गंजे सिर पर बाल उगाने और सफ़ेद बालों का काला कर सकने में सक्षम

downloadयह निश्चित तौर पर बालों की सारी समस्याओं की बहुत ही शक्तिशाली दवा है !

इसे कुछ महीने लगातार करने से गंजे सिर पर फिर से बाल उगते देखे गएँ हैं और सफ़ेद हो चुके बालों को भी फिर से काला होते देखा गया है !

ये अनुवांशिकी रूप से गंजे लोगों को भी चमत्कारी फायदा पहुचाती हैं !

बाल चाहे कितने भी तेज़ी से झड़ रहे हों या पक कर सफ़ेद हो रहे हों, यह अभ्यास निश्चित फायदा करना ही करना है !

इसे करने के लिए किसी भी तरह की दुर्लभ या महंगी जड़ी बूटियों की जरूरत नहीं पड़ती है और ना ही कोई बहुत कठिन अभ्यास या प्रक्रिया करने की जरूरत होती है !

असल में यह एक तरह का एक्यूप्रेशर प्रैक्टिस है जिसे प्रति दिन आपको आपकी समस्या की गम्भीरता के हिसाब से करना है !

मतलब अगर आपके बाल बहुत तेजी से झड़ रहे हों या बहुत तेजी से सफ़ेद हो रहे हों, तो आप इसे प्रतिदिन 25 मिनट से आधा घंटा करिए और अगर बहुत तेजी के बजाय सामान्य गति से आपके बाल झड़ या सफ़ेद हो रहे हों तो रोज 5 – 7 मिनट इस अभ्यास को करने से भी काम चल जायेगा !

अगर जल्दी रिजल्ट चाहिए तो इसे आप रोज 20 – 25 मिनट करिए, पर हाँ, यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि आप इस अभ्यास को रोज रोज आधे घंटे से ज्यादा मत करियेगा क्योंकि ये अभ्यास रोज आधे घंटे से ज्यादा करने पर फायदे के बजाय नुकसान करेगा और अगर 3 मिनट से कम किया जाय तो कोई विशेष लाभ मिलेगा ही नहीं !

साथ ही बालों की समस्या होने के सबसे बड़े कारणों से भी अधिक से अधिक दूरी बनानी पड़ेगी नहीं तो इस अभ्यास को करने का कोई विशेष फायदा नहीं मिलेगा !

बालों की मुख्य समस्याओं की वजहों में से एक प्रमुख वजह है बाजारों में बिकने वाले अलग अलग छोटी बड़ी नामी गिरामी कंपनियों के शैम्पू, क्रीम और साबुन !

क्योंकि लगभग अधिकांश कंपनी के शैम्पू और साबुन में जम कर केमिकल्स का प्रयोग होता है जो की शरीर, त्वचा और बालों के लिए निश्चित तौर पर बहुत नुकसान दायक है और लम्बे समय तक इन शैम्पू और साबुन का इस्तेमाल करने पर बालों की समस्या पैदा होना लगभग तय है !

कई बड़ी नामी कंपनीयां बेवकूफ बनाने के लिए टी वी और अखबारों में प्रचार करती हैं की उनकी कंपनी के शैम्पू और साबुन 100 % हर्बल (आयुर्वेदिक) या नेचुरल हैं पर वास्तविकता में ऐसा होता है नहीं क्योंकि इन शैम्पू, क्रीम और साबुन को कई कई महीने बिना सड़े और ख़राब हुए बाजार में बेचने के लिए इन कंपनियों की इनमे प्रिजर्वेटिव और केमिकल मिलाना मजबूरी है !

आज से 50 -60 साल पहले तक कोई भी आदमी औरत शैम्पू साबुन क्रीम आदि का इस्तेमाल ही नहीं करता था तो क्या उनके बाल गंदे रहते थे ?

नहीं, क्योंकि हमारे पूर्वज बालों और शरीर को साफ़ करने के लिए सिर्फ कुदरती चीजों (जैसे- दही, आंवला, रीठा, शिकाकाई, बेसन, मुल्तानी मिटटी आदि) का इस्तेमाल करते थे इसलिए 60 वर्ष की अवस्था में भी उनके बाल काले और त्वचा चमक दार रहती थी !

ये बात सभी लोगों को एकदम अच्छे से समझ लेना चाहिए की अपना ये मानव शरीर किसी भी तरह के केमिकल के इस्तेमाल (चाहे वह शरीर के अन्दर भोजन – दवा (एलोपैथिक दवाएं) के रूप में हो या शरीर के बाहर शैम्पू, साबुन, क्रीम के रूप में हो) के लिए बना ही नहीं है !

किसी भी केमिकल का किसी भी रूप में इस्तेमाल शरीर पर थोड़ा या ज्यादा बुरा असर निश्चित डालेगा और ये थोड़ा या ज्यादा बुरा असर इस पर निर्भर करता है की आपकी शरीर कितनी मजबूत अवस्था में है या आप इन चीजों के प्रति कितने सेंसिटिव हैं !

बालों को काला रंगने वाली हेयर डाई और तरह तरह के रंग बिरंगे फैशनेबल हेयर कलर्स भी बालों के लिए अति हानि कारक हैं !

दुनिया के साधारण लोग, सिनेमा के हीरो हीरोइन्स के द्वारा टी वी, मैगजींस में आने वाले एडवरटीजमेंट्स से प्रभावित होकर इन चीजों को खरीदने के लिए हमेशा बेताब रहते है पर इन साधारण सीधी सादी जनता को परदे के पीछे की सच्चाई का पता नहीं होता कि ये हीरो हीरोइन्स खुद तो कुदरती जड़ी बूटियों से अपने बाल शरीर की सफाई करते हैं पर पैसे कमाने के खातिर जयादातर हीरो हीरोइन्स दूसरों को केमिकल वाला शैम्पू साबुन बेचने में संकोच नहीं करते !

यहाँ ऊपर लिखे कारणों को इतना डिटेल में इसलिए समझाया गया क्योंकि अगर ये कारण हैं तो दुनिया की कोई भी दवा आपके झड़ते या सफ़ेद होते बालों के इलाज में कोई करामात नहीं दिखा पायेगी पर अगर आप इन कारणों से एकदम दूरी बना लें तो निचे लिखे अभ्यास से निश्चित तौर पर चमत्कारी फायदा उठा सकते हैं !

जो अभ्यास यहाँ बताया जा रहा है हो सकता है उसके बारे में आप जानते हों पर बहुत कम लोग ही ये जानते हैं की ये कितना ज्यादा और कितना जल्दी फायदा करता है !

इस अभ्यास को करने से सालों के झड़ते बालों में 1 हफ्ते में ही रोकथाम देखी गयी है और इतना ही नहीं कुछ ही महीने में गंजे हुए सिर पर फिर से बाल उगते देखे गएँ हैं और सफ़ेद हो चुके बालों को काला होते हुए भी देखा गया है ! बस जरूरत है ऊपर लिखे हुए परहेजों के साथ नियम से इसे प्रतिदिन करने की !

download (1)इस अभ्यास में बस इतना करना होता है कि दोनों हाथों की चारों उँगलियों के नाखूनों के सफ़ेद वाले हिस्सों को आपस में बार बार रगड़ना है (चित्र की तरह) पर ध्यान रहे की अंगूठे आपस में नहीं रगड़ना है क्योंकि अंगूठों को आपस में रगड़ने से कानों और नाक पर भी बाल उगने लगते हैं |

इस अभ्यास को कभी भी किया जा सकता है बस खाने के आधे घंटे पहले और 2 घंटे बाद तक ना करें ! और इसे करते समय नंगी जमीन पर ना बैठें, जमीन पर कुछ बिछाकर ही बैठें !

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