भारत अभियान शुरू करो और पड़ोसियों को अत्याचार से मुक्त कराओ

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आआआवसुधैव कुटुम्बकम्, यही हमारी भारतीय सनातन धर्म की सदैव से परम्परा रही है और इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए हमारे फौलादी प्रधानमन्त्री बलूचिस्तान के लोगों की पीड़ा का मुद्दा विश्व स्तर पर उठा रहें हैं !

और सिर्फ बलूचिस्तान से ही नहीं, भारत इस समय अपने आस पास के लगभग सारे पड़ोसी देशों से सम्बन्धों को बहुत गम्भीरता से ले रहा है और जो देश जिस भाषा को समझता है, उसे उसी भाषा में समझाने का प्रयास कर रहा है !

बलूचिस्तान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, बांगला देश, म्यामार, श्री लंका, आदि की जो स्थिति बिकाऊ मीडिया द्वारा दिखाई जाती है वैसी बिल्कुल है नहीं !

वास्तव में इन सभी जगहों पर गरीबी विकट स्थिति में है और इस बदहाली का मुख्य कारण वहां लम्बे समय तक भ्रष्ट राजनेताओं का शासन !

अगर हम बात करें बलूचिस्तान कि तो वहाँ रहने वाली अधिकाँश जनता वर्षों से बेहद बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रही है साथ ही साथ पाकिस्तानी शासकों का बेहद क्रूर और घोर उपेक्षा का बर्ताव भी बर्दाश्त करती आ रही है !

बलूचिस्तान के जमीन में मौजूद अपार प्राकृतिक धन सम्पदा को हथियाने के लिए तो कुछ पड़ोसी देश वर्षों से लगे हुए हैं पर उस जमीन के असली मालिक अर्थात बलूचिस्तान के निवासियों को बदले में मिल रही है सिर्फ गालियाँ और गोलियां !

ऐसी नारकीय जिंदगी जीने वाली बलोच जनता को अब नयी रोशनी की किरण दिखाई दे रही है भारत के रूप में !

सौभाग्य से भारत वर्ष का थिंक टैंक इस समय कुछ अत्यंत प्रतिभाशाली राष्ट्रवादियों के हाथों में है जिसमे मोदी जी, सुब्रमणियमस्वामी जी, अजित डोभाल जी आदि जैसे बुद्धिमान, दूरदर्शी, जुझारू और जीवट किस्म के क्रन्तिकारी सतत क्रियाशील हैं !

सबसे महान धर्म अर्थात मानवता धर्म की रक्षा के लिए सभी नियम क़ानूनों से भी परे जाकर, अत्यंत साहसिक कदम उठाने का भी जिगर रखता है यह थिंक टैंक !

सोचिये कितनी दुखद स्थिति है कि भारत के ऐसे राष्ट्रवादी लोग जिन्हें दूसरे देश के लोग भी बहुत सम्मान और प्यार देते हैं, उन्ही पर भारत में सक्रीय कई नए पुराने देश द्रोही दलों के छोटे बड़े नेता रोज असंख्य अनर्गल आरोप लगाते रहते हैं !

बलूचिस्तान को पहले पाकिस्तान के अवैध कब्जे से मुक्त कराना पड़ेगा पर पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त होने के बाद वहां ईराक की तरह गृह युद्ध शुरू ना हो जाय इसलिए बलोच लोगों की तीव्र इच्छा का सम्मान करते हुए वहां भारत की मदद से बलोच लोगों की स्थायी या अस्थायी सरकार को भी स्थापित किया जा सकता है !

भारत का बिकाऊ मीडिया भले ही यह फैक्ट बार बार छुपाये पर वास्तव में इस समय पूरे विश्व के लोग आश्चर्यचकित हैं भारत की पिछले 2 साल की जबरदस्त चहुमुंखी तरक्की देखकर, क्योंकि यही भारत पूर्व की कई सरकारों की वजह से वैश्विक स्तर पर पिछड़ेपन की कगार पर पहुँच गया था पर पिछले 2 साल में भारत का हर क्षेत्र में जबरदस्त कम बैक हुआ है ! उगते सूरज को सभी सलाम करते हैं इसी वजह से आज विश्व का हर समझदार देश किसी ना किसी माध्यम से भारत से अच्छे सम्बन्ध रखने को उत्सुक है ! आज भारत के प्रतिनिधी के रूप में मोदी जी जिस जिस देश में भी जाते हैं, वहां के राष्ट्राध्यक्ष और आम जनता भी बहुत उत्साह से उनका स्वागत करती है !

बलूचिस्तान के अलावा भारत के सभी पडोसी देशो में परमानेंट सुधार तब तक नहीं आ पाएगा जब तक कि वहां कोई ईमानदार सरकार कि स्थापना नहीं हो जाती !

कई लोग पूछते हैं कि आखिर भारत को जरूरत क्या है अपने पड़ोसी देशों में मची अराजकताओं में दखल देने की ?

वास्तव में सिर्फ जरूरत ही नहीं, बल्कि सख्त जरूरत इसलिए हैं क्योंकि आज इतने शक्तिशाली मिसाइल्स और बम विकसित हो चुके हैं कि कोई भी आतंकवादी समूह इन खतरनाक हथियारों को अगर भारत के किसी भी पड़ोसी देश की जमीन का इस्तेमाल करके, भारत पर हमला कर दे तो भारत में सेकंडों में एक नहीं, दो नहीं, बल्कि लाखों लाशें बिछ सकती हैं !

एक भयमुक्त, सुरक्षित, विकसित अर्थात आदर्श राज कि स्थापना के लिए यह नितान्त आवश्यक है कि भारत अपने पड़ोस से रोज – रोज उत्पन्न होने वाले खतरों और समस्याओं का स्थायी रूप से निपटारा करने में सफल हो पाये !

वन्दे मातरम !

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