हरी मटर के आयुर्वेदिक फायदे

· January 19, 2016

mप्रकृति में मिलने वाली हर चीज बढ़िया औषधि की तरह काम कर सकती है बस उसका इस्तेमाल करने का तरीका पता होना चाहिए !


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हरी मटर के तो बहुत से औषधीय गुण हैं पर केमिकल में डुबाकर रेफ्रीजेरेटर में रखी गयी मटर फायदा की जगह नुकसान करती है !

बहुत ज्यादा कीटनाशक और रासायनिक खाद से खेतों में पैदा की गयी हरी मटर भी अन्य सब्जियों की तरह फायदा कम नुकसान ज्यादा करती है ! प्राकृतिक खाद से पैदा, ताज़ी हरी मटर से कई बिमारियों का इलाज किया जा सकता है !

मटर सर्दी में खाये जाने वाली सब्जी है जो सूखी और रसेदार किसी भी तरह से बनायीं जा सकती है ! इसमें सल्फर, फास्फोरस, क्लोरीन और पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। यदि इसे अनाज और दालों के साथ खाया जाए, तो इसके बेहतरीन परिणाम मिलते हैं। यदि केवल मटर को अधिक मात्रा में खाया जाए, तो यह पाचन के लिए अच्छा नहीं है। लिपिड को कम करने के लिए यह एक अच्छी सब्जी है। इसे खाने से आवेरियन कैंसर नहीं होता।

आईये जानते हैं मटर के औषधीय फायदे (Green Peas herbal advantages, Hari Matar Ke ayurvedic fayde)–

– हरी मटर ऑस्टियोपोरोसिस के खिलाफ प्रभावी ढंग से काम करती है।

– इसमें शरीर से ट्राइग्लिसराइड्स के स्‍तर को कम करने का गुण होता है जिससे कोलेस्‍ट्रॉल नियंत्रित रहता है।

– इसमें एंटी – इनफ्लैमेटरी कम्‍पाउंड और एंटी – ऑक्‍सीडेंट दोनों भरपूर मात्रा में होते है। जिससे दिल की बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है।

– यह उच्‍च फाइबर से भरपूर होती है जिसके सेवन से फैट नहीं बढ़ता है। इसलिए यह वजन घटाने में सहायक है।

– इस के एंटी – ऑक्‍सीडेंट शरीर को चुस्‍त – दुरूस्‍त रखने में सहायक होते है। इसके अलावा, इस में फ्लैवानॉड्स, फाइटोन्‍यूटिंस, कैरोटिन आदि होते है जो हमें हमेशा जवान और शक्ति से भरपूर बनाएं रखता है।

– यह त्रिदोष नाशक है; यह मल को बाँधने वाली है ! कच्ची मटर खाने से कब्ज़ दूर होती है।

– कुछ दिनों तक चेहरे पर मटर के आटे का उबटन मलते रहने से झांई और धब्बे समाप्त हो जाते है।

– ताजा हरी मटर के दानों को पीसकर जले हुए स्थान पर लगाने से अग्नि की जलन शांत होकर जले हुए स्थान पर ठंडक पड़ जाती है।

– भूनी हुई मटर के दाने और नारंगी के छिलकों को दूध में पीसकर उबटन करने से शरीर का रंग निखर जाता है।

– यदि जाड़ो के दिनों में उंगलियों सूज जाये तो मटर के दानों का काढ़ा बनाये और थोड़े गर्म काढ़े में कुछ देर उंगलियों को डुबोकर रखनी चाहिए अथवा इसके साथ तेल मिलाकर उंगलियों को धोना चाहिये।

– मटर शरीर को फुर्तीला रखती है। हरी मटर में मौजूद फाइटोन्यूटिंस और कैरोटिन शरीर को उर्जावान और हमेंशा जंवा बनाएं रखने में शक्ति देता है।

– मटर में मौजूद फोलिक एसिड जो पेट में भ्रूण की समस्याओं को दूर करता है साथ ही गर्भवती महिला को पर्याप्त पोषण देता है। गर्भवती महिलाओं को अपने खाने में हरी मटर को शामिल करना चाहिए।

– हरी मटर में प्रोटीन के तत्व और उच्च फाइबर पाया जाता है जो शरीर में मौजूद शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है साथ ही डायबिटीज के खतरों से भी बचाता है।

– यदि सूजन शरीर में है तो मटर के उबले हुए पानी से नहाने से शरीर की सूजन खत्म होती है।

– इसमें मौजूद आयरन, जिंक, मैगनीज और तांबा शरीर को बीमारियों से बचाता है। इस में एंटीआक्सीडेंट होता है। जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है ताकि शरीर बिमारियों से मुक्त रह सके।

– इसका सेवन स्त्रियों में माहवारी की रूकावट की समस्या को दूर करता है।

– इसे खाने से रक्त और माँस बढ़कर शरीर स्वस्थ होता है। यह प्रोटीन का उत्तम साधन है।

– शोध में पता चला है कि हरी मटर में काउमेस्‍ट्रोल होता है जो कि एक प्रकार का फाइटोन्‍यूट्रीयन्‍ट होता है, अगर शरीर में इसकी संतुलित मात्रा होती है तो कैंसर से लड़ने में मदद मिलती है। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि अगर आप हर दिन हरी मटर का सेवन करें तो पेट का कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। इस के नियमित सेवन से भूलने की समस्‍या दूर हो जाती है।

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