अब चाहे धरती डोले या आसमान ……….. गोमाता व आप राष्ट्रभक्तों का आशीर्वाद इस वैचारिक क्रान्ति को अन्जाम तक पहुंचा कर ही छोड़ेगा

· December 10, 2016

सभी को प्रणाम,

आज दिनांक 10 दिसम्बर 2016 को “स्वयं बनें गोपाल” समूह की वेबसाइट के फेसबुक पेज से जुड़ने वाले आदरणीय पाठकों की संख्या 1 लाख पहुँच गयी है …………………….. यह निश्चित रूप से हर्ष और उत्साह का अवसर है कि आज से लगभग 18 माह पूर्व, हम स्वयं सेवियों द्वारा शुरू किया गया यह वैचारिक आन्दोलन जो अनन्त वर्ष पुराने भारतीय सनातन धर्म के आदर्शों के आधार पर, पतन की ओर अग्रसर होते सामाजिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए समर्पित है, आज इस वृहत स्थिति में पहुँच गया है कि इस वेबसाईट के व्यूअर्स (दर्शक) विश्व के 159 देशों से भी बढ़कर 161 देशों तक में हो चुकें हैं !

भारत के अलावा विदेशों से भी कई आदरणीय पाठक हमें अपने परिवार के सदस्य की ही तरह अपना आशीर्वाद व मार्गदर्शन सतत प्रदान करते रहते हैं और साथ ही हमें हमारे अभियान में लगातार निडर होकर आगे बढ़ते रहने के लिए अक्सर हमें इमेल्स व फ़ोनकाल्स आदि द्वारा शुभकामना व बधाईयाँ भी देते रहते हैं जिसके लिए हम उनके सदा ही हृदय से आभारी रहेंगे !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह से फेसबुक के माध्यम से जुड़ने वाले आदरणीय मित्रों की संख्या एक लाख पहुँचने पर हमें गूगल एनालिटिक्स से “स्वयं बनें गोपाल” समूह की वेबसाइट से सम्बन्धित एक अन्य उत्साहजनक आंकड़ा प्राप्त हुआ कि पुराने नियमित पाठकों के अलावा ………….. विभिन्न सर्च इंजन्स (जैसे गूगल, बिंग आदि) के माध्यम से भी पूरे विश्व से लाखों ऐसे एकदम नए पाठक (new visitors) “स्वयं बनें गोपाल” समूह की वेबसाइट पर पहुँच कर इसका अध्ययन करतें हैं जिन्होंने इस वेबसाइट को पहले कभी नहीं देखा होता है !

सर्च इंजन्स व अन्य बड़े प्लेटफॉर्म्स पर “स्वयं बनें गोपाल” समूह की वेबसाइट की बढ़ती लोकप्रियता, निश्चित ही परम आदरणीय गोमाता समेत आप सभी आदरणीयों के बेशकीमती आशीर्वाद का ही नतीजा है !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह की वेबसाइट पर सर्च इंजन्स के माध्यम से पहुँचने वाले पाठक भी अगर “स्वयं बनें गोपाल” समूह के फेसबुक पेज से भी जुड़ते जाएँ तो निश्चित रूप से इस वैचारिक क्रान्ति को अदम्य बल प्राप्त होगा !

“स्वयं बनें गोपाल” समूह के फेसबुक पेज से सीधे जुड़ने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि देश हित, समाज हित व मानवता हित का कोई भी मुद्दा या हमसे जुड़े कई मूर्धन्य शोधकर्ताओं की कोई भी नयी खोज या दिव्य दृष्टि प्राप्त संतजनों की कृपा से प्राप्त किसी भी दुर्लभ जानकारी को हम सभी आदरणीय पाठकों तक तुरंत पहुचा सकते हैं …………………… अतः इस लेख को पढने वाले हर आदरणीय पाठक से विनम्र निवेदन है कि यदि आप अभी तक हमारे फेसबुक पेज से नही जुड़ पायें हैं तो कृपया अभी जुड़ें ………………….. क्योंकि यह शाश्वत सत्य है कि किसी भी जुनूनी देशभक्त की मुख्य खुराक यही होती है कि उसे अधिक से अधिक अपने ही जैसे दूसरे जुनूनी देशभक्तों का साथ मिले !

इसमें कोई भी सन्देह नहीं है कि हम जैसे अति साधारण स्वयं सेवियों को आप सभी आदरणीय देशभक्तों का उम्मीद से कई गुना बढ़कर प्यार मिला जिसके लिए हम सदैव ही आपके कृतज्ञ रहेंगे !

हमारे लेख आप सभी लोगों द्वारा कितना पसन्द किये जा रहें हैं इसका अंदाजा हमें इस बात से भी लगता है जब हम देखतें है कि काफी पुरानी कुछ प्रसिद्ध वेबसाइट्स भी हमारे लेखों की प्रसिद्धि से प्रभावित होकर उन लेखों को अपनी वेबसाइट्स पर पब्लिश करती हैं हमारी वेबसाइट का रिफरेंस देकर ………… और कभी कभी तो हम यह भी देखते हैं कि कुछ राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल्स भी हमारे देशभक्ति के लेखों के अंश को खुद के वक्तव्य के लिए (एज इट इज) इस्तेमाल करते हैं !

यह सब बातें, आप सभी आदरणीयों द्वारा अक्सर हमारे उत्साहवर्धन के लिए कही जाने वाली उन बातों को भी प्रमाणित करती हैं जिसमें आप कहतें है कि “स्वयं बनें गोपाल” समूह के लेख आपके दिलों को अंदर तक स्पर्श कर जाते हैं !

हमारे विचारों से प्रभावित होकर कई आदरणीय पाठक (जिसमें युवाओं से लेकर रिटायर्ड अधिकारियों तक, माताओं बहनों से लेकर साधू सन्यासियों तक, संस्थाओं से लेकर राजनेताओं तक, भारतीयों से लेकर विदेशियों तक शामिल होते हैं) कहते हैं कि हम आप के समूह के साथ परमानेंट जुड़ कर एक पूर्ण कालिक स्वयंसेवी की तरह कार्य करना चाहते हैं …………………… लेकिन ऐसे अधिकांश मित्रों को हमारी यही सलाह रहती है कि सामाजिक परिवर्तन के इस दौर में यह जरूरी नहीं है कि आप अभी से अपने घर परिवार की जिम्मेदारियों को इग्नोर (नजरंदाज) कर जन क्रान्ति लायें ………………. क्योंकि स्वयं सेवी सिर्फ उन्हें ही नहीं कहा जाता जो अपना घर परिवार त्यागकर, जन सेवा करते हैं …………………. बल्कि हर वो इंसान (चाहे वह नौकरी या व्यापार करने वाला गृहस्थ ही क्यों ना हो) वास्तव में 100 प्रतिशत शुद्ध स्वयं सेवी ही होता है जो किसी भी लाचार जरूरतमंद की सेवा बिना उससे कोई पारिश्रमिक लिए हुए करता है !

चूंकि हमारे अनन्त वर्ष पुराने सनातन धर्म के अनुसार इस कलियुग में किसी भी इंसान का सबसे बड़ा शत्रु अज्ञान होता है इसलिए दिन ब दिन लुप्त होते हुए सत्य के ज्ञान (कि क्या वास्तव में सही है और क्या गलत) को जन जन तक पहुचाना भी निश्चित ही एक बहुत बड़ा सेवा का कार्य है ………………….. और इसी कार्य को पूरी निष्ठा से “स्वयं बने गोपाल” समूह के स्वयं सेवी अनवरत कर रहें हैं जिसका लाभ हर आदरणीय जिज्ञासु पाठक “स्वयं बने गोपाल” समूह की वेबसाइट पर आ कर बिल्कुल पा सकतें हैं !

