गलत बता रहे हैं न्यूज़ चैनल्स और अख़बार

hgfdकिसी शहर में अराजकता ज्यादा बढ़ जाय और उस शहर का कोई दरोगा उसे दूर करने का प्रयास करें तो वो ज्यादा सफल नही हो पायेगा क्योंकि वो अपनी शक्ति सिर्फ शहर के उस छोटे से हिस्से में ही लगा पायेगा जिसमे उसकी तैनाती है !

लेकिन उस शहर का एस. एस. पी. अगर अराजकता दूर करने के लिए अमादा हो जाय और उसे शासन से भी सपोर्ट मिल जाय तो वो उस शहर के सारे गुंडे बदमाशों की अक्ल सिर्फ 24 घंटे में ही ठीक कर सकता है !

दरोगा भी इन्सान है और एस. एस. पी. भी इन्सान है, लेकिन अन्तर हैं उन्हें प्राप्त शक्ति की ! ठीक इसी तरह हमारे ब्रह्माण्ड में ग्रहों की स्थिति दरोगा जैसी है और नक्षत्रों की स्थिति एस. एस. पी. जैसी ! दरोगा (अर्थात ग्रह) किसी पर्टिकुलर इन्सान के लिए भारी या बहुत भारी पड़ सकते हैं लेकिन जब बात आती है बड़े स्तर के सामूहिक नाश की तो वहां कोई ग्रह नहीं, बल्कि कुछ भीषण नक्षत्र जिम्मेदार होते हैं !

कुछ ऐसे दुर्लभ नक्षत्र होते हैं जो हजारों सालों में एक बार दिखाई देते हैं !

नक्षत्र किसे कहते हैं ? एक तारे से लेकर कुछ तारों के समूह को नक्षत्र कहते हैं !

आज के मॉडर्न साइंस के वैज्ञानिक इन तारों से निकलने वाले प्रकाश और उनके प्रभावो के बारे में अब तक जितनी भी खोज कर पाए हैं, वो सब बहुत बचकाने स्तर की हैं क्योंकि अभी तक कोई भी ऐसा सॉफिस्टिकेटेड सेंसर आज के वैज्ञानिकों द्वारा डेवेलप नहीं किया जा सका है जो इन तारों से निकलने वाली किरणों के पूर्ण प्रभावों को माप सके !

अनन्त वर्ष पुराने हमारे अति आदरणीय हिन्दू धर्म के मूर्धन्य ऋषियों ने बहुत विषद वर्णन किया है इन नक्षत्रों और उनके खगोलीय प्रभावों के बारे में !

जैसा की आजकल हर टीवी न्यूज़ चैनल्स, अख़बारों में नए – पुराने ज्योतिषी बता रहे हैं कि ये 68 दिन बहुत खतरनाक साबित होने वाले हैं पूरी दुनिया के लिए क्योंकि ग्रहों के कुछ खतरनाक योग बन रहें हैं आदि आदि………… दरअसल बात सिर्फ इतनी नहीं है !

इसलिए क्योंकि अगले 4 से 6 महीने में जिस स्तर के महाविनाश के आसार वाकई में बन रहें हैं, उस स्तर का विनाश लाने की क्षमता ग्रह योगों और उनकी चाल में कत्तई नहीं है !

वास्तव में, इस स्तर के बड़े विनाश की परिस्थितियां पैदा करने में, एक ऐसे ही दुर्लभ नक्षत्र का हाथ है, जो हजारो सालों में एकाध बार ही उदय होता हैं !

hbgyइस महाभयंकर नक्षत्र के उदय होने के आसार हैं अगस्त 2016 के प्रथम सप्ताह में (in first week of August 2016) !

अगस्त 2016 के प्रथम सप्ताह में उदय होने वाला यह नक्षत्र इतना अशुभ है कि इसके उदय होने के कुछ महीने पहले से ही और कुछ महीने बाद तक, विचित्र व भीषण प्राकृतिक आपदाओं (प्रलयंकारी भूकम्प, बाढ़ आदि) के योग बन रहे हैं !

प्राकृतिक विपदा के अलावा मानव दुर्बुद्धि से उपजे विनाश की सम्भावना भी बनाएगा ये नक्षत्र ! सितम्बर 2016 (September 2016) से ही विश्व के कुछ बड़े देशों में तनातनी इस कदर बढ़ जाएगी कि युद्ध का रूप भी ले सकती है ! इस युद्ध के मूल में कहीं ना कहीं, धार्मिक उन्माद की भावना भी होगी !

सामूहिक आपदा के अलावा ये खतरनाक नक्षत्र अगले 4 से 6 महीने में बहुत से लोगों की पर्सनल जिंदगी में भी मुसीबतों का पहाड़ खड़ा कर देगा !

अधिकांश लोगों की निजी जिन्दगी में समस्या लाने वाले इस फेज की शुरुवात कुछ दिनों पहले से ही हो चुकी है जिसकी वजह से कई लोग आज की डेट में आकस्मिक बड़े कष्टो को भुगतना शुरू कर चुके हैं, पर ये कष्ट अभी इतना ज्यादा और बढ़ेगा कि बड़े से बड़ा आदमी भी भगवान् के सामने ‘त्राहि माम’ बोल उठेगा !

इस नक्षत्र द्वारा पैदा किये गए, अधिकांश लोगों के निजी जीवन के ये कष्ट किसी भी तरह के हो सकते है (जैसे – कठिन बीमारी, विवाद, आर्थिक तंगी या आर्थिक घाटा, अपमान आदि) लेकिन जो भी होगा, इतना भीषण होगा कि अन्दर तक झकझोर कर रख देगा !

IMG-20151125-WA0038जो जितना ज्यादा सज्जन, परोपकारी, दयालु और जिम्मेदार व्यक्ति होगा, वो उतना ज्यादा ही इन कष्टों की तकलीफ से सुरक्षित बचा रहेगा !

ऐसे खतरनाक नक्षत्र के उदय होने के समय की सही सही जानकारी आज के उपलब्ध ग्रन्थों में नहीं मिलती !

ऐसी दुर्लभ जानकारी सिर्फ दिव्य देहधारी ऋषि सत्ता से ही मिलती है !

ज्यादातर सामान्य लोगों के लिए ये मानना असम्भव होता है कि, क्या दिव्य देहधारी ऋषि सत्ता जैसे भी कोई मानव होते हैं ?

gfreपर ये परम सत्य है कि जब कोई मानव अपनी कई जन्मों की लगातार साधना के फल स्वरुप सर्व शक्तिमान भगवान का साक्षात् दर्शन पा लेता है तो वो खुद आनन्द स्वरुप हो जाता है और अपनी हाड़ मांस से बनी साधारण शरीर की समाप्ति पर, प्रचण्ड तेजस्वी, शाश्वत युवा और भगवान के समान ही अदभुत दिव्य शरीर को प्राप्त कर भगवान के लोक में शाश्वत निवास पाता है !

और ऐसे ही दिव्य ऋषि सत्ता की कृपा से हमें अर्थात ‘स्वयं बने गोपाल’ समूह को आज से 6 महीने पहले अर्थात नवम्बर 2015 में ही आने वाले इस महा संकट का आभास हो गया था जिसकी जानकारी हम पिछले 6 महीने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपने लेखों में देते आ रहे हैं !

हमारे वेबसाइट पर दिए गए कुछ लेखों में (चाहे वे किसी भी विषय को हों) हमने इन्ही ऋषि सत्ता से प्राप्त दुर्लभ ज्ञान को लिपिबद्ध किया है और आगे भी करते रहेंगे !

हमारे द्वारा इन जानकारियों को लगातार प्रकाशित करने का मुख्य उद्देश्य है, ऐसे लोगों की अन्तर आत्मा को जगाना जो अपने स्वार्थ को अपनी मजबूरी बताकर किसी भी तरह के अनैतिक काम में व्यस्त है, क्योंकि इन्ही ऋषि सत्ता से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब ऐसा न्याय प्रिय समय शुरू होने वाला है कि, अमीर हो या गरीब, ताकतवर हो या कमजोर, जो भी जितना ज्यादा गलत काम करेगा, वो उतना ज्यादा खून के आंसू रोयेगा !

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