हाई बीपी, चेस्ट पेन, टी बी, डायबिटिज, शुक्राणु, प्रोस्टेट, पेट, गर्मी व स्त्री रोगों में फायदा केला

derकेला के इतने ज्यादा फायदे हैं कि उनको जानने के बाद हर व्यक्ति रोज केला खाना चाहेगा ! लेकिन समस्या यह है कि बाजार में बिकने वाले 99 प्रतिशत केला कार्बाइड से पकाया हुआ होता है जिस वजह से उसके औषधीय गुणों में कमी आ जाती है !

पेड़ पर ही केला पक जाने पर उसे चिड़ियों द्वारा खाए जाने का भय रहता है, इसलिए व्यापारी उसे कच्चे अवस्था में ही पेड़ से तोड़ कर बंद कमरे में कार्बाइड (केमिकल) की गर्मी से पकाते हैं ! सिर्फ केला ही नहीं, आम आदि अन्य फल भी कार्बाइड से पकाए जा रहें हैं !

अगर व्यापारी मानवता के नाम पर बस इतना रहम कर दे की केला, आम आदि फलों को कार्बाइड की गर्मी से पकाने की बजाय, उन्हें उनकी खुद की गर्मी से पकने दे तो भी काफी अच्छा रहेगा ! खुद की गर्मी से पकने के लिए फलों को केवल अखबार से लपेट कर भूसा में ढक दिया जाता है ! अगर इस अख़बार में थोड़ा सा कार्बाइड डाल दिया जाय तो फल जल्दी पक जाते हैं लेकिन फलों के पोषक तत्व कम हो जाते हैं ! पर फल को लपेटे गए अख़बार में कार्बाइड एकदम ना डाला जाय तो फल पकता देर में है लेकिन उसके पोषक तत्व काफी हद तक बरक़रार रहते हैं !

अतः अगर पेड़ पर पका केला ना मिले तो, कार्बाइड की जगह खुद की गर्मी से पका केला खाने से भी काफी लाभ मिलता है !

केला अगर कच्चा हो तो वो मीठा, ठण्डी तासीर का, भारी, स्निग्ध, कफकारक, पित्त, रक्त विकार, जलन, घाव व वायु को नष्ट करता है।

पका हुआ केला स्वादिष्ट, शीतल, मधुर, वीर्यवर्धक, पौष्टिक, मांस की वृध्दि करने वाला, रुचिकारक तथा भूख, प्यास, नेत्ररोग और प्रमेह का नाश करने वाला होता है।

आईये जानते हैं केला के कुछ औषधीय फायदे –

– केले के तने के सफेद भाग के रस का नियमित सेवन करने से डायबिटीज की बीमारी में आराम मिलता है।

– टी बी (Tuberculosis) में कच्चा केला का रस या केला के पेड़ के तने का रस थोड़ा सा पिलायें तो बहुत लाभ मिलता है !

– 1 चम्मच शहद को केला के साथ खाने से हाई बी पी और ह्रदय दर्द में लाभ मिलता है ! केले में मैग्नीशियम की काफी मात्रा होती है जिससे शरीर की धमनियों में खून पतला रहने के कारण खून का बहाव सही रहता है। इसके अलावा पूर्ण मात्रा में मैग्नीशियम लेने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है।

– सुबह सुबह कड़ी कसरत करके 2 केला, 1 बादाम खाकर, दूध पीने से दिमागी ताकत बहुत बढ़ती है और शरीर खूब बलवान बनता है ! इससे वीर्य/रज गाढ़ा होता है और शुक्राणुओं की संख्या में अच्छी वृद्धि होती है !

– केला के तने का रस पिलाने से सांप के जहर में फायदा मिलता है !

– केला खाने से पथरी होने का चांस कम होता है और लू लगने से भी बचत होती है !

– खाना खाने के बाद केला खाने से भोजन आसानी से पच जाता है।

– प्रोस्टेट में कच्चे केला के छिलके का 2 ग्राम चूर्ण खाने से लाभ होता है !

