सभी एंडोक्राइन ग्लैंड्स (अन्तः स्रावी ग्रंथियां, जैसे थाइराइड आदि) का नियमन एक्यूप्रेशर से

आपने भारतीय नारियों को देखा होगा की माथे पर जहाँ बिंदी लगाती हैं तथा भारतीय पुरुष जहाँ पर तिलक लगाते हैं वही पॉइंट्स जिसे थर्ड आई (तृतीय नेत्र पॉइंट) पॉइंट भी कहते हैं, होता है पिट्यूटरी ग्लैंड को कण्ट्रोल करने का !

पुराने समय भारतीय नारियां बिंदी लगाना आदि प्रथाओं का बहुत सख्ती से पालन करती थी इस वजह से थाइराइड जैसी बीमारियां लोगों में कम देखने को मिलती थी पर जब से लोगों पर मॉडर्निटी और फ्रीडम का भूत शुरू हुआ और लोग ने मनमानी जिंदगियां जीना शुरू की है तब से किस्म किस्म की बीमारियाँ भी बढ़ गयी !

तृतीय नेत्र पॉइंट को हल्का प्रेशर देने से पिट्यूटरी ग्लैंड रेग्युलेट होती है और ऐसा माना जाता है की पिट्यूटरी ग्लैंड ही शरीर की सारी एंडोक्राइन ग्लैंड्स (अन्तः स्रावी ग्रंथियां) जैसे थाइराइड आदि को रेग्युलेट करती है इसलिए केवल एक पिट्यूटरी ग्लैंड को कण्ट्रोल करने से शरीर का उम्मीद से बढ़कर भला होता है !

पिट्यूटरी ग्लैंड को कण्ट्रोल करने के लिए सबसे ज्यादा प्रभावशाली सबसे तेज फायदा करने वाली शाम्भवी मुद्रा (जिसे अन्तः त्राटक भी कह सकते हैं) होती है ! शाम्भवी मुद्रा की जानकारी पाने के लिए इसी वेबसाइट में योगासन सेक्शन देखें !

कपाल भांति व अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से भी पिट्यूटरी ग्लैंड का नियमन बहुत तेज होता है !

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