क्या चावल भी अमृत के समान फायदेमन्द हो सकता है

dचावल बहुत फायदेमंद चीज है बशर्ते की आप उसे अगर खेतों से सीधे खरीद लें मतलब राईस मिल में जाने से पहले ही खरीद ले क्योंकि राईस मिल में चावल को पॉलिश करने के चक्कर में चावल के बहुत से गुणों का नाश हो जाता है !

हालांकि चावल की देशी प्रजातियां आजकल मिलनी मुश्किल हो गयी है क्योंकि इतने ज्यादा किस्म के हाइब्रिड चावल की प्रजातियाँ वैज्ञानिकों ने डेवलप कर ली है की मार्केट से देशी चावल (जिसे भगवान ने बनाया है) गायब ही हो चुका है !

राईस मिल में चावल के रूप और सुन्दरता को बढ़ाने के लिए कई तरह के कृत्रिम प्रक्रियाये अपनाई जाती है जिससे चावल के बहुत से गुणों का नाश हो जाता है !

अतः चावल के अमृत जैसे गुण को पाना हो तो सिर्फ देशी चावल के बीजों को खेतों में बोइये और बिना किसी रासायनिक खाद या कीटनाशक के, सिर्फ गोमूत्र और गोबर से बनी जैविक खाद और कीटनाशक से उसे पोषण और सुरक्षा प्रदान करिए ! तथा फिर उगे हुए धान से प्राप्त चावल को बिना किसी राईस मिल भेजे, सीधे अपनी रसोई में लाईये और स्टील, नॉन स्टिक या एलुमिनियम के हानिकारक बर्तन में पकाने की बजाय, मिटटी के बर्तन में पकाइए और चमत्कार देखिये ! ऐसा सुन्दर, जमीन की सोंधी महक वाला सुगन्धित, और जबरदस्त फायदेमंद चावल निश्चित तौर पर आपने पूरी जिन्दगी में नहीं खाया होगा !

जितने महंगे से मंहगे चावल हैं अधिकाँश सब जेनेटिकली मॉडिफाइड हैं जिसकी वजह से वो दिखते खूबसूरत हैं पर स्वास्थ्य के लिहाज से एकदम कूड़ा हैं !

देशी चावल के इतने ज्यादे चमत्कारी लाभ हैं की अगर आज के डॉक्टर्स उन्हें जान जाय तो वो कभी अपने पेशेंट्स को चावल खाने से रोकेंगे नहीं !

कई लोग तो ये सोचकर भी चावल खाने से पर‍हेज करते हैं कि चावल खाने से उनका पेट बाहर आ जाएगा या वजन बढ़ जाएगा जो की गलत है क्योंकि अगर जरूरत से ज्यादा चावल ना खाया जाय तो चावल से नुकसान नहीं हैं !

चावल या ऐसा ही कोई अन्न बाजार से खरीद कर पकाने से पहले खूब अच्छी तरह से धोना जरूरी है क्योंकि इन सब को सुरक्षित रखने के लिए अक्सर एंटी बैक्टीरियल जैसे केमिकल इन पर पोते हुए होते है और ये केमिकल पेट में जाकर कैंसर पैदा करते हैं ! ढाबे, होटल, रेस्टोरेंट वाले अक्सर चावल, दाल, गेंहू (प्राप्त आटा) आदि बिना अच्छे से धुले, पकाकर अपने ग्राहक को दे देते हैं इसलिए बाहर का खाना खाने वाले लोग ज्यादा कैंसर के शिकार होते हैं !

चावल के मांड यानी पकाते वक्त बचा हुआ सफेद गाढा पानी बहुत काम का होता है। उसमें प्रोटीन, विटामिन्स व खनिज होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। इसलिए चावल को मांड सहित खाना चाहिए।

चावल विभिन्न प्रकार के विटामिन और मिनरल्स का खजाना है| इसमें नियासिन, विटामिन डी, कैल्शियम, फाइबर, आयरन, थायमीन और राइबोफ्लेविन पर्याप्त मात्रा में होता है|

आईये जानतें हैं चावल के कुछ औषधीय गुण –

– चावल खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है| इसमें न तो हानिकारक फैट होता है न कोलेस्ट्रॉल और न ही सोडियम| ये एक बैलेंस डाइट है|

– चावल में सोडियम की मात्रा न के बराबर होती है| ऐसे में ये उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन की समस्या है|

