द्रों को जागृत करने में उसकी उल्लेखनीय भूमिका रहती है।

इनके द्वारा कम खर्च पर विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ दूर की जा सकती हैं। इन्हीं में से एक है स्पाइनल कॉर्ड सम्बन्धी शिकायत इनके नियमित अभ्यास से इसमें काफी आराम मिलता है।

पाराण्लेजिक्स रोगी भी इससे लाभ उठा सकते हैं। पाराण्लेजिया रोग में क्रियाओं का मुख्य उद्देश्य होता है- अवरुद्ध अन्तःस्रावी ग्रन्थियों को उचित परिमाण में रक्त की आपूर्ति करना, ताकि वे सामान्य ढंग से क्रियाशील रह सकें और स्पाइनल कॉर्ड को ठीक कर सकें।

खेलों एवं फिजियोथेरेपी का तो अपना महत्व है ही, किन्तु ये योग क्रियाओं का स्थानापन्न कदापि नहीं बन सकते। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के अनुसार योग-साधनाओं का शरीर मन और आत्मा तीनों पर प्रभाव पड़ता है, जबकि व्यायाम और खेलों के प्रभाव मात्र शरीरगत होते हैं।

हमारे ग्रन्थि तन्त्र ही जीवनी शक्ति के संप्रेषक हैं। स्पाइनल कालम द्वारा यह सम्प्रेषण कार्य रूप में परिणत होता है। यौगिक क्रियाओं से जीवनी शक्ति की मात्रा और स्तर हमारे शरीर में शनैः शनैः बढ़ती जाती है। जब इनके द्वारा रक्त संचरण की क्रिया सही हो जाती है तो इससे ग्रन्थियों की अक्षमता भी दूर हो जाती है और स्वास्थ्य में सुधार होने लगता है।

सुषुम्ना सम्बन्धी रोग, एवं हृदय के दौरे पड़ने की तरह ही एक दूसरी व्यथा है- रक्तचाप का बढ़ना-घटना रक्त की गति स्वाभाविक न रहकर जब अति तीव्र या अति मन्द हो जाती है तब उसे हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर कहते हैं। दोनों ही स्थितियों में रोगी की बेचैनी बढ़ जाती है। हाई ब्लड प्रेशर में वह उत्तेजित होता है तो ब्लड प्रेशर में बेहद थका हुआ, अशक्त लुँज-पुँज हो जाता है। बेचैनी दोनों ही स्थितियों में रहती है ओर गहरी नींद नहीं आती। पाचन भी गड़बड़ा जाता है।

चिकित्सा उपचार तो अनेकों चिकित्सा प्रणालियों में अनेक प्रकार के हैं। पर आत्मिक उपचारों में सफलता है- करवट बदल लेना। इसी को स्वर परिवर्तन भी कहते हैं।

दाहिना स्वर चलने पर शरीर में गर्मी बढ़ जाती है और बायाँ चलने पर शीतलता की मात्रा अधिक रहती है। यह स्वर बदलना अपने हाथ की बात है। कुछ देर बाँये करवट सोते रहने पर दाहिना स्वर चलने लगेगा। इसी प्रकार दाहिने करवट से सोने पर बाँया चल पड़ेगा। स्वर परिवर्तन के साथ ही सर्दी-गर्मी की घट-बढ़ होने लगती है।

हाई ब्लड प्रेशर में गर्मी और लो में शीतलता का अनुपात अधिक हो जाता है। इसे सन्तुलित बनाने के लिए करवट बदलकर लेटे रहने और शरीर को तनाव रहित शिथिल बना लेने की प्रक्रिया ऐसी है जिसमें लाभ तुरन्त होता है और किसी भी चिकित्सा विज्ञान के अनुसार इसमें कोई खतरा नहीं है।

यों आसन और प्राणायाम की अपनी चिकित्सा पद्धति है। उसके माध्यम से शारीरिक और मानसिक रोगों से भी छुटकारा पाया जा सकता है। उनकी अधिक जानकारी कभी शान्ति-कुँज हरिद्वार आकर प्राप्त की जा सकती है।

साधारणतया दोनों प्रकार के ब्लड-प्रेशर में वृषभासन- शिथिलासन से अधिक लाभ होते देख गया है। इसी प्रकार सर्वांगासन सभी प्रकार की मेरुदंड संबंधी अंतःस्रावी ग्रन्थियों सम्बन्धी विकृतियों के लिये उत्तम है।

