गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये – 14 (साधना के प्रारम्भिक अनुभव)

· April 8, 2015

cropped-gayatribannerगिरीशदेव वर्मा, बहरायच, लिचाते हैं कि जब मैं पांच वर्ष का था तभी पिता जी ने मुझे गायत्री शिक्षा देना आरम्भ कर दिया था। वे जब संध्या करते थे तो मुझे पास बिठा लेते थे। अयोध्या ले जाकर उन्होंने मुझे एक महात्मा से विधिवत मंत्र भी दिलवाया था। वे सब बातें मुझे अब भी भली प्रकार याद हैं। समय बीता, गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया, कुछ दिन यों ही बीत गये फिर दैवयोग से अपने ही एक ऐसे साथी का सत्संग प्राप्त हो गया जो गृहस्थ होत हुए भी महात्मा तथा योगी थे। चार साल उनके साथ रहा।

अनके सत्संग से आध्यात्मिक प्रेम जागृत हुआ। स्वाध्याय और साधना में रुचि बढ़ी। समय के कुचक्र से हम दोनों विछुड़ गये उनकी बदली दूसरी जगह हो गयी, मेरी बदली दूसरी जगह। परिस्थितियों के झंझावात ने जीवन नैया को बहुत थपेड़े दिये और अन्त में सबसे बड़ा धक्का पुत्र शोक का लगा। मेंरा एक 18 वर्ष का पुत्र था जो बड़ा होनहार कुशाग्र बुद्घि का योगी था। वह यक्ष्मा का शिकार हो गया।

ऐसे सुशील युवक पुत्र के चल बसने से मेरा मन शोकाकुल रहने लगा, चित्त में निशदिन अशान्ति रहने लगी। उन्हीं दिनों हमारे नगर में एक तांत्रिक स्वामी जी आये, उनकी काफी ख्याति थी। उन्होंने मुझे गायत्री जप का उपदेश दिया। उन्हीं दिनों गायत्री महाविज्ञान पुस्तक प्राप्त हुई। उसे पढ़ कर अन्धकार में विघुत प्रकाश चमक उठा। तब से मैं श्रद्घा पूर्वक गायत्री उपासना कर रहा हूं। अभियान का प्राण यज्ञ विधि पूर्वक चल रहा है। आन्तरिक शान्ति और सात्विकता एवं सद् बुद्घि के रूप में माता की कृपा का प्रत्यक्ष परिचय मुझे मिल रहा है।
कई बार मुझे ऐसे अनुभव हुए जिनसे यह प्रगट होता है कि माता का मंगलमय हाथ मेरे मस्तक पर रखा हुआ है। मेरे दफ्तर का एक कर्मचारी कुछ वर्षों से कागजों में गोल माल करके गबन करता रहा। उन्होंने दो महीने मेरे अधीन भी काम किया था। अन्त में वह पकड़ा गया और जिन-जिन लोगों के अधीन उसने काम किया था वे लोग भी अपराधी समझे जाने लगे, यघपि उस गबन से किसी अन्य का सम्बन्ध नहीं था। अनुष्ठïन आरम्भ करने के बाद ऐसा सुनाई पड़ा कि मेरे ऊपर भी अभियोग चलेगा।
चिन्ता बढ़ी किन्तु मैंने माता से ही अपना दु:ख निवेदन किया। एक दिन मैंने स्वप्न में देखा कि एक विशालकाय मनुष्य मेरी हत्या करने आ रहा है। उसके हाथ में एक छुरा भी है। उसने मेरा हाथ पकड़ लिया। मैं किंकत्र्यव्यविमूढ़ हो गया।इतने में एक दिव्य रूप वाली देवी आई औ उस मनुष्य को पटक कर पैर से दबा लिया, फिर मुझसे कहा निर्भय चले जाओ। अब यह कुछ नहीं कर सकता। इतने में आंख खुल गई। इस स्वप्न का मैंने यह अर्थ लगाया कि माता ने उस अभियोग से मेरी रक्षाकर दी है।
चूंकि अभी मामला विचाराधीन था अतएव यह बात मैंने किसी से प्रकट नहीं की। कई महीने बाद जब यह निश्चय हो गया कि मेरे ऊपर अभियोग नहीं चलेगा, तब आज इस बात को लिख रहा हूं कि इस घटना के बाद माता के प्रति  मेरी श्रद्घा अति बढ़ गई।
मेरा दृढ़ विश्वास हो गया कि स्वल्प श्रम में फलदायिनी साधना गायत्री से बढ़कर और कोई नहीं है। अभी मेरी साधना का शैशव है। मगर मुझे इतने में ही अनेकों लाभ हुए हैं। मन की चंचलात कम होकर विषयों से अरुचि उत्पन्न हो रही है। दैनिक जीवन में आये दिन ऐसे अनुभव होते हैं कि अनेक बातें प्रतिकुल होते हुए भी अनुकूल हो जाती हैं। मुझे विश्वास है कि जैसे-जैसे मेरी श्रद्घा बढ़ेगी, वैसे-वैसे कल्याण का मार्ग अधिक प्रशस्त होता जायेगा।

