गैस, अपच, डायरिया, कोलेस्ट्राल, कमजोर मेमोरी व आँख की रोशनी, खांसी तथा खून की गन्दगी में फायदा सौंफ

· January 2, 2016

imagesसौंफ कोई शौकिया खाने की चीज नहीं है बल्कि खाने के बाद इसको खाने का पूरा प्रावधान है आयुर्वेद में ! सौंफ त्रिदोषनाशक है ! इस की तासीर ठंडी है, पर यह जठराग्नि को मंद नहीं करती है !

आईये जानते हैं सौंफ खाने के औषधीय लाभ (Ayurvedic Benefits of Fennel in Hindi, herbal advantages of sauf, Saunf Khane ke Fayde) –

– सौंफ खाने से गैस और कब्ज की शिकायत नहीं होती। सौंफ को मिश्री या चीनी के साथ पीसकर चूर्ण बना लीजिए, रात को सोते वक्त लगभग 5 ग्राम चूर्ण को हल्के गुनगने पानी के साथ सेवन कीजिए। गैस की समस्या नहीं होगी व  कब्ज दूर होगा।

– आंखों की रोशनी को सौंफ का सेवन करके बढ़ाया जा सकता है। सौंफ और मिश्री समान भाग लेकर पीस लें। इसकी एक चम्मच मात्रा सुबह- शाम पानी के साथ दो माह तक लीजिए। इससे आंखों की रोशनी बढती है।

– डायरिया होने पर सौंफ खाना चाहिए। सौंफ को बेल के गूदे के साथ सुबह-शाम चबाने से अजीर्ण समाप्त होता है और अतिसार में फायदा होता है।

– खाने के बाद सौंफ का सेवन करने से खाना अच्छे से पचता है। सौंफ, जीरा व काला नमक मिलाकर चूर्ण बना लीजिए। खाने के बाद हल्के गुनगुने पानी के साथ इस चूर्ण को लीजिए, यह उत्तम पाचक चूर्ण है।

– अगर आप चाहते हैं कि आपका कोलेस्ट्रॉल स्तर न बढ़े तो खाने के लगभग 30 मिनट बाद एक चम्मच सौंफ खा लें।

– आधी कच्ची सौंफ का चूर्ण और आधी भूनी सौंफ के चूर्ण में काला नमक मिलाकर 2 से 6 ग्राम मात्रा में दिन में तीन-चार बार प्रयोग कराएं इससे गैस और अपच दूर हो जाती है।

– भूनी हुई सौंफ और मिश्री समान मात्रा में पीसकर हर दो घंटे बाद ठंडे पानी के साथ फँकी लेने से मरोड़दार दस्त, आँव और पेचिश में लाभ होता है।

– बादाम, सौंफ और मिश्री तीनों बराबर भागों में लेकर पीसकर भर दें और रोज दोनों टाइम भोजन के बाद 1 टी स्पून लें। इससे स्मरणशक्ति बढ़ती है।

– दो कप पानी में उबली हुई एक चम्मच सौंफ को दो या तीन बार लेने से कफ की समस्या समाप्त होती है। अस्थमा और खांसी में सौंफ सहायक है। कफ और खांसी के इलाज के लिए सौंफ खाना फायदेमंद है।

– गुड़ के साथ सौंफ खाने से मासिक धर्म नियमित होता है।

– सौंफ को अंजीर के साथ खाएँ और खाँसी व ब्रोन्काइटिस को दूर भगाएँ।

– गर्मियों में सौंफ का सेवन करने से ठंडक मिलती है। सौंफ के पावडर को मिश्री के साथ बराबर मिलाकर लेने से हाथों और पैरों की जलन दूर होती है।

– यह शिशुओं के पेट और उनके पेट के अफारे को दूर करने में बहुत उपयोगी है। एक चम्मच सौंफ को एक कप पानी में उबलने दें और 20 मिनट तक इसे ठंडा होने दें।

– जो लोग कब्ज से परेशान हैं, उनको आधा ग्राम गुलकन्द और सौंफ मिलाकर रात में सोते समय लेना चाहिए। कब्ज दूर हो जाएगा।

– इसे खाने से लीवर ठीक रहता है। इससे पाचन क्रिया ठीक रहती है।

– रोजाना सुबह-शाम खाली सौंफ खाने से खून साफ होता है जो कि त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है, इससे त्वचा में चमक आती है।

– रोजाना दाल और सब्जी के तड़के में सौंफ भी डाले |

– यदि बार बार मुंह में छाले हों तो एक गिलास पानी में चालीस ग्राम सौंफ पानी आधा रहने तक उबालें। इसमें जरा सी भूनी फिटकरी मिलाकर दिन में दो तीन बार गरारे करें।

(आवश्यक सूचना – “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट में प्रकाशित सभी जानकारियों का उद्देश्य, सत्य व लुप्त होते हुए ज्ञान के विभिन्न पहलुओं का जनकल्याण हेतु अधिक से अधिक आम जनमानस में प्रचार व प्रसार करना मात्र है ! अतः “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि इस वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक, एक्यूप्रेशर तथा अन्य किसी भी प्रकार के उपायों व जानकारियों को किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक, योगाचार्य, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट तथा अन्य सम्बन्धित विषयों के एक्सपर्ट्स से परामर्श अवश्य ले लें क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं)





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