भगदड़ का फायदा उठा रहे सियार

lkhgसोशल मीडिया व ZEE न्यूज़ जैसे समाचार चैनलों की वजह से कई नए पुराने देश द्रोही दलों की अब अच्छे से कलई खुलती जा रही है जिसकी वजह से उन दलों से जुड़े कई नेता व कार्यकर्ता, देशभक्त जनता की नाराजगी से बचने के लिए उन दलों से तुरन्त इस्तीफा देकर भाग रहे हैं जिससे उन देश द्रोही दलों में काम करने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं का अकाल पड़ रहा है !

देशद्रोही दलों में मची इस भगदड़ का भरपूर फायदा उठा रहें हैं सियार जैसी मानसिकता वाले लोग जिन्हें बस किसी राजनैतिक दल से जुड़ने की चाहत है ताकि वो अपने बेईमानी के धंधे को ज्यादा कॉन्फिडेंस से व ज्यादा वैध तरीके से चला सके !

भारतीय जनता पार्टी के अलावा कितनी ऐसी पार्टियाँ हैं जिन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर खुल्लमखुल्ला देशद्रोह की खतरनाक घटना का स्पष्ट तौर पर विरोध किया ! पर हाँ केंद्र सरकार के लिए गए लीगल एक्शन के विरोध में उन्माद फ़ैलाने का काम बहुतों ने किया !

इन देशद्रोही दलों के कुकर्मों की वजह से उनकी पार्टी में पैदा हुए अकाल की भरपाई के लिए अर्थात विभिन्न पदों पर पदासीन करने के लिए मौका परस्त सियारों के बीच में जबरदस्त बंदरबाट मची हुई है ! इन चालाक सियारों को अच्छे से पता है की उन्हें इलेक्शन का टिकट मिले चाहे ना मिले, उनकी पार्टी का हारना तय है, पर पार्टी के किसी पद से जुड़ जाने पर उनकी रेगुलर बेईमानी की कमाई में तो बरक्कत होनी ही है !

भारत इससे पहले भी गुलाम हुआ है, मुगलों द्वारा और अंग्रेजों द्वारा, और इन दोनों गुलामी को सफल बनाने में जयचंद टाइप देशद्रोहियों की बड़ी अहम् भूमिका थी ! भगवान् जाने, आगे आने वाले भविष्य में ये जयचन्द भारत को किस आखिरी दुर्दशा तक पहुचाएंगे !

यह सभी देश भक्त भारतियों की विनम्र प्रार्थना है उन देशद्रोही दलों के साथ काम करने वाले जयचंदों से कि; पहले का जमाना और था जब लोगों को सच्चाईयां पता नहीं होती थी, पर आज के जमाने तो सब कुछ क्रिस्टल क्लियर है तो फिर थोड़ी सी बेईमानी की कमाई के लिए देशद्रोहियों की पार्टी का साथ देकर उनका मनोबल क्यों बढ़ाना ? इसलिए अब से रूक जाएँ क्योंकि किसी का कोई भी निजी स्वार्थ, मातृ भूमि से बढ़कर नहीं है !

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