इन्ही सब बातों से प्रभावित होकर कई अभिवावकों ने हमसे अपनी पर्सनल फीलिंग्स शेयर करते हुए कहा कि …………… हर एक सामान्य अभिवावक की तरह वे भी नहीं चाहते हैं कि उनकी किशोरावस्था की संतान फिजूल में अधिक देर तक इन्टरनेट पर काम करने के दौरान कोई गन्दी बात सीखे इसीलिए वे अपने संतानों को अक्सर खुद से प्रमोट करते हुए कहते हैं कि ………….. अगर इन्टरनेट पर ही तुम्हे काम करना अच्छा लगता है तो “स्वयं बनें गोपाल” जैसी वेबसाइट ही देखो ताकि कम से कम तुम्हे जीवन की कई असली सच्चाईयों और इसकी कीमत का तो पता चल सके ……………………. कुछ पाठकों ने तो अश्रुपूरित कंठ से हमें धन्यवाद देते हुए कहा कि आज आपकी वजह से मै एक साफ़ सुथरी सम्मानित जिंदगी जी पा रहा हूँ अन्यथा आज से कुछ माह पूर्व तक मै नशे और गलत संगत की वजह से बर्बादी के कागार तक पहुँच चुका था ……………………… जहाँ कुछ पूर्ण कालिक योग के साधक हमारे योग सम्बंधित लेखों को पढ़कर अति उत्साहित होतें हैं और दोगुने जोश से अपनी साधना में लग जाते हैं, वहीँ कुछ ऐसी गृहस्थ माताएं भी हैं जो हमारे भक्ति सम्बन्धी लेखों से इतना प्रभावित हुई हैं की उनका मन पार्टी फैशन आदि की मिथ्या चंकाचौध से हटकर कृष्ण भक्ति में रम गया ………………….. जहाँ हमारे ब्रह्मांड सम्बंधित लेखों को पढकर कुछ शोधकर्ताओं को लीक से हटकर सोचने की एक नयी दिशा मिली वहीँ कुछ राजनेताओं को यह भी समझ में आया कि सिर्फ अपने आका की चाटुकारिता करने की बजाय यदि सच्चे दिल से आम जनता की लम्बे समय तक खूब सेवा की जाय तो ईश्वर भी स्वयं साथ लग जाते हैं चुनाव जितवाने के लिए ………………….. कुछ पाठकों ने तो यहाँ तक हमसे कहा कि आपकी वेबसाईट हमारे खालीपन का सच्चा साथी है क्योंकि हम जब जब निराश होतें हैं तब तब आपकी साईट के लेखों को ही पढ़ते रहतें हैं जिससे हमें काफी शान्ति महसूस होती है व आपके कुछ लेख तो हमें इतना ज्यादा पसन्द आतें हैं कि हम उन लेखों को 100 से भी ज्यादा बार पढ़ चुकें हैं !

हमारे अनन्त वर्ष पुराने सनातन धर्म के इस शाश्वत सत्य को हमेशा याद रखने की जरूरत है कि ……………….. सिर्फ, सत्य के ज्ञान में ही वो प्रचण्ड ताकत है कि किसी मानव के मन को वो जबरदस्ती सही मार्ग पर धक्का दे सके ………………… और मन के सही रास्ते पर आते ही अपने आप सभी तरह के पाप, अपराध समाप्त होने लगते हैं !

इसलिए “स्वयं बनें गोपाल” समूह अपने सभी आदरणीय पाठकों से यही बारम्बार विनम्र अनुरोध करता है कि …………………….. आप अपने घर परिवार की जिम्मेदारियों को भरपूर तरीके से निभाते हुए, हफ्ते में कम से कम एक छुट्टी के दिन सिर्फ अपने ही मरणधर्मा शरीर को आराम देने के अलावा …………….. एक सच्चे स्वयं सेवी की तरह जितना अधिक से अधिक हो सके उतने लाचार जरूरतमंदो को भोजन, दवाईयां, रोजगार प्रदान करने के साथ साथ उन्हें गलत/सही का आत्मीय ज्ञान भी दें जिससे उनके पांव कभी भी गरीबी की मार से त्रस्त होकर पाप के रास्ते की ओर उन्मुख ना होने पाएं !

जब विश्व की अधिकांश जनता में इस स्तर का स्वयं सेवी भाव पैदा होगा तो फिर कैसे नहीं पूरे मानव जगत से अपराधी मानसिक प्रवृति का अपने आप नाश होकर, शान्ति व सुख के अखण्ड साम्राज्य की स्थापना हो पाएगी !

वन्दे मातरम ………………………. भारत माता की जय ! !

(नोट – “स्वयं बने गोपाल” समूह के फेसबुक से जुड़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें जिसके बाद ओपेन होने वाले फेसबुक पेज में लाइक का आप्शन क्लिक करें – https://www.facebook.com/Svyam-Bane-Gopal-580427808717105/ )

साभार,
“स्वयं बने गोपाल” समूह (भारतवर्ष)
www.svyambanegopal.com

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