कठिन यौन रोगों में बहुत ही फायदा पहुचातें हैं ये योग आसन

स्थिति बहुत डांवाडोल हो चुकी है ! मेकअप के बल पर ऊपर से युवा दिखने वाले, अंदर से भी युवा हैं की नहीं, समझना मुश्किल है !

कई तो शादी से पहले ही नपुंसक हो चुके होतें है और कई शादी के बाद 4 – 5 साल में ही बुजुर्ग हो जातें है !

इस विकट स्थिति का सबसे ज्यादा श्रेय जाता है आधुनिकता के नाम पर फैले बेशर्मी के माहौल को, जो युवाओं के मन को कम उम्र से ही दूषित कर उनके शरीर का नाश करना शुरू कर देता है !

भ्रष्ट से भ्रष्ट राजनेता या सिनेमा में काम करने वाले प्रसिद्ध एक्टर एक्ट्रेस भी कभी नहीं चाहतें हैं कि उनकी संतान कम उम्र से ही गन्दी आदतें (जैसे- हस्त मैथुन) सीखकर अपने शरीर का नाश कर ले, लेकिन जब कोई स्वयं सेवी संगठन इस खुल्लम खुल्ला फैले व्याभिचार के माहौल को कण्ट्रोल करने के लिए आवाज उठाने लगता है तब यही भ्रष्ट नेता और कई प्रसिद्ध एक्टर एक्ट्रेस, आजादी का हनन, व्यक्तिगत अधिकार, फ्रीडम ऑफ़ लाइफ स्टाइल जैसी बातें करके इस पर कोई कठोर क़ानून नहीं बनने देते !

किसी ना किसी को तो पहल करनी ही पड़ेगी इस गन्दगी की सफाई के लिए नहीं तो भविष्य में नपुंसकता की बीमारी इतना साम्राज्य फैला देगी कि बिना किसी दवा की मदद के नार्मल तरीके से संतान पैदा करने वाले दम्पत्ति को आश्चर्य से देखा जाएगा !

तनाव और क्रोध की वजह से भी शुक्राणु अल्पता पैदा होती है इसलिए जबरदस्ती खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए !

खुश रहने के लिए दिन रात जब जब मौका मिले तब तब भगवान् के किसी भी नाम का मानसिक या वाचिक जप करना चाहिए ! भगवान् के नाम का जप कही भी, किसी भी अवस्था में बिना शुद्ध, अशुद्ध स्थान का ध्यान रखे हुए किया जा सकता है (लेकिन भगवान के मन्त्र का जप सिर्फ शुद्ध अवस्था में ही करना चाहिए ! भगवान् के नाम जप के विस्तृत फायदे जानने के लिए कृपया इस लेख के नीचे दिए गए लिंक्स को देखें) !

यौन रोगों का आज के मॉडर्न एलोपैथिक साइंस में कोई भी परमानेंट असरदायक इलाज नहीं है अलबत्ता यह कई बार जरूर सुनने को मिलता है कि एलोपैथिक मेडिसिन्स से इलाज करने से समस्या और बिगड़ गयी !

इन कठिन बीमारियों का परमानेंट इलाज सिर्फ योग और आयुर्वेद (Yogasana and Ayurveda) में है !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह से जुड़े कुछ मूर्धन्य योग प्रशिकक्षों ने हमें कठिन यौन रोगों में बहुत ही फायदा पहुचाने वाले योग, आसन व प्राणायाम (Yoga, asana, pranyama) के बारें में बताया जिन्हें हम सर्व हित के लिए यहाँ प्रस्तुत कर रहें हैं !

भारत में आज भी बहुत से युवक, यौन रोगों से ग्रसित होने के बावजूद लोक लाज की वजह से उसे हमेशा छुपातें रहतें हैं और उसका ठीक से इलाज नहीं करवातें जिससे रोग का भविष्य में और प्रबल होने की संभावना बढ़ जाती है ! इसलिए “स्वयं बनें गोपाल” समूह इस लेख को पढ़ने वाले हर आदरणीय पाठक से विनम्र निवेदन करता है कि इस लेख को बिना किसी संकोच या शर्म के, अधिक से अधिक सोशल मीडिया पर शेयर करें ताकि आपके इस मानवता धर्म को निभाने की वजह से, हो सकता है कि कोई निराश अक्षम युवक या स्त्री, फिर से सक्षम होकर पिता या माता बनने की अपार ख़ुशी प्राप्त कर सके !

