डायबिटिज, सूजन, हाई बी पी, ह्रदय, गुर्दा, गठिया, गैस, कफ, जलन, मासिक रोगों में फायदा है सोया

fdsधनिया की तरह अक्सर सस्ते में बेचे जाने वाली सोया के गुण इतने हल्के नहीं हैं कि इसके गुणों का इसके दाम से तुलना किया जाय ! सोया एक तरह से सस्ते में मिलने वाली बेहतरीन टॉनिक व दवाई है !

इसकी सब्जी को “आहारीय झाड़ू” कहा जाता है क्योंकि पेट में रुकावट डालने वाली वायु के निष्कासन का काम यह उत्तम प्रकार से करती है |

सोया हरी पत्तेदार सब्जी है जिसके पत्ते सौंफ के पौधे की तरह दिखते है | इसके बीज भी सौंफ की तरह ही पर थोड़े बड़े होते है | बिना रासायनिक कीटनाशक और रासायनिक खाद से पैदा किया गया सोया, मानव जाति के लिए एक खजाने की तरह ही है !

तेज गंध होने से यह कई बार नापसंद की जाती है पर वास्तव में यह बहुत गुणकारी औषधि है |

इसमें मेथी व पालक की तरह जीवनसत्व, फॉलिक ऍसिड व महत्वपूर्ण क्षार होते है |

आइये जानते हैं सोया के कुछ औषधीय फायदे –

– सोया स्निग्ध, तीखी, भूख बढाने वाली, उष्ण, मूत्ररोधक, कफ व वायुनाशक है |

– इसमें अनेक औषधीय तेल होते है जिसमे से युगेनॉल तेल, शूगर (रक्त शर्करा) को नियंत्रित करता है | इसलिए यह सब्जी मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत अच्छी कही गयी है |

– उच्च रक्तचाप, गुर्दा रोग, हृदय रोग आदि के निदान पर इसका बढ़िया सकारात्मक प्रभाव देखा गया है |

– डिलीवरी के बाद महिला को भोजन के बाद बहुत थोड़ी सी अजवाइन और नारियल गिरी के साथ सोया खूब चबा चबा कर खाने को कहा जाता है | इससे वात वृद्धि नहीं होती और दूध अच्छी तरह उतरता है |

– सोया खाने से डिलीवरी के बाद महिलाओं का शरीर नहीं फूलता |

– इसके सेवन से दाह, शूल, नेत्ररोग, प्यास, अतिसार आदि का नाश होता है |

– पेट में गैस होना, अजीर्ण ऐसी अनेक पाचन तंत्र की गड़बड़ियों पर यह गुणकारी होती है | पेट भारी लगना, भूख कम लगना, अफारा, अजीर्ण आदि अनेक समस्याओं का बेहतरीन निदान है यह सब्जी |

– यह सिर दर्द नाशक व अनिद्रा दूर करने के लिए उपयोगी है तथा इसका सेवन बुद्धि भी बढाता है |

– गंभीर हिचकी और खांसी के लिए इसका प्रयोग करें, यह बलगम हटाती है |

– त्वचा की सुन्दरता बढ़ाने के लिए सोया लोशन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है |

– यह आँखों के आसपास की सूजन और जलन को कम करती है |

– इसको पीसकर कनपटी पर लगाने से, लू लगने से होने वाला चक्कर और सिरदर्द शांत होता है |

– इसके पत्तें और जड़ को पीसकर लगाने से गठिया का दर्द और सूजन ठीक होता है |

– इसके पत्तों पर तेल लगाकर गर्म कर बाँधने से फोड़ा जल्दी पककर फूट जाता है |

– इसके पत्तों का काढ़ा, गुड़ के साथ लेने से रुकी हुई या कम माहवारी खुलकर आती है |

– इसकी सौंफ का ठंडा शरबत पीने से पित्त ज्वर शांत होता है |

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