डॉक्टर्स को दूर रखने वाले बेहद आसान घरेलु नुस्खे (भाग – 4)

· October 3, 2015

csdsdsd– आंखों के नीचे झुर्रियां तथा काले धब्बे पड़ जाने पर, ताजी मलाई लगाकर हल्के हल्के मलें।


Complete cure of deadly disease like HIV/AIDS by Yoga, Asana, Pranayama and Ayurveda.

एच.आई.वी/एड्स जैसी घातक बीमारियों का सम्पूर्ण इलाज योग, आसन, प्राणायाम व आयुर्वेद से

 

– हिचकी आने पर,  सोंठ को पानी में घिसकर सूंघें। इलायची का सेवन करें।

 

– गला बैठ जाने पर , गरम पानी में नमक डालकर गरारे करें। अजवाइन और शक्कर उबालकर पियें। गरम पानी में आधा ग्राम हींग डालकर गरारे करें।

 

– पेट की बीमारी के कारण रोग होने पर,  रात को तांबे के बर्तन में पानी भरकर सुबह एक गिलास पियें। रात को सोते समय गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पियें। रात को सोते समय हरड़ या गुलकंद का मुरब्बा खायें।

 

– गैस बनने पर, काली मिर्च व गुड़ मिलाकर खायें। ताजे पानी में नमक व नींबू का रस मिलाकर दो तीन बार पियें।

 

– बिवाइयां होने पर, सरसों का तेल मलें। मेंहदी लगायें। नारियल या तिल्ली के तेल में देशी पीला मोम गरम कर मलें।

 

– होंठ फट जाने पर,  दूध में मलाई और नींबू का रस मिलाकर मलें। घी को हल्का सा गरम कर उसमें चुटकी भर नमक मिलाकर मलें।

 

– मुंहासे होने पर, सन्तरे के छिलके को बेसन के साथ पीसकर चेहरे पर लेप करें। सोने के समय सिरके में चिरौंजी डालकर लगायें। दूध में चिरौंजी को भिगोकर पीस लेने के पश्चात् रात में चेहरे पर लगायें।

 

– जीभ या मुंह में छाले होने पर टमाटर खायें तथा कत्था लगायें।

 

– सांप के काट लेने पर तुलसी के पत्ते का लेप करें तथा खायें।

 

– शरीर का कोई स्थान जल जाने पर आलू पीसकर लगायें।

 

– सफेद दाग होने पर उड़द की दाल को पीसकर लगायें।

 

– बुखार, चोट, सर्दी व घाव हो जाने पर गर्म दूध में पिसी हुई हल्दी मिलाकर लगायें |

 

– ब्लड प्रेशर कम होने पर मौसमी का रस पीना फायदेमंद है।

 

– खून को साफ करने के लिए नींबू , पालक, टमाटर व सेब का रस पीना चाहिए।

 

– औरतों को अगर माहवारी के समय तकलीफ हो तो अनानास का रस पीने से आराम मिलता है।

 

– ब्लड प्रेशर हार्ई होने पर संतरा, अंगूर आदि के रस का सेवन लाभप्रद है।

 

– शरीर का वजन कम करने के लिए तरबूज, नींबू व अनानास का रस लेना चाहिए।

 

– पथरी होने पर ककड़ी व घीया का रस लाभदायक है।

 

– कैंसर रोग में गाजर व अंगूर के रस का सेवन करें।

 

– किडनी के दर्द में ककडी का रस पीना चाहिए।

 

– धनिये के रस का सेवन करने से आंखों की रोशनी तेज होती है।

 

– शूगर की बीमारी में करेले व पालक का रस लें।

 

– अंगूर, सेब , रसभरी , संतरा व मौसमी का रस पीलिया रोग को दूर करने में सहायक है।

 

– खून बढ़ाने के लिए चुकन्दर एक रामबाण औषधी है। इसके अलावा पालक , टमाटर , संतरा , सेब, अंगूर व मौसमी के रस का सेवन करें।

 

– सिरदर्द होने पर ककड़ी के रस का सेवन फायदेमंद है।

 

(नोट – किसी भी नुस्खे को आजमाने से पहले वैद्यकीय परामर्श लेना उचित होता है)

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