हंसिका नाड़ी को जगाईये और हर समय ख़ुशी उत्साह महसूस करिए

1Old_man_laughingवास्तव में एक आदमी हर समय तीन शरीर लेकर घूमता है ! एक शरीर भौतिक होता है जिसे हम प्रत्यक्ष अपनी स्थूल आँखों से देखते हैं दूसरा सूक्ष्म शरीर होता है जिसे हम अपनी भौतिक आँखों से नहीं देख सकते और तीसरा शरीर होता है कारण शरीर ! कारण शरीर का क्या काम होता है और वो बना किस लिए है इसकी जानकारी बहुत कठिनाई से समझ में आती है !

पर हम बात करें सूक्ष्म शरीर की तो सूक्ष्म शरीर ही भौतिक शरीर का नियंत्रक है मतलब आसान भाषा में कहें तो रिमोट कंट्रोल है ! सूक्ष्म शरीर को इस तरह से समझा जा सकता है जैसे घर में फ्रीज, ए सी, टेलीविजन, पंखा सब लगे हैं पर बिजली की सप्लाई ठीक 220 वोल्ट ना हो तो ये सारे यंत्र सही से काम नहीं करेगें, अगर वोल्टेज 220 से ज्यादा हो तब इन इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट पर बुरा असर पड़ेगा और वोल्टेज कम हो तब भी बुरा असर पड़ेगा और सही से काम नहीं करेंगे ! तो जैसे हमारा भौतिक शरीर, सूक्ष्म शरीर के आधीन हैं और इसका उल्टा भी है की सूक्ष्म शरीर भी आधीन है स्थूल शरीर के !

सूक्ष्म शरीर के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान है हमारे स्थूल शरीर के भोजन, सोच विचार और कर्म का ! इसलिए हमारे परम आदरणीय हिन्दू धर्म में बार बार बहुत जोर दिया जाता है सात्विक सोच, सात्विक खाने और सात्विक कर्म की ! हमारे द्वारा खाया हुआ गन्दा या मांसाहारी खाना, हमारे द्वारा किसी निर्दोष के खिलाफ किया गया गलत सोच से गलत काम, संस्कार बन कर सूक्ष्म शरीर में जमा हो जाता है फिर ऐसे ही जमा हुए कई संस्कार हमारे लिए दुखदायी प्रारब्ध या किस्मत बनाते हैं और यही बुरी किस्मत अचानक से किसी बीमारी, एक्सीडेंट, गरीबी, अपमान या अन्य किसी कष्ट के रूप में सामने आ सकती है !

ये सूक्ष्म संसार के रहस्य को देखने समझने का कोई भी कैमरा, सेंसर या मशीन आज के वैज्ञानिक बना नहीं पाए हैं इसलिए आजकल के वैज्ञानिकों को हर 20 साल बाद अपनी थ्योरी बदलनी पड़ती है या हम यों कहें की वैज्ञानिक आज भी अँधेरे में हाथ पैर मार रहें हैं !

आइये हम बात करते हैं एक बहुत ही मामूली से दिखने वाले योग के अदभुत फायदे की !

uttanpadasanaइस आसन में पीठ के बल लेटकर पहले एक पैर को हवा में गोल गोल दायी ओर, और बांयी ओर (क्लॉक वाइज और एंटी क्लॉक वाइज) घुमाना पड़ता है और फिर दोनों पैर एक साथ कमर तक उठाकर इसी तरह घुमाना होता है | पैर घुमाते समय घुटने सीधे होने चाहिए, मुड़ने नहीं चाहिए !

इस आसन का सामान्य फायदा लोग जानते हैं की इससे पेट, कूल्हे, और जंघा की चर्बी छटती है और कमर और पीठ के जोड़ खुलते हैं और इनकी शक्ति बढ़ती है !

पर इस आसन का एक दूसरा गुप्त पहलू है की कमर में एक गुप्त नाड़ी होती है जिसका नाम होता है हंसिका ! इस आसन को करने से ये हंसिका नाड़ी प्रभावित होती है जिससे सूक्ष्म स्तर पर ऐसे हारमोंस का स्राव होता है जो मन में ख़ुशी और उत्साह पैदा करते हैं ! इस आसन को रोज रोज करने से हारमोंस की मात्रा भी बढ़ती है जिससे मन में ज्यादा ख़ुशी और उत्साह पैदा होने लगता है !

तनाव एक तरह की नकारात्मक सोच होती है जिसका शरीर के स्वास्थ पर बहुत बुरा असर होता है ऐसे में यह आसन एक चमत्कारी वरदान की तरह ही है जो कैलोरी बर्न के साथ साथ मानसिक ख़ुशी और उत्साह भी प्रदान करता है !

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