यदि उचित मार्गदर्शक में यह सब कुछ करना, भले ही अल्पावधि के लिये ही सही, सम्भव हो सके तो बीमारी से मुक्ति सम्भव है। यहाँ फिर यह ध्यान रखना चाहिए कि यह स्थूल उपचार वाला, व्यायामपरक “योगा” भर है, वह ध्यानयोग नहीं जो अध्यात्म पथ पर व्यक्ति को आगे बढ़ाता है।

(आवश्यक सूचना- विश्व के 169 देशों में स्थित “स्वयं बनें गोपाल” समूह के सभी आदरणीय पाठकों से हमारा अति विनम्रतापूर्वक निवेदन है कि आपके द्वारा पूछे गए योग, आध्यात्म से सम्बन्धित किसी भी लिखित प्रश्न (ईमेल) का उत्तर प्रदान करने के लिए, कृपया हमे कम से कम 6 घंटे से लेकर अधिकतम 72 घंटे (3 दिन) तक का समय प्रदान किया करें क्योंकि कई बार एक साथ इतने ज्यादा प्रश्न हमारे सामने उपस्थित हो जातें हैं कि सभी प्रश्नों का उत्तर तुरंत दे पाना संभव नहीं हो पाता है ! वास्तव में “स्वयं बनें गोपाल” समूह अपने से पूछे जाने वाले हर छोटे से छोटे प्रश्न को भी बेहद गंभीरता से लेता है इसलिए हर प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर प्रदान करने के लिए, हम सर्वोत्तम किस्म के विशेषज्ञों की सलाह लेतें हैं, इसलिए हमें आपको उत्तर देने में कभी कभी थोड़ा विलम्ब हो सकता है, जिसके लिए हमें हार्दिक खेद है ! कृपया नीचे दिए विकल्पों से जुड़कर अपने पूरे जीवन के साथ साथ पूरे समाज का भी करें निश्चित महान कायाकल्प)-

