चन्द्रप्रभा वटी – मूत्र, मासिक, धातु रोग में है बहुत फायदा

· September 14, 2015

1hwhb17_011_piआयुर्वेद में इसे रसायन कहा गया है ! रसायन उसे कहते हैं जो बुढ़ापा और रोगों को दूर रखे !


Complete cure of deadly disease like HIV/AIDS by Yoga, Asana, Pranayama and Ayurveda.

एच.आई.वी/एड्स जैसी घातक बीमारियों का सम्पूर्ण इलाज योग, आसन, प्राणायाम व आयुर्वेद से

इसके सेवन करने से 20 प्रकार का प्रमेह, मूत्रकृच्छ, मूत्राघात, पथरी रोग, मलबद्धता, अनाह (अफारा), शूल, उपदंश, गाँठ, अर्बुद, अंडकोष फूलना, पीलिया, कांवर, हलीमक, आंते बढ़ना, कमर की पीड़ा, खांसी, श्वांस रोग, विचर्चिका, सब प्रकार के कोढ़, बवासीर, खुजली, तिल्ली, उदर विकार, भगन्दर, दंतरोग, नेत्र रोग, मासिक धर्म की पीड़ा, वीर्य दोष, मन्दाग्नि, अरुचि, वात रोग, पित्त रोग, कफ रोग नष्ट होते हैं !

यह पुरुषों में धातु बढ़ाने वाली है |

चाहे तो इसे आप बाबा रामदेव के पतंजलि स्टोर से शुद्ध रूप से खरीद सकते हैं या घर पर ही निम्न सामग्रियों को इक्कट्ठा करके बना सकते हैं |

सामग्री और निर्माण विधि –

नागर मोथा, कपूर, बच, चिरायता, देवदारु, हल्दी, अतीस, दारु हल्दी, पीपला मूल, चीता की जड़, धनियाँ, हरड़, बहेड़ा, आंवला, चव्य, बायबिडंग, गजपीपरी, सोंठ, मिर्च, पीपरी, सोनामाखी की भस्म, जवाखार, सज्जीखार, सेंधानमक, कालानमक, और बिडन नमक, ये सब औषधियाँ 3 – 3 माशे | निसोथ, दंती की जड़, तेजपात, दालचीनी, छोटी इलायची, वंशलोचन ये सब औषधियाँ 1 -1 तोला | लोह भस्म 2 तोला, मिश्री 4 तोला, शिलाजीत 8 तोला, गुगुल 8 तोला | इन सारी औषधियों को एकत्र कर पीस कर गोली बना लेनी चाहिए |

नोट – डायबिटीज के मरीज, सोडियम की कमीं या अन्य कोई कठिन रोग वाले मरीजों को चिकित्सक की सलाह से इस दवा को खाना चाहिए |

facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail


ये भी पढ़ें :-