सौजन्य – शांतिकुंज गायत्री परिवार, हरिद्वार

(आवश्यक सूचना- विश्व के 169 देशों में स्थित “स्वयं बनें गोपाल” समूह के सभी आदरणीय पाठकों से हमारा अति विनम्रतापूर्वक निवेदन है कि आपके द्वारा पूछे गए योग, आध्यात्म से सम्बन्धित किसी भी लिखित प्रश्न (ईमेल) का उत्तर प्रदान करने के लिए, कृपया हमे कम से कम 6 घंटे से लेकर अधिकतम 72 घंटे (3 दिन) तक का समय प्रदान किया करें क्योंकि कई बार एक साथ इतने ज्यादा प्रश्न हमारे सामने उपस्थित हो जातें हैं कि सभी प्रश्नों का उत्तर तुरंत दे पाना संभव नहीं हो पाता है ! वास्तव में “स्वयं बनें गोपाल” समूह अपने से पूछे जाने वाले हर छोटे से छोटे प्रश्न को भी बेहद गंभीरता से लेता है इसलिए हर प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर प्रदान करने के लिए, हम सर्वोत्तम किस्म के विशेषज्ञों की सलाह लेतें हैं, इसलिए हमें आपको उत्तर देने में कभी कभी थोड़ा विलम्ब हो सकता है, जिसके लिए हमें हार्दिक खेद है ! कृपया नीचे दिए विकल्पों से जुड़कर अपने पूरे जीवन के साथ साथ पूरे समाज का भी करें निश्चित महान कायाकल्प)-

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़कर अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) में विश्वस्तरीय योग/आध्यात्म सेंटर खोलकर सुख, शान्ति व निरोगता का प्रचार प्रसार करना चाहतें हैं, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में योग, प्राणायाम, आध्यात्म, हठयोग (अष्टांग योग) राजयोग, भक्तियोग, कर्मयोग, कुण्डलिनी शक्ति व चक्र जागरण, योग मुद्रा, ध्यान, प्राण उर्जा चिकित्सा (रेकी या डिवाईन हीलिंग), आसन, प्राणायाम, एक्यूप्रेशर, नेचुरोपैथी एवं महा फलदायी "स्वयं बनें गोपाल" प्रक्रिया (जो कि एक अतिदुर्लभ आध्यात्मिक साधना है) का शिविर, ट्रेनिंग सेशन्स, शैक्षणिक कोर्सेस, सेमीनार्स, वर्क शॉप्स, प्रोग्राम्स (कार्यक्रमों), कांफेरेंसेस आदि का आयोजन करवाकर समाज को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना चाहतें हैं, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप विश्व प्रसिद्ध “स्वयं बनें गोपाल” समूह से योग, आध्यात्म से सम्बन्धित शैक्षणिक कोर्स करके अपने व दूसरों के जीवन को भी रोगमुक्त बनाना चाहतें हैं, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में, अब लुप्त हो चुके अति दुर्लभ विज्ञान के प्रारूप {जैसे- प्राचीन गुप्त हिन्दू विमानों के वैज्ञानिक सिद्धांत, ब्रह्मांड के निर्माण व संचालन के अब तक अनसुलझे जटिल रहस्यों का सत्य (जैसे- ब्लैक होल, वाइट होल, डार्क मैटर, बरमूडा ट्रायंगल, इंटर डायमेंशनल मूवमेंट, आदि जैसे हजारो रहस्य), दूसरे ब्रह्मांडों के कल्पना से भी परे आश्चर्यजनक तथ्य, परम रहस्यम एलियंस व यू.ऍफ़.ओ. की दुनिया सच्चाई (जिन्हें जानबूझकर पिछले कई सालों से विश्व की बड़ी विज्ञान संस्थाएं आम जनता से छुपाती आ रही हैं) तथा अन्य ऐसे सैकड़ों सत्य (जैसे- पिरामिड्स की सच्चाई, समय में यात्रा, आदि) के विभिन्न अति रोचक, एकदम अनछुए व बेहद रहस्यमय पहलुओं से सम्बन्धित नॉलेज ट्रान्सफर सेमीनार (सभा, सम्मेलन, वार्तालाप, शिविर आदि), कार्यक्रमों आदि का आयोजन करवाकर, इन दुर्लभ ज्ञानों से अनभिज्ञ समाज को परिचित करवाना चाहते हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में, अति पवित्र व मोक्षदायिनी धार्मिक गाथाएं, प्राचीन हिन्दू धर्म के वेद पुराणों व अन्य ग्रन्थों में वर्णित जीवन की सभी समस्याओं (जैसे- कष्टसाध्य बीमारियों से मुक्त होकर चिर यौवन अवस्था प्राप्त करने का तरीका) के समाधान करने के लिए परम आश्चर्यजनक रूप से लाभकारी व उपयोगी साधनाएं व ज्ञान आदि से सम्बन्धित नॉलेज ट्रान्सफर सेमीनार (सभा, सम्मेलन, वार्तालाप, शिविर आदि), कार्यक्रमों आदि का आयोजन करवाकर, पूरी तरह से निराश लोगों में फिर से नयी आशा की किरण जगाना चाहते हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) या अपने किसी भी सरकारी या प्राईवेट संस्थान/ऑफिस(कार्यालय) आदि में, एक आदर्श समाज की सेवा योग की असली परिचायक भावना अर्थात “वसुधैव कुटुम्बकम” की अलख ना बुझने देने वाले विभिन्न सौहार्द पूर्ण, देशभक्ति पूर्ण, समाज के चहुमुखी विकास व जागरूकता पूर्ण, पर्यावरण सरंक्षण, शिक्षाप्रद, महिला सशक्तिकरण, नशा एवं कुरीति उन्मूलन, अनाथ गरीब व दिव्यांगो के भोजन वस्त्र शिक्षा रोजगार आदि जैसी मूलभूत सुविधाओं के प्रबंधन, मोटिवेशनल (उत्साहवर्धक व प्रेरणास्पद) एवं परोपकार पर आधारित कार्यक्रमों (चैरिटी इवेंट्स, चैरिटी शो व फाईलेन्थ्रोपी इवेंट्स) का आयोजन करवाकर ऐसे वास्तविक परम पुण्य प्रदाता महायज्ञ में अपनी आहुति देना चाहतें हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप “स्वयं बनें गोपाल” समूह द्वारा अपने गाँव/शहर/कॉलोनी(मोहल्ले) में भारतीय देशी गाय माता से सम्बन्धित कोई व्यवसायिक/रोजगार उपक्रम (जैसे- अमृत स्वरुप सर्वोत्तम औषधि माने जाने वाले, सिर्फ भारतीय देशी गाय माता के दूध व गोमूत्र का विक्रय केंद्र, गोबर गैस प्लांट, गोबर खाद आदि) {या मात्र सेवा केंद्र (जैसे- बूढी बीमार उपेक्षित गाय माता के भोजन, आवास व इलाज हेतु प्रबन्धन)} खोलने में सहायता लेकर साक्षात कृष्ण माता अर्थात गाय माता का अपरम्पार बेशकीमती आशीर्वाद के साथ साथ अच्छी आमदनी भी कमाना, चाहतें हैं तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

