सूर्य का तेज है इस आयुर्वेदिक चूर्ण में

images (5)स्वयं प्रत्यक्ष शिव भगवान सूर्य देवता ने इस अति लाभकारी चूर्ण का उपदेश अपने भक्तों को दिया था ! भगवान सूर्य के नाम पर ही इसका नाम लवण भास्कर चूर्ण पड़ा | यह चूर्ण पेट की सभी बिमारियों और अन्य कई रोगों में बहुत फायदा है |

यह चूर्ण वातज, कफज, गुल्म, तिल्ली, पेट के समस्त विकार, क्षय रोग, बवासीर, संग्रहणी, कुष्ठ, बद्धकोष्ठ, भगन्दर, सूजन, शूल, श्वास, खांसी, आमवात, ह्रदय रोग और मन्दाग्नि को नष्ट करता है |

यह चूर्ण अग्नि को प्रबल कर अन्न को पचा देता है | अगर आप इस चूर्ण को शुद्धता से अपने घर पर ना बना सके तो आप बाबा रामदेव के पतंजलि स्टोर से भी इसे बना बनाया खरीद सकते हैं क्योकि बाबा रामदेव की दवाएं बाजार में मिलने वाली दवाओं में सबसे शुद्ध क्वालिटी की मानी जाती हैं |

सामग्री – सेंधा नमक, बिडन नमक, धनियाँ, पीपरी, पीपरामूल, काला जीरा, तेज पात, नागकेशर, तालीस पत्र, अमलबेत, ये सब औषधियाँ 2 – 2 तोले, समुद्र नमक 8 तोले, कालानमक 5 तोले | काली मिर्च, जीरा, सौंठ प्रत्येक 1 -1 तोला | अनारदाना 4 तोला, दालचीनी आधा तोला, इलायची आधा तोला | इन सभी जड़ीबूटियों को महीन पीसकर पाउडर बनायें |

खाने की मात्रा – 3 माशा, रोगानुसार या छाछ से |

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