नारदजी की तरह हम सभी जो यह दुनिया देख रहें वह असली नहीं, मात्र एक सपना है

शास्त्रों में दिए गए इस महा वाक्य का क्या मतलब है;- “ब्रह्म (ईश्वर) सत्य, जगत मिथ्या” ? यह मात्र कोई उपदेश नहीं है …………… यह एक 100 प्रतिशत शुद्ध सच है जिसे कोई आदमी … Continue reading नारदजी की तरह हम सभी जो यह दुनिया देख रहें वह असली नहीं, मात्र एक सपना है