गायत्री मन्त्र की सत्य चमत्कारी घटनाये -3 (स्वप्न दोष से छुटकारा)

cropped-gayatribannerश्री कैलाश चन्द्र आर्य, खुसरूपर, लिखते हैं कि मुझे स्वप्न दोष की बीमारी थी। कुछ ही दिनों में बीमारी बिना दवा के ठीक हो गई। मैं नित्य सोते वक्त हाथ-पैर धो लेता था। गायत्री मंत्र जपना शुरू करता था। गायत्री मंत्र जपते-जपते निद्रा आ जाती थी। सिर्फ दस ही दिन में  मुझे यह बीमारी ठीक हो गई और अब स्वस्थ हूं। गायत्री माता बुरे कर्म से बचाती है और अच्छे मार्ग पर ले जाती है। गायत्री माता अपने भक्त की सदैव रक्षा करती रहती हैं।

सचमुच जिन-जिन लोगों ने गायत्री मंत्र का जप किया उन लोगों ने लाभ उठाया और उठा रहे हैं। आज से दस महीना पहले हम कलकत्ता चले गये थे। उस समय हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। एक दिन ऐसा आया कि हमारे पिता जी के पास एक शाम खाने तक को पैसा नहीं रहा। उस समय घर पर चार भाई एक बहन तथा माता-पिता थे। हम कलकत्ते में भी गायत्री मंत्र जपते रहते थे। दो महीने के बाद कलकत्ता से घर आये।

उस समय हमारे पिता जी कपड़े का काम करते थे। और कहते हैं एक-एक दिन में चालीस, पचास रु. मुनाफा होता था। हमारी माता जी ने मुझे बताया कि हम लोगों के सामने कैसा समय अभी गुजारा है। जब मुझे याद आता है दिल घबड़ा उठता है। हमारे पिता जी ने सिर्फ 30 रु से काम करना शुरू किया था। कुछ कर्ज थे, चुका दिया गया तथा अब सुख से हम लोग रहते हैं। इतनी गिरी दशा से इतनी अच्छी आर्थिक दशा बना देने में किसका हाथ है?
यदि यह पूछा जाय तो हम कहेंगे कि उसी जगत् जननी गायत्री माता की कृपा है। मुझे विद्यार्थियों से अनुरोध है कि वे अवश्य इस अमृत तुल्य गायत्री मंत्र का पान करने की कोशिश करें। नित्य सूर्योदय के पहले स्नान आदि से निवृत हो कर 108 बाद गायत्री मंत्र जप लिया करें। जो भी मनुष्य गायत्री मंत्र जप करेगा, बुरे कर्म अपने आप छूट जायेंगे। मन एकाग्रचित होकर अपना काम ठीक करेगा। वह विद्यार्थी जो भी पाठ याद करेगा वह बहुत जल्द याद हो जायेगा और परीक्षा में अच्छे नम्बर लाकर पास करेगा। हर एक विद्यार्थी को चाहिए कि गायत्री माता का नित्य स्मरण करे।

सौजन्य – शांतिकुंज गायत्री परिवार हरिद्वार

facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail
loading...


ये भी पढ़ें :-