क्या आप एक संस्था, विशेषज्ञ या व्यक्ति विशेष के तौर पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह से औपचारिक, अनौपचारिक या अन्य किसी भी तरह से जुड़कर या हमसे किसी भी तरह का उचित सहयोग, सहायता, सेवा लेकर या देकर, इस समाज की भलाई के लिए किसी भी तरह का ईमानदारी पूर्वक प्रयास करना चाहतें हों, तो कृपया इसी लिंक पर क्लिक करें

जानिये “स्वयं बनें गोपाल” समूह और इसके प्रमुख स्वयं सेवकों के बारे में

धन्यवाद,
(“स्वयं बनें गोपाल” समूह)

हमारा सम्पर्क पता (Our Contact Address)-
“स्वयं बनें गोपाल” समूह,
प्रथम तल, “स्वदेश चेतना” न्यूज़ पेपर कार्यालय भवन (Ground Floor, “Swadesh Chetna” News Paper Building),
समीप चौहान मार्केट, अर्जुनगंज (Near Chauhan Market, Arjunganj),
सुल्तानपुर रोड, लखनऊ (Sultanpur Road, Lucknow),
उत्तर प्रदेश, भारत (Uttar Pradesh, India).

हमारा सम्पर्क फोन नम्बर (Our Contact No)– 91 - 0522 - 4232042, 91 - 07607411304

हमारा ईमेल (Contact Mail)– info@svyambanegopal.com

हमारा फेसबुक (Our facebook Page)- https://www.facebook.com/Svyam-Bane-Gopal-580427808717105/

हमारा ट्विटर (Our twitter)- https://twitter.com/svyambanegopal

आपका नाम *

आपका ईमेल *

विषय

आपका संदेश



ये भी पढ़ें :-



[ajax_load_more preloaded="true" preloaded_amount="3" images_loaded="true"posts_per_page="3" pause="true" pause_override="true" max_pages="3"css_classes="infinite-scroll"]