औषधीय घी, जो मालिश करने पर करे कठिन बुखार, पीलिया और बवासीर का नाश

· October 9, 2015

4180143065_d174e5c98fप्राचीन तपस्वी और वैद्याचार्य श्री शांर्ग्धर ने इस आयुर्वेदिक नुस्खे का निरूपण किया था !

इसके निर्माण के लिए बहुत कम औषधियों की आवश्यकता होती है।

इसे बनाने के लिए नीम की छाल, अरूसा, गिलोय (गुर्च), कटेरी और परवल के पत्ते सब मिलित 4 छटाक लेकर कल्क बनाईये |

फिर घृत 1 सेर, उपर्युक्त पाचों औषधियाँ का काढ़ा 4 सेर, पाकार्थ जल 4 सेर, विधि से सिद्ध घृत मालिश करने से सब प्रकार के विषम ज्वर, पांडुरोग, विसर्प, कृमि रोग और बवासीर को नष्ट करता है |

यहाँ पर ध्यान देने वाली बात है की घी केवल शुद्ध देशी गाय माता का ही होना चाहिए ना की जर्सी गाय या भैंस का !

(आवश्यक सूचना – “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट में प्रकाशित सभी जानकारियों का उद्देश्य, सत्य व लुप्त होते हुए ज्ञान के विभिन्न पहलुओं का जनकल्याण हेतु अधिक से अधिक आम जनमानस में प्रचार व प्रसार करना मात्र है ! अतः “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि इस वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक, एक्यूप्रेशर तथा अन्य किसी भी प्रकार के उपायों व जानकारियों को किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक, योगाचार्य, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट तथा अन्य सम्बन्धित विषयों के एक्सपर्ट्स से परामर्श अवश्य ले लें क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं)





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