ज्यादातर गुजराती मोटे नहीं होते, क्यों ?

· September 28, 2015

fat_boy_by_white_briefs-d4sjqdqजी हाँ, आप गुजरात घूम आईये और देखिये हजार में एक दो आदमी आपको मोटे मिलेंगे जबकि भारत के किसी अन्य प्रदेश जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि में चले जाईये तो आपको बहुतायत की संख्या में मोटे लोग मिलेंगे !

तो ऐसा कोई संयोग की वजह से नहीं है बल्कि इसके पीछे छुपा है एक अति सामान्य और साधारण सा फार्मूला जिसके बारे में बहुत से लोगो को पता ही नहीं की ये भी मोटापा होने नहीं देता और अगर मोटापा है भी तो आसानी से उस मोटापे को गला भी देता है !

लगभग हर गुजराती भाई बहन अपने खाने में नियमित तौर पर छाछ का प्रयोग करते हैं और बस यही तो है साधारण पर सीक्रेट फार्मूला !

छाछ का मोटापे से सम्बंधित पूरा फायदा लेने के लिए दोपहर और सायं, दोनों खाना खाते समय छाछ पीना चाहिए और इस छाछ में एक चुटकी – सेंधा नमक, काली मिर्च और जीरे का मिश्रण मिला कर ही पीना चाहिए नहीं तो एसिडिटी हो जाएगी |

ये जो एक चुटकी सेंधा नमक, काली मिर्च और जीरा का चूर्ण छाछ में मिलाना है, उसमे 2 हिस्सा सेंधा नमक और 1 – 1 हिस्सा काली मिर्च और जीरा होना चाहिए |

ये छाछ बार बार अनावश्यक परेशान करने वाली बढ़ी भूख को भी ठीक करती है |

भोजन के समय छाछ पीने से जीवन में कभी भी कोलेस्ट्राल सम्बंधित प्रॉब्लम नहीं आती है और जिंदगी भर शरीर छरहरा, फुर्तिला बना रहता है।

वैसे तो देशी गाय माता का छाछ जब भी पिया जाय फायदा ही है लेकिन, अगर आप पहले से मोटे हो चुके हों तो दोनों वक्त खाना खाने (लंच और डिनर) के ठीक तुरन्त पहले छाछ पीने से चर्बी ज्यादा प्रभावी तरीके से गलने लगती है।

इसी छाछ को अगर दोपहर के खाने के बाद और दोपहर के विश्राम से ठीक पहले पिया जाय तो मसूढ़े के रोगों में बहुत ही फायदा है !

हाँलाकि आजकल गुजरात में भी कई लोग जो आधुनिकता की दौड़ में अपने परम्परागत खाने पीने के तरीकों को छोड़कर पश्चिमी सभ्यता के खान पान को अपना रहे है और कई महिला पुरुष जो अपनी किसी शारीरिक समस्या या पसन्द नापसन्द के चलते छाछ का सेवन करना छोड़ चुके हैं तथा नयी पीढ़ी के बच्चे जो पिज़्ज़ा बर्गर की तरफ ज्यादा इंटरेस्टेड हो रहें है, ऐसे लोगो में मोटापा बढ़ रहा है !

नोट – छाछ को कभी भी सूर्य अस्त होने के बाद नहीं लेना चाहिए इसलिए अगर आप रात वाले खाने के साथ भी छाछ पीना चाहते हों तो आपको रात को खाना खाने के बजाय शाम को ही खाना खाना होगा क्योंकि आयुर्वेद में सूर्य अस्त होने के बाद दही और छाछ के सेवन को बहुत नुकसान दायक कहा है !

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