पत्र – बड़ी पुत्री के नाम (लेखक – गणेशशंकर विद्यार्थी)

download (3)हरदोई जेल

(26 मई 1930 से 15 मार्च 1931 के मध्‍य का कोई समय : संपा.)

प्‍यारी कृष्‍णा

प्रसन्‍न रहो।

अपनी माता से कह देना कि वह तनिक भी न घबरायें। मैं बहुत अच्‍छी तरह हूँ। तबीयत अच्‍छी है। मेरी वह चिंता न करें। ईश्‍वर की कृपा से मैं सकुशल घर लौटूँगा। इस समय उन पर जो विपत्ति है, देश के हजारों भले परिवारों पर वह विपत्ति है। हम लोग धर्म का काम कर रहे हैं। हम सबको यह संतोष होना चाहिए कि हमें जो कष्‍ट झेलना पड़ रहा है, वह किसी पापकर्म के लिए नहीं है। हमारे कष्‍टों से अवश्‍य ही परम‍पिता हमारा कल्‍याण करेंगे। इन कष्‍टों की समाप्ति के पश्‍चात् अच्‍छा समय आयेगा। ईश्‍वर और धर्म की सत्‍ता पर विश्‍वास रखो।

सस्‍नेह

गणेशशंकर विद्यार्थी

कृपया हमारे फेसबुक पेज से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

कृपया हमारे यूट्यूब चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

कृपया हमारे ट्विटर पेज से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

(आवश्यक सूचना – “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट में प्रकाशित सभी जानकारियों का उद्देश्य, सत्य व लुप्त होते हुए ज्ञान के विभिन्न पहलुओं का जनकल्याण हेतु अधिक से अधिक आम जनमानस में प्रचार व प्रसार करना मात्र है ! अतः “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि इस वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक, एक्यूप्रेशर तथा अन्य किसी भी प्रकार के उपायों व जानकारियों को किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक, योगाचार्य, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट तथा अन्य सम्बन्धित विषयों के एक्सपर्ट्स से परामर्श अवश्य ले लें क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं)



You may also like...