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qw12032929_511709958992631_5794653447568645708_n“स्वयं बनें गोपाल” एक ऐसे उत्साही और मेहनती लोगो का समूह है जो अपने स्टेटस और क्वालिफिकेशन को तब तक हाई नहीं, व्यर्थ मानते है जब तक उनकी पढ़ाई, उनका बिज़नेस किसी भूखे के पेट में खाना ना डाल सके या किसी बीमारी से तड़पते का इलाज ना करा सके या गाय माता समेत अन्य निरीह जीवो की सेवा ना कर सके !

ऐसे काम करने से तुरंत अपने मन में सुख मिलता है इसलिए हर अच्छा आदमी अपनी जिंदगी में ऐसे अच्छे काम जरूर करना चाहता है पर वास्तविकता में रोज मर्रा के कामो में ही उलझ कर आदमी की जिंदगी का एक एक दिन बहुत तेजी से बीतता चला जाता है और अन्त समय अपनी मृत्यु शय्या पर सोच – सोच कर दुखी होता है की उसने एक मानव शरीर पाकर भी सिर्फ जानवरो की तरह अपना पूरा जीवन अपने और अपने परिवार के खाना, पीना, बच्चे पैदा करना और घर सजाने में ही बिता दिया !

पर उस समय दुखी होने से कोई लाभ नहीं होता क्योकि जीवन के दीपक में तेल ख़त्म हो चुका होता है !!

“स्वयं बनें गोपाल” ऐसे ही दूरदर्शी लोगो का समूह है जो अपनी मृत्यु शय्या पर विलाप नहीं हर्षित होना चाहते है कि, हाँ, हमने अपना जीवन सिर्फ अपने लिए नहीं, दूसरो के लिए भी जीया है !

आज के समय में निरीह-गरीब -परेशान बहुत है पर उनकी मदद करने वाले बहुत थोड़े ! ऐसे में “स्वयं बनें गोपाल” समूह पूरे आदर के साथ अनुरोध और आवाहन करता है सभी विश्व के नागरिको से की वो अपने अंदर के गोपाल को जगाये और स्वयं बने – गोपाल !

गोपाल वो होता जिसका अपनी “गो” यानी – इन्द्रियों (यानि सांसारिक सुख -भोग – वासना) पर नियन्त्रण होता है और ऐसा ही आत्म संयमी पुरुष दूसरो की भलाई के लिए कुछ कर सकता हैं !

गोपाल वो भी होता जो गो (यानी भारतीय देशी गाय माता) को साक्षात देवी का रूप मानकर बड़े आदर से उनका पालन करता है क्योकि सारे वेद पुराण में गाय माता का दर्जा भगवान से भी ऊँचा बताया गया है और गाय माता को पूरे विश्व की माता बताते हुए कहा है कि अकेले गोबर और गोमूत्र के प्रयोग से ही खेती की पैदावार इतनी ज्यादा बढ़ाई जा सकती है कि पूरे विश्व में कोई भी भूखा न सोये और देशी गाय माता का दूध और मूत्र, एड्स – कैंसर जैसे अनगिनत छोटे बड़े रोगो में बहुत ही फायदा है !

अतः “स्वयं बनें गोपाल” का अति विनम्रता के साथ निवेदन है की गोपाल के आदर्शो को अपने जीवन में सतत उतारते हुए और गोपाल (यानी भगवान कृष्ण) के चरणो में लगातार यह प्रार्थना करते हुए की हमारी बुद्धि एक सेकण्ड के लिए भी भ्रष्ट न हो जिससे जो जहा भी है वो वही पर रह कर अधिक से अधिक पर पीड़ा शमनार्थ निरन्तर प्रयास करता रहे और जगदम्बा स्वरुप गाय माता को उनका खोया हुआ सम्मान लौटा सके………

निवेदक –
“स्वयं बने गोपाल” समूह