– यदि महिलाओं को रक्त प्रवाह अधिक होता है तो पके केले को दूध में मसल कर कुछ दिनों तक खाने से लाभ होता है।

– बार-बार पेशाब आने की समस्या हो तो चार तोला केले के रस में दो तोला घी मिलाकर पीने से फायदा होता है।

– यदि शरीर का कोई हिस्सा जल जाए तो केले के गूदे को मसल कर जले हुए स्थान पर बांधे। इससे जलन दूर होकर आराम पहुंचता है।

– पेचिश रोग में थोड़े से दही में केला मिलाकर सेवन करने से फायदा होता है।

– संग्रहणी रोग होने पर पके केले के साथ इमली तथा नमक मिलाकर सेवन करें।

– दाद होने पर केले के गूदे को नींबू के रस में पीसकर पेस्ट बनाकर लगाएं।

– पेट में जलन होने पर दही में चीनी और पका केला मिलाकर खाएं। इससे पेट संबंधी अन्य रोग भी दूर होते हैं।

– अल्सर के रोगियों के लिये कच्चे केले का सेवन रामबाण औषधि है।

– केला खून में वृध्दि करके शरीर की ताकत को बढ़ाने में सहायक है। यदि प्रतिदिन केला खाकर दूध पिया जाए तो कुछ ही दिनों में व्यक्ति तंदुरुस्त हो जाता है।

– यदि चोट लग जाने पर खून का बहना न रुके तो उस जगह पर केले के डंठल का रस लगाने से लाभ होता है।

– केला छोटे बच्चों के लिये उत्तम व पौष्टिक आहार है। इसे मसल कर या दूध में फेंटकर खिलाने से लाभ मिलता है।

– केले और दूध की खीर खाने या प्रातः सायं दो केले घी के साथ खाने या दो केले भोजन के साथ घंटे बाद खाकर ऊपर से एक कप दूध में दो चम्मच शहद घोलकर लगातार कुछ दिन पीने से प्रदर रोग ठीक हो जाता है (शहद और घी साथ साथ बराबर खाना बहुत ही हानिकारक है, इसलिए हमेशा 4-5 घंटा गैप करके खाना चाहिए)।

– केले और शहद का शर्बत बनाकर पीने से सूखी खांसी, पुरानी खांसी और दमे के कारण चलने वाली खांसी में लाभ होता है।

– एक पका केला एक चम्मच घी के साथ 4-5 बूंद शहद मिलाकर सुबह-शाम आठ दिन तक रोजाना खाने से प्रदर और धातु रोग में लाभ होता है।

– पके केले को घी के साथ खाने से पित्त रोग शीघ्र शान्त होता है।

– मुंह में छाले हो जाने पर गाय माता के दूध के दही के साथ केला खाने से लाभ होता है।

– एक पका केला मीठे दूध के साथ आठ दिन तक तक लगातार खाने से नकसीर में लाभ होता है।

– दो केले एक तोला शहद में मिलाकर खाने से सीने के दर्द में लाभ होता है।

– दो पके केले खाकर, एक पाव गर्म दूध एक माह तक सेवन करने से दुबलापन दूर होकर शरीर स्वस्थ बनता है।

– प्रतिदिन भोजन के बाद एक केला खाने से मांसपेशियां मजबूत बनती है व ताकत देता है।

– प्रातः तीन केले खाकर, दूध में शक्कर व इलायची मिलाकर नित्य पीते रहने से रक्त की कमी दूर होती है।

– यदि बाल गिरते हों तो केले के गूदे में नींबू का रस मिलाकर सिर में लगाने से बाल झड़ना रूक जाता है।

– जलने या चोट लगने पर केले का छिलका लगाने से लाभ होता है।

– पके हुए केले को आंवले रस तथा शक्कर मिलाकर खाने से बार-बार पेशाब आने की शिकायत दूर होती है।

– बच्चे को दस्त लग जाने पर पके केले को कटोरी में रख कर चम्मच से घोट कर मक्खन जैसा बना लें और जरा सी मिश्री पीस कर मिला कर बच्चे को दिन में दो तीन बार खिलाएं। लाभ होगा, कमजोरी नहीं आएगी और बच्चे के शरीर में पानी की कमी नहीं हो पाएगी। ध्यान रहे कि केला जितनी बार खिलाना हो, उसे उसी समय बनाएं। ढक कर रखा गया या काट कर रखा केला न खिलाएं। वह हानिकारक हो सकता है।

– मिट्टी खाने के आदी बच्चों को इसका गूदा खूब फेंट कर जरा सा शहद मिला कर आधा आधा चम्मच खिलाना उपयोगी है। पर ध्यान रहे की शाम के बाद केला ना दे ।

– कच्चे केले को दूध में मिलाकर लगाने से त्वचा निखर जाती है और चेहरे पर भी चमक आ जाती है।

– गर्भावस्था में महिलाओं के लिए केला बहुत अच्छा होता है क्योंकि यह विटामिन से भरपूर होता है।

– गले की सूजन में लाभकारी है।

– जी मिचलाने पर पका केला कटोरी में फेंट कर एक चम्मच मिश्री या चीनी और एक छोटी इलायची पीस कर मिला कर खाने से राहत मिलती है ।

(केला ज्यादा खाने से पेट पर भारी होता है, शरीर शिथिल होता है, आलस्य आता है। हमेशा पका केला ही खाएं)

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