कैंसर, हीमोग्लोबिन, इम्यून सिस्टम, इन्फेक्शन, बैक्टीरियल, त्वचा, स्ट्रेस, पाचन रोगों में फायदा हरी मिर्च

· November 8, 2015

bjgडॉक्टर से पूछिये तो सबसे पहले मिर्च मसाला मना करेगा ! अरे भगवान की बनायीं हुई कोई चीज फ़ालतू है क्या ! कोई भी चीज जरुरत से ज्यादा और मिलावटी खायेंगे तो नुकसान करेगी ही तो इसमें उस चीज का क्या दोष है ? यही स्थिति मिर्च के साथ भी है !

आजकल की अधिकांश महिलायें मिर्च और मसाले को अलग अलग खरीद कर घर में पिसने के झंझट से बचने के लिए बाजार से पिसा पिसाया डिब्बा बंद सब्जी मसाला या लाल मिर्च खरीद लेती हैं पर बार बार सुनने में आता है की बाजार में लाल मिर्च के नाम पर इंट (घर बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली लाल इंट) और डिब्बा बंद पिसे मसाले के नाम पर गोबर, लकड़ी का बुरादा पीस कर बेचा जा रहा है !

अभी हाल ही में सुना गया की मसाला बनाने वाली एक बड़ी कंपनी जिसका पिछले कई साल से टेलीविज़न में बहुत इमोशनल विज्ञापन भी आता था उसके मसाले में हाथी की लीद पकड़ी गयी और यह भी सुना गया की उस कम्पनी ने ले दे कर मसला दबा दिया ! तो ये है भयानक कलियुगी सच्चाई आज के हमारे समाज की ! शुक्र है परम आदरणीय श्री बाबा रामदेव का, कि उन्होंने दुर्लभ आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के साथ साथ हमारे रोज मर्रा की चीजों को भी शुद्धता से हमें उपलब्ध कराना शुरू कर दिया !

वास्तव में सब्जी मसाला में मिलाये जानी वाली हर चीज बहुत ही फायदेमंद होती है चाहे हम बात करें दालचीनी, लौंग, हींग, तेजपत्ता, जावित्री, जायफल, अजवाईन आदि की ! ये सभी चीजें बहुत लाभकारी औषधी होती है और बहुत से रोगों में फायदा होती है पर जब से लोग मसाले के नाम पर लीद, लकड़ी का बुरादा आदि खाकर बीमार होने लगे तब से डॉक्टर्स ने मसाले को ही बदनाम कर दिया !

हरी मिर्च के ज्यादातर शौक़ीन जब हरी मिर्च खाने लगते हैं तो वो अपने हर खाने पीने की चीज में हरी मिर्च का इफरात प्रयोग करने लगते है जिसके नतीजन उन्हें कुछ दिन बाद हरी मिर्च के साथ मसाला आदि भी छोड़ना पड़ सकता है क्योंकि जरूरत से ज्यादा मिर्च खाने से उन्हें एसिडिटी या अल्सर की समस्या हो सकती है जबकि कोई आदमी प्रतिदिन सही मात्रा में हरी मिर्च खाए तो उसे नुकसान के बजाय स्वास्थ सम्बन्धी कई फायदे जरूर मिलेंगे ! अमूमन हरी मिर्च की सही मात्रा मानी जाती है 1 आदमी के लिए 1 दिन में 1 हरी मिर्च !

आईये जानते हैं हरी मिर्च के औषधीय फायदे (Ayurvedic Health Benefits of Hari Mirch in Hindi, Hari Mirch ke aushadhiya labh, Herbal advantages Of green chilli , Hari Mirch ke Fayde in Hindi) –

– हरी मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो कि शरीर की कैंसर प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और कैंसर से लड़ने में मदद करते हैं।

– हरी मिर्च में बहुत सारा विटामिन सी होता है, जो कि प्राकृतिक प्रतिरक्षा में सुधार करता है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है |

– शीत लहरी और लू से रक्षा करती है !

– हरी मिर्च में विटामिन ई होता है, जो कि त्वचा के लिए फायदेमंद है। इसलिए खाने के साथ कच्ची हरी मिर्च चबाने से त्वचा हमेशा जवान बनी रहती है।

– इसमें कैलोरी नहीं होती है हरी मिर्च से कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, साथ ही इसमें किसी तरह का फैट नहीं होता है। इसलिए यह मोटे लोगों के लिए लाभदायक होती है।

– हरी मिर्च के नियमित सेवन से शरीर में ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है।

– हरी मिर्च खाना जल्दी पचा देती है। साथ ही, शरीर के पाचन तंत्र में भी सुधार कर देती है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। इसलिए इसे खाने से कब्ज दूर होती है।

– हरी मिर्च में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो कि संक्रमण को दूर रखते हैं। इसलिए हरी मिर्च को खाने से आपको संक्रमण के कारण होने वाले रोग परेशान नहीं करेंगे।

– हरी मिर्च पुरुषों को जरूर खानी चाहिए, क्योंकि इसके नियमित सेवन से पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर नहीं होता है।

– खून की कमी दूर करती है ! शरीर में हिमोग्लोबिन की कमी होने पर रोजाना खाने के साथ हरी मिर्च खाएं।

– मूड बना देती है हरी मिर्च ! बेहतर मिर्च खाने से दिमाग में एक विशेष तरह के हार्मोन का स्त्राव होता है, जो कि आपका मूड हल्का कर देता है।

– फेफड़े के कैंसर से करती है रक्षा ! रिसर्च में यह बात सामने आई है कि हरी मिर्च खाने से फेफड़े के कैंसर से बचाव होता है। यदि आप स्मोकिंग करते हैं तो आपको हरी मिर्च जरूर खानी चाहिए।

(आवश्यक सूचना – “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट में प्रकाशित सभी जानकारियों का उद्देश्य, सत्य व लुप्त होते हुए ज्ञान के विभिन्न पहलुओं का जनकल्याण हेतु अधिक से अधिक आम जनमानस में प्रचार व प्रसार करना मात्र है ! अतः “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि इस वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक, एक्यूप्रेशर तथा अन्य किसी भी प्रकार के उपायों व जानकारियों को किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक, योगाचार्य, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट तथा अन्य सम्बन्धित विषयों के एक्सपर्ट्स से परामर्श अवश्य ले लें क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं)





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