महिलाओं में अधिकांश दोष मासिक धर्म की गड़बड़ीयों से होता है ! लगभग एक प्रतिशत स्त्रियों में फैलोपियन ट्यूब (how can a blockage in a fallopian tube prevent pregnancy) बन्द होने की शिकायत पाई जाती है जिसमें लगभग 50 प्रतिशत स्त्रियों को आप्रेशन से लाभ मिलता है और उनके एक तरफ का रास्ता खुल जाता है जिससे वे गर्भधारण करने में सक्षम हो पाती हैं। ऑपरेशन के अलावा नीचे दिए योग, आसन व प्राणायाम (yogas, asanas, pranayamas) के नियमित अभ्यास से फैलोपियन ट्यूब (fallopian tube) की समस्या में बहुत लाभ मिलते देखा जा सकता है !

पुरूषों के दोष में, उनके वीर्य में या तो शुक्राणु बिल्कुल नहीं होते या फिर बहुत कम मात्रा में होते हैं। यदि किसी के वीर्य के शुक्राणु स्त्री के गर्भ तक नहीं पहुँच पाते तो इसमें स्त्री का कोई दोष नहीं होता है ! यदि दोष होता है तो पुरूष के वीर्य का होता है क्योंकि ऐसे पुरुष अपनी पूर्व की मनमानी हरकतों से अपने वीर्य को पतला व बेजान बना चुके होते हैं !

ध्यान रहें, शुक्राणुओं का निर्माण, पुष्ट व गाढ़े तथा निर्दोष वीर्य से ही होता है और ऐसे वीर्य में ही शुक्राणु अधिक मात्रा में विकसित होकर तेजगति से चलने वाले क्रियाशील बनते हैं जिसके फलस्वरूप स्त्री गर्भवती होकर स्वस्थ व सुंदर बच्चे को जन्म देती है।

यौन समस्याओं (sexual disease) में लाभ पाने के लिए निम्नलिखित योग आसनों का कम से कम 5 बार से लेकर 11 बार प्रतिदिन अभ्यास करना चाहिए, साथ ही ब्रहमचर्य का भी सख्ती से पालन करना चाहिए (क्योंकि जैसे बहते पानी में बाँध नहीं बन सकता वैसे ही अश्लीलता से भरे दिमाग की यौन समस्याओं का इलाज नहीं हो सकता है, इसलिए हर तरह के अश्लील साहित्य, अश्लील टीवी शो, मूवीज, तथा हंसी मजाक के नाम पर अश्लील बातें करने वाले या अश्लील मेसेज भेजने वाले दोस्तों से एकदम दूरी बना लेना चाहिए) !

वे योग, आसन व प्राणायाम (Yog, Asan, Pranayam) हैं –

सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar), महामुद्रा (mahamudra yoga), सेतुबन्धासन (setu bandhasana), पश्चिमोत्तानासन (paad pashchimottanasan), भुजंगासन या सर्पासन (Bhujangasana or sarpasana pose), शलभासन (shalabhasana) का 5 – 5 बार अभ्यास करें !

फिर 20 मिनट धीरे धीरे कपाल भाति प्राणायाम (kapalbhati pranayama) करें उसके बाद 10 मिनट अनुलोम विलोम प्राणायाम (anulom vilom pranayama) करें !

फिर अंत में महाबंध (maha bandha mudra) जिसमें पेट से सांस बाहर निकालकर उड्डीयन बंध (uddiyana bandha asana), मूल बंध (moola bandha yoga) व जालन्धर बंध (jalandhara bandha kriya) तीनों एक साथ लगातें है, का 5 बार अभ्यास करें तो कुछ दिनों से लेकर कुछ महीने में (रोग की गंभीरता के हिसाब से ) ना सिर्फ आपकी यौन समस्याओं में बल्कि अन्य सभी बिमारियों में भी आपको निश्चित आराम मिलने लगेगा, साथ ही पूरा शरीर बेहद मजबूत और तेजोमय होने लगता है !

जानिये हर योगासन को करने की विधि

जानिये हर प्राणायाम को करने की विधि

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(आवश्यक सूचना – “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान की इस वेबसाइट में प्रकाशित सभी जानकारियों का उद्देश्य, सत्य व लुप्त होते हुए ज्ञान के विभिन्न पहलुओं का जनकल्याण हेतु अधिक से अधिक आम जनमानस में प्रचार व प्रसार करना मात्र है ! अतः “स्वयं बनें गोपाल” संस्थान अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि इस वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी यौगिक, आयुर्वेदिक, एक्यूप्रेशर तथा अन्य किसी भी प्रकार के उपायों व जानकारियों को किसी भी प्रकार से प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक, योगाचार्य, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट तथा अन्य सम्बन्धित विषयों के एक्सपर्ट्स से परामर्श अवश्य ले लें क्योंकि हर मानव की शारीरिक सरंचना व परिस्थितियां अलग - अलग हो सकतीं हैं)



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