– होल ग्रेन राइस जैसे ब्राउन राइस में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है| चावल में पाया जाने वाला ये फाइबर बहुत प्रकार के कैंसर की रोकथाम और उससे बचाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है| कई शोधकर्ताओं का मानना है कि चावल में मौजूद ये तत्व कैंसर कोशिकाओं को विकसित नहीं होने देता है|

– चावलों में फैट का तत्व बहुत कम होने से ये पचने में हल्के होते हैं।

– चावल को पकाकर, छाछ के साथ सेवन करने से गर्मी, अत्यधिक प्यास, जी मिचलाना तथा अतिसार में लाभ होता है।

– चावल को भूनकर, रात भर पानी में भिगोकर सुबह छानकर, उस पानी को पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

– सफेद चावलों को पानी में भिगोकर उस पानी से चेहरे को धोने से झाईयां मिटती हैं।

– चावलों को पकाने पर निकलने वाले मांड को या चावल को दही के साथ खाने से दस्त में लाभ मिलता है। दस्त में हल्का गीला चावल खाना काफी फायदेमंद होता है|

– चावल की प्रकृति ठंडी होती है। पेट में गर्मी होने पर एवं गर्मी के मौसम में प्रतिदिन चावल खाने से शरीर को ठंडक मिलती है।

– एक गिलास चावल के पानी में मिश्री मिलाकर पीने से पेचिश व रक्तप्रदर में लाभ होता है।

– चावल के साथ दाल मिलाने से उसका वायुकारक गुण कम हो जाता है। अत: रोगियों के लिए चावल और मूंग की दाल की खिचड़ी पचने में हल्की और पौष्टिक मानी जाती है।

– छ: माह के बालको का पोषहार चावल के मांड से किया जाता है।

– बिना दांत वालों के लिए चावल सर्वोत्तम आहार है।

– चावल में अच्छी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है जो कि शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है| इस ऊर्जा की जरूरत शरीर के हर भाग को होती है| मस्तिष्क इसी ऊर्जा से शरीर का संचालन करता है. चावल से प्राप्त ऊर्जा उपापचय की क्रिया को भी नियमित रखता है|

– चावल के माड़ को ब्यूटी प्रोडक्ट के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है| ये त्वचा संबंधी कई तरह की बीमारियों में फायदेमंद है| इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण झुर्रियों को आने से रोकता है और ढलती उम्र के प्रभाव से दूर रखता है|

– कमजोर पेट वालों के लिए चावल का मांड बहुत फायदेमंद है। चावल का मांड खाने से खाना पचाने में आसानी होती है। चावल में दूध मिलाकर 20 मिनट तक ढंककर रख दीजिए, फिर उसे खाइए ज्यादा फायदा होगा।

– तीन साल पुराना चावल काफी स्वादिष्ट व ओजवर्धक होता है। इसलिए पुराने चावल का ज्यादा प्रयोग करना चाहिए।

– अगर पेट की समस्या हो तो चावल की खिचडी का सेवन करना चाहिए।

– अतिसार में चावल को आंटे की लेई की तरह पकाकर उसमें गाय का दूध मिलाकर रोगी को सेवन कराएं, इससे अतिसार में फायदा होगा।

– चावल और मूंग के दाल की खिचडी खाने से दिमागी विकास होता है और शरीर शक्तिशाली होता है।

– यदि महिलाएं गर्भ निरोधक प्रयोग नहीं करना चाहती हैं तो चावल धुले पानी में चावल के पौधे की जड़ पीसकर छान लें। इसमें शहद मिलाकर पिएं। यह हानिरहित सुरक्षित गर्भनिरोधक उपाय है।

– यदि नशा ज्यादा हो गया हो तो चावल धोकर निकाले पानी में खाने का सोडा दो चुटकी व शक्कर मिलाकर पिलाने से नशा उतरता है।

– अगर पेशाब में समस्या हो तो चावल का पानी पीने से पेशाब की समस्या में आराम होता है।

– माइग्रेन या आधासीसी की समस्या हो तो रात को सोने से पहले चावल को शहद के साथ मिलाकर खाने से लाभ होता है। एक सप्ताह ऐसा करने से सरदर्द की समस्या समाप्त होती है।

(नोट – डायबिटीज होने पर चावल का सेवन ज्यादा नहीं करना चाहिए ! डायबिटीज के मरीज बेहतर है की अपने डायबिटीज की कंडीशन के आधार पर चावल की मात्रा योग्य चिकित्सक से तय करवा लें)

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