महा आश्चर्य …………. इतना बड़ा चमत्कार वो भी इतने जल्दी

vvdfdfdfआपको यह जानकर बहुत आश्चर्य होगा की जिस ईश्वर को पाना बहुत कठिन बताया जाता है उसी ईश्वर को अगर बाल रूप में भजा जाय तो सिर्फ कुछ ही दिनों में वो आपसे चमत्कारी रूप से रीझ जाता है !

जी हाँ, एकदम सत्य और आजमाई गयी बात है उन अनेक कृष्ण भक्तों द्वारा जो अक्सर ही अपने जीवन में लड्डू गोपाल की नटखट शरारतों के प्रत्यक्ष अनुभव और दर्शन का महा दुर्लभ सौभाग्य पाते हैं !

जैसे कोई छोटा मासूम बच्चा हो और उसे आप पीट भी दें, लेकिन फिर थोड़ी देर बाद उसे प्यार से बुलाएँ तो वो आपकी मार को भूलकर आपके पास खिलखिलाते हुए चला आयेगा, उसी तरह से कोई बड़ा पापी भी अगर अच्छा इन्सान बनना चाहता हो तो वो भी प्रेम से लड्डू गोपाल को बार बार बुलाये तो लड्डू गोपाल ठुमुक ठुमुक कर हसतें हुए उसके पास पहुच जायेंगे !

हमारे शास्त्रों में लाड लड़ाने की बड़ी महिमा बताई है | कई लोगों को पता ही नहीं है की लाड लड़ाना कहते किसे है ?

लाड लड़ाना वो अति आसान प्रक्रिया है जिससे अनन्त ब्रह्मांडो को जन्म देने वाला, पालने वाला और नष्ट करने वाला परम सत्ता आपके बंधन में बध जाता है ! अब ये आपके ऊपर है की आप उसे किस रिश्ते में बाधना चाहते हैं ! आपको जिस भी रिश्ते में सबसे ज्यादा प्यार महसूस होता हो (चाहे वह बेटा, भाई, भतीजा, भांजा कोई भी रिश्ता हो) उसी रिश्ते से बिना किसी संकोच बाल गोपाल को तुरन्त जोड़ लीजिये और कुछ दिनों तक उस रिश्ते को नियम से निभाइए और फिर चमत्कार देखिये !

कुछ दिन बाद भले ही आप उस रिश्ते को भूल जाय पर लड्डू नहीं भूलेंगे और आपको ये देखकर महान आश्चर्य होगा की अब रिश्ता लड्डू गोपाल खुद निभा रहे है !

लाड लड़ाने में बस यही गहरी मानसिक भावना तो करनी होती है की लड्डू गोपाल अब से हमारे ये (जो रिश्ता आप चाहें) हुए और फिर मन में अन्दर ही अन्दर उनसे वो रिश्ता निभाइए ! मन में भावना करने में दिक्कत आ रही हो तो फिर आप कोई मूर्ति या तस्वीर का सहारा भी ले सकते हैं ! मन में लड्डू गोपाल को खाना खिलाने में एकाग्रता नहीं हो पा रही हो तो आप मूर्ति के सामने भोग लगाईये ! दोनों में कोई अंतर नहीं है | वास्तव में प्रभु सामान के भूखे नहीं, सिर्फ आपके प्रेम के भूखे हैं !

अपनी नौकरी, व्यापार, पढाई को ईमानदारी से निभाते हुए जब भी आपको खाली समय मिले लड्डू गोपाल के साथ ही मन ही मन खेलिए, बातें करिए और वो हर काम करिए जो आपको पसंद हो ! बस इसी तरह खेल खेल में लड्डू गोपाल कब आपके अपने हो जायेंगे, आपको पता ही नहीं चलेगा !

कुछ लोगों को ये सब अन्धविश्वास और समय की बर्बादी लग सकती है पर उन्हें पता नहीं की, यही बाल गोपाल, चैतन्य महाप्रभु की गुरु माता के यहाँ पानी भरना, झाड़ू लगाना, खाना बनाना और बर्तन मांजना सब काम करते थे और यही बाल गोपाल बूढ़े वल्लभाचार्य को रोज सुबह हाथ पकड़ कर लैट्रिन कराने खेत में ले जाते थे और क्या क्या कहे यही बाल गोपाल कभी किसी गरीब भक्त की लड़की की शादी के लिए चुपके से रूपए घर में रख गये तो कभी किसी भक्त को दुश्मनों के जानलेवा हमलों से बचाया, इसी बाल गोपाल ने कितनों को फर्जी मुकदमों से बचाया तो कितनों की सालों पुरानी बिमारियों के दर्द को सेकंडों में लेकर भागा, यही बाल गोपाल है जो एक्सीडेंट में अपाहिज होने वाली दुर्घटना को मामूली फिसलने वाली घटना में बदल देता है, और यही बाल गोपाल है जो भविष्य में होने वाले कैंसर को मामूली बीमारी में बदल कर ख़त्म कर देता है !

ये ऐसा पक्का रिश्ता निभाता है की 24 घंटा आपके साथ ही रहता है और आपको छोड़ कर कभी भी जाता ही नहीं ! तो फिर जब 24 घंटे का अति प्यारा, अति सुन्दर, अति मनमोहक बॉडी गार्ड आपके साथ है जो आपके पूर्व जन्मों के आपके ही द्वारा किये गएँ पापों की सजा के अधिकांश हिस्से को खुद ही झेल जाय तो फिर जीवन में किस बात की टेंशन !

सृष्टि का अटल नियम है की गलत और सही, दोनों भावना द्वारा किये गये कामों का भोग तो भोगना ही पड़ता है पर कृष्ण साथ हो तो आने वाला प्रचंड दुर्भाग्य भी चीटी काटने के समान हल्का हो जाता है !

इस दुनिया की हर स्त्री, लड्डू गोपाल की माँ और हर आदमी पिता बनने का महा सौभाग्य निश्चित ही पा सकता है !

शुरू में तो भक्त को भावना करनी पड़ती है पर कुछ दिन बाद उसे सही में लड्डू गोपाल का अहसास होने लगता है, फिर उसके कुछ दिन बाद उसे स्वप्न में लड्डू गोपाल के दर्शन होने लगते हैं और फिर उसके कुछ दिन बाद ऐसा स्पष्ट महसूस होता है की लड्डू गोपाल ने अपने छोटे छोटे मुलायम हाथों से उसे छूया हो और उसके कुछ दिन बाद लड्डू गोपाल की विशेष कृपा हुई तो अति दुर्लभ दर्शन भी होता है !

ये एक ऐसा रिश्तेदार है जिसे सिर्फ चाहिए आपका थोडा समय जिसमे वो प्रेमपूर्वक आपके साथ खेल कूद सके और बदले में ये इतना कुछ देता है की झोली छोटी पड़ जाती है ! तो कोई क्यों न जोड़े ऐसे सुन्दर रिश्तेदार से रिश्ता ! !

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