आने वाली आफत के हैं कई चेहरे

· May 10, 2016

234उल्का पिण्ड का गिरना, रहस्यमय बीमारी फैलना, भयंकर बाढ़ आना, अचानक राजनैतिक तख्ता पलट होना, और प्रलयंकारी भूकम्प, ये सब इस साल के तोहफे हैं, क्रुद्ध प्रकृति अर्थात महामाया का इन्सानों के वास्ते !


Complete cure of deadly disease like HIV/AIDS by Yoga, Asana, Pranayama and Ayurveda.

एच.आई.वी/एड्स जैसी घातक बीमारियों का सम्पूर्ण इलाज योग, आसन, प्राणायाम व आयुर्वेद से

कभी कभी बड़े आकार के उल्का पिण्ड के धरती से टकराने से उच्च इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेब्स भी पैदा होती हैं जिससे आस पास मौजूद इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट भी काम करना बन्द करने लगते हैं !

उल्का पिण्ड के इस टकराव की स्थिति का भारत के मध्य पश्चिम क्षेत्र में होने की सम्भावना ज्यादा है !

बड़ा उल्का पिण्ड जब धरती से टकराता है तो आस पास की धरती भूकम्प की ही तरह थरथराने लगती है और इतना ही नहीं, वहां से काफी दूर तक उपस्थित लोग अपनी शरीर में भी थर्राहट महसूस करते हैं !

जैसा की हमने पूर्व के कई लेखों में जानकारी दी है कि, ऋषि सत्ता के अनुसