एक्युप्रेशर के कुछ विशेष पॉइंट्स

massage-272845_640एक्युप्रेशर के कुल 365 पॉइंट्स होते है जिसमे से कुछ काफी असरदार और  कई रोगो में फायदेमंद होते हैं। आइए जानते है इन पॉइंट्स के बारे में –

जीवी 20 या डीयू 20 (सिर के बीचोंबीच, जहां चोटी रखते हैं) –

फायदा – याददाश्त बढ़ाता है, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, हाइपर एक्टिविटी को कम कर मन को शांत करता है। पढ़ने वाले बच्चों के लिए खासतौर पर असरदार। यह सारे पॉइंट्स का कंट्रोलिंग पॉइंट भी है, इसलिए इसे हर बीमारी में दबाया जाता है।

जीबी 20 (कान के पीछे के झुकाव में) –

फायदा – डिप्रेशन, सिरदर्द, चक्कर और सेंस ऑर्गन यानी नाक, कान और आंख से जुड़ी बीमारियों में राहत। दिमागी असंतुलन, लकवा, और यूटरस की बीमारियों में असरदार।

एलआई 11 (एल्बो – कोहनी क्रीज के बाहरी हिस्से पर) –

फायदा- कॉलेस्ट्रॉल, ब्लडप्रेशर, गले में इन्फेक्शन, यूरिन इन्फेक्शन, उलटी, डायरिया, हिचकी, पीलिया, खून की कमी आदि में। खून से संबंधित हर बीमारी में कारगर। इम्यूनिटी बढ़ाता है।

एसटी 36 (घुटने से चार उंगली नीचे, बाहर की तरफ) –

फायदा – इसे टोनिफिकेशन पॉइंट भी कहा जाता है। इस पर रोजाना मसाज करने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। फौरन स्टैमिना बढ़ाता है। थकान और लंबी बीमारी के बाद ठीक होने में मदद करता है। पेट की बीमारियों और लूज मोशंस में असरदार।

दस्त में स्टमक 25 (नाभि के दोनों तरफ तीन उंगली की दूरी पर) भी काफी फायदेमंद है।

लिव 3 (पैर में अंगूठे और साथ वाली उंगली के बीच में, तीन उंगली ऊपर की तरफ) –

फायदा – इमोशन कंट्रोल, पीरियड्स की तकलीफ, शरीर में जकड़न और आंखों की बीमारियां में फायदेमंद। हेपटाइटिस, पीलिया, लिवर से जुड़ी प्रॉब्लम में असरदार।

चेतना पॉइंट (लेफ्ट हाथ में कलाई और कोहनी के बिल्कुल बीचोबीच) –

फायदा – 30-35 साल की उम्र के बाद इसे नियमित रूप से दबाने से बुढ़ापा आने की रफ्तार कम होती है। यह नींद लाने में भी मदद करता है।

SP-6 (एड़ी से तीन इंच ऊपर स्थित बिंदु पर) –

फायदा – चिंता या टेंशन से निजात के लिए। इस पर दबाव या मसाज से आप तुरंत स्ट्रेस से मुक्त हो सकते हैं।

माथे के बीचो बीच –

फायदा – मासिक की गड़बिड़यॉ

मिचली आने पर हथेली दबाएं –

मिचली या फिर सुबह महसूस होने वाली सुस्ती का इलाज एक्यूप्रेशर से किया जा सकता है। कलाई के नीचे से होकर जानने वाली हड्डियों के बीच के हिस्से को दबाएं। यह जगह हथेली का आधार होती है।

सिर दर्द में गर्दन का ऊपरी हिस्सा दबाएं: सिर की हड्डी के नीचे पिछली ओर थोड़ी खाली जगह होती है। इसे दोनों ओर से अंगुठे और उंगली से दबाएं। उंगली के बीच में तीन इंच का अंतर रखें। इस दौरान दो मिनट तक गहरी सांस लेते रहें। सिरदर्द दूर हो जाएगा।

डायबिटीज कंट्रोल करने के कुछ पॉइंट्स –

-पहला पॉइंट पैर के अंदरूनी हिस्से में होता है। टखने की हड्डी और स्नायुजल (Achilles-tendon) के बीच में यह प्वा्इंट होता है। इसेकिडनी-3 प्वाइंट भी कहा जाता है। इस प्वाइंट का घेरा बनकार क्लॉकवाइज 3 मिनट तक हर रोज 8-12 सप्ताह तक करें। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और थकान को दूर भगाता है।

– दूसरा प्वाइंट पैर के निचले हिस्से के सामने की तरफ बाहरी मेलीलस से 4 इंच उपर की तरफ होता है। इसे स्टमक-40 एक्यूप्रेशर प्वाइंट भी कहते हैं। इस प्वाइंट पर हल्का दबाव बनाते हुए क्लॉकवाइज 3 मिनट तक हर रोज घुमाइए। इसे 8-12 सप्ताह तक कीजिए। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों (टॉक्सिन) और अवांछित स्राव को को बाहर निकालता है।

– तीसरा पॉइंट पैर के निचले हिस्से के अंदरूनी भाग में होता है। यह प्वाइंट पिंडली (shin) की हडि्यों और टखने (ankle) की हडि्यों के उपर की चार अंगुलियों के पीछे की साइड पर होता है। इस निश्चित स्थान पर हल्के से दबाव बनाते हुए घेरा बनाकर क्लॉकवाइज हर रोज 3 मिनट तक दोनों पैरों में घुमाइए। इसे 8-12 सप्ताह तक कीजिए। इसके स्‍प्‍लीन-6(प्लीहा) प्वाइंट भी कहते हैं। इसे करने से किडनी, लीवर और प्लीहा से संबंधित विकार समाप्त होते हैं।

– चौथा पॉइंट पैर के अंगूठे और उसके बगल की छोटी उंगली के बीच में होता है। इसे लीवर-3 प्रेशर भी कहते हैं। इस बिंदु को दबाकर धीरे से एंटी-क्लॉकवाइज घेरा बनाकर 3 मिनट तक प्रत्येक दिन और लगातार 8-12 सप्ताह तक कीजिए। इसको करने से आराम मिलता है ।

(नोट – एक्यूप्रेशर से सम्बंधित कई महत्वपूर्ण लेखों को पढ़ने के लिए कृपया नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें)-

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