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़कर अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) में विश्वस्तरीय योग/आध्यात्म सेंटर खोलकर सुख, शान्ति व निरोगता का प्रचार प्रसार करना चाहतें हैं, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में योग, प्राणायाम, आध्यात्म, हठयोग (अष्टांग योग) राजयोग, भक्तियोग, कर्मयोग, कुण्डलिनी शक्ति व चक्र जागरण, योग मुद्रा, ध्यान, प्राण उर्जा चिकित्सा (रेकी या डिवाईन हीलिंग), आसन, प्राणायाम, एक्यूप्रेशर, नेचुरोपैथी एवं महा फलदायी "स्वयं बनें गोपाल" प्रक्रिया (जो कि एक अतिदुर्लभ आध्यात्मिक साधना है) का शिविर, ट्रेनिंग सेशन्स, शैक्षणिक कोर्सेस, सेमीनार्स, वर्क शॉप्स, प्रोग्राम्स (कार्यक्रमों), कांफेरेंसेस आदि का आयोजन करवाकर समाज को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना चाहतें हैं, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप विश्व प्रसिद्ध “स्वयं बनें गोपाल” समूह से योग, आध्यात्म से सम्बन्धित शैक्षणिक कोर्स करके अपने व दूसरों के जीवन को भी रोगमुक्त बनाना चाहतें हैं, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में, अब लुप्त हो चुके अति दुर्लभ विज्ञान के प्रारूप {जैसे- प्राचीन गुप्त हिन्दू विमानों के वैज्ञानिक सिद्धांत, ब्रह्मांड के निर्माण व संचालन के अब तक अनसुलझे जटिल रहस्यों का सत्य (जैसे- ब्लैक होल, वाइट होल, डार्क मैटर, बरमूडा ट्रायंगल, इंटर डायमेंशनल मूवमेंट, आदि जैसे हजारो रहस्य), दूसरे ब्रह्मांडों के कल्पना से भी परे आश्चर्यजनक तथ्य, परम रहस्यम एलियंस व यू.ऍफ़.ओ. की दुनिया सच्चाई (जिन्हें जानबूझकर पिछले कई सालों से विश्व की बड़ी विज्ञान संस्थाएं आम जनता से छुपाती आ रही हैं) तथा अन्य ऐसे सैकड़ों सत्य (जैसे- पिरामिड्स की सच्चाई, समय में यात्रा, आदि) के विभिन्न अति रोचक, एकदम अनछुए व बेहद रहस्यमय पहलुओं से सम्बन्धित नॉलेज ट्रान्सफर सेमीनार (सभा, सम्मेलन, वार्तालाप, शिविर आदि), कार्यक्रमों आदि का आयोजन करवाकर, इन दुर्लभ ज्ञानों से अनभिज्ञ समाज को परिचित करवाना चाहते हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में, अति पवित्र व मोक्षदायिनी धार्मिक गाथाएं, प्राचीन हिन्दू धर्म के वेद पुराणों व अन्य ग्रन्थों में वर्णित जीवन की सभी समस्याओं (जैसे- कष्टसाध्य बीमारियों से मुक्त होकर चिर यौवन अवस्था प्राप्त करने का तरीका) के समाधान करने के लिए परम आश्चर्यजनक रूप से लाभकारी व उपयोगी साधनाएं व ज्ञान आदि से सम्बन्धित नॉलेज ट्रान्सफर सेमीनार (सभा, सम्मेलन, वार्तालाप, शिविर आदि), कार्यक्रमों आदि का आयोजन करवाकर, पूरी तरह से निराश लोगों में फिर से नयी आशा की किरण जगाना चाहते हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में, एक आदर्श समाज की सेवा योग की असली परिचायक भावना अर्थात “वसुधैव कुटुम्बकम” की अलख ना बुझने देने वाले विभिन्न सौहार्द पूर्ण, देशभक्ति पूर्ण, समाज के चहुमुखी विकास व जागरूकता पूर्ण, पर्यावरण सरंक्षण, शिक्षाप्रद, महिला सशक्तिकरण, नशा एवं कुरीति उन्मूलन, अनाथ गरीब व दिव्यांगो के भोजन वस्त्र शिक्षा रोजगार आदि जैसी मूलभूत सुविधाओं के प्रबंधन, मोटिवेशनल (उत्साहवर्धक व प्रेरणास्पद) एवं परोपकार पर आधारित कार्यक्रमों (चैरिटी इवेंट्स, चैरिटी शो व फाईलेन्थ्रोपी इवेंट्स) का आयोजन करवाकर ऐसे वास्तविक परम पुण्य प्रदाता महायज्ञ में अपनी आहुति देना चाहतें हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने गाँव/शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) में भारतीय देशी गाय माता से सम्बन्धित कोई व्यवसायिक/रोजगार उपक्रम (जैसे- अमृत स्वरुप सर्वोत्तम औषधि माने जाने वाले, सिर्फ भारतीय देशी गाय माता के दूध व गोमूत्र का विक्रय केंद्र, गोबर गैस प्लांट, गोबर खाद आदि) {या मात्र सेवा केंद्र (जैसे- बूढी बीमार उपेक्षित गाय माता के भोजन, आवास व इलाज हेतु प्रबन्धन)} खोलने में सहायता लेकर साक्षात कृष्ण माता अर्थात गाय माता का अपरम्पार बेशकीमती आशीर्वाद के साथ साथ अच्छी आमदनी भी कमाना, चाहतें हैं तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप एक संस्था, विशेषज्ञ या व्यक्ति विशेष के तौर पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह से औपचारिक, अनौपचारिक या अन्य किसी भी तरह से जुड़कर या हमसे किसी भी तरह का उचित सहयोग, सहायता, सेवा लेकर या देकर, इस समाज की भलाई के लिए किसी भी तरह का ईमानदारी पूर्वक प्रयास करना चाहतें हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

जानिये “स्वयं बनें गोपाल” समूह और इसके प्रमुख स्वयं सेवकों के बारे में

धन्यवाद,
(“स्वयं बनें गोपाल” समूह)

हमारा सम्पर्क पता (Our Contact Address)-
“स्वयं बनें गोपाल” समूह,
प्रथम तल, “स्वदेश चेतना” न्यूज़ पेपर कार्यालय भवन (Ground Floor, “Swadesh Chetna” News Paper Building),
समीप चौहान मार्केट, अर्जुनगंज (Near Chauhan Market, Arjunganj),
सुल्तानपुर रोड, लखनऊ (Sultanpur Road, Lucknow),
उत्तर प्रदेश, भारत (Uttar Pradesh, India).

हमारा सम्पर्क फोन नम्बर (Our Contact No)– 91 - 0522 - 4232042, 91 - 07607411304

हमारा ईमेल (Contact Mail)– info@svyambanegopal.com

हमारा फेसबुक (Our facebook Page)- https://www.facebook.com/Svyam-Bane-Gopal-580427808717105/

हमारा ट्विटर (Our twitter)- https://twitter.com/svyambanegopal

आपका नाम *

आपका ईमेल *

विषय

आपका संदेश



ये भी पढ़ें :-



[ajax_load_more preloaded="true" preloaded_amount="3" images_loaded="true"posts_per_page="3" pause="true" pause_override="true" max_pages="3"css_classes="infinite-scroll"]