ऐसी अच्छाई किस काम की जो आदमी को डरपोक बना दे

· February 23, 2016

jदेश की परिस्थितियां दिन पर दिन कठिन होती जा रहीं है और सज्जन लोग दूर बैठ कर तमाशा देख रहे हैं या किसी ईश्वरीय चमत्कारी सहायता की उम्मीद कर रहे हैं !

यूँ तो भयंकर आन्तरिक और बाह्य विरोधों को झेलते हुए भी मोदी जी भरसक कोशिश कर रहे हैं की देश में फिर से सुन्दर राज लाया जा सके पर उनका ये प्रयास तभी सौ प्रतिशत सफल हो पायेगा जब उन्हें आम जन मानस का भी हर कदम पर साथ मिले !

अगर हम कुछ नहीं कर सकते तो कम से कम गलत बातों का विरोध और सही बातों का समर्थन तो कर सकते हैं !

विरोध और समर्थन के लिए जरूरी नहीं है की हर बार धरना, मार्च, प्रदर्शन आदि किया जाय, सोशल मीडिया (फेस बुक और व्हाट्स ऐप) भी एक बेहद सशक्त माध्यम है, सही बात के समर्थन में अपार जन सैलाब इकट्ठा करने का और गलत बात की पोल खोल कर सच्चाई सबके सामने प्रकट करने का !

kjसोशल मीडिया की प्रचण्ड शक्ति को लोगों ने तब समझा जब इसने कुछ देशों के शक्तिशाली तानाशाह शासकों का तख्ता पलट करवा दिया तथा इसने हाल ही के भारत में हुए लोक सभा इलेक्शन में भी अराजक तत्वों द्वारा मोदी जी पर फर्जी लांछन लगाने के सारे प्रयास विफल करते हुए, मोदी जी को ऐतिहासिक विजय भी दिलाई !

अतः फेस बुक और व्हाट्स ऐप एक बहुत ही बड़ा सार्वजनिक मंच है और इसका उपयोग जो लोग सिर्फ इन्टरटेनमेंट के नाम पर अश्लीलता फैलाने के लिए करते हैं वो निकृष्ट कोटि के प्राणी हैं !

और ऐसे सज्जन जिनके लिए फेसबुक केवल हाय, हेलो, बॉय, गुड नाईट, शुभ रात्रि, शुभ प्रभात आदि सन्देश भेजने का जरिया मात्र है उनकी सज्जनता भी व्यर्थ और दूसरों का समय बर्बादी भर ही है ! ऐसे सज्जनों के अन्दर अगर जरा भी देश भक्ति हो तो उन्हें सोचना चाहिए कि इस तरह के व्यर्थ संदेशों से व्यर्थ लाइक्स इकटठी करने में अपने जीवन के कीमती क्षण बर्बाद करने के बजाय कुछ ऐसी पोस्ट शेयर करें जो हो सकता हो किसी सच्चाई को न्याय दिलाने में मदद कर सके या किसी झूठ का नाश कर सकने में मदद कर सके !

kjiअगर अपना पेट भरा हो तो दूसरे के पेट की आग नहीं समझ में आती है इसलिए कुछ भी करके ऐसे सारे पापियों का पर्दाफाश करना हमारा परम धर्म ही है जिन्होंने पिछले 50 सालों में देश को इतना चूसा की देश की 50 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से नीचे आ गई !

मरने के बाद भगवान् के दरबार में सिर्फ यही चीज मायने रखती है किसी ने समाज की भलाई के लिए कितने कष्ट सहे, बजाय इसके किसी ने अपने जीवन में कितनी मौज मस्ती अय्याशी की !

वास्तव में हर एक देश भक्त को इस बात को कभी नहीं भूलना चाहिए की हमारा देश इतने साल गुलाम kljइसलिए रह गया क्योंकि सज्जनता और शराफत की पोशाक ने अधिकाँश लोगों को डरपोक बना दिया था !

जो पापी हैं उन्हें देशभक्ति नहीं सिर्फ अपनी तिजोरी भरने से मतलब है और जिनके अन्दर देश भक्ति है उनमें से अधिकाँश सज्जनता की आड़ में कमजोर बने बैठे हैं !

इसलिए अगर देश को बचाना है तो बिना किसी मान अपमान का भय किये हुए श्री सुभाष चन्द्र बोस, श्री विवेकानन्द, श्री बाबा रामदेव की तरह हर गलत बात का जम कर विरोध करना होगा और हर सही बात का जमकर समर्थन भी करना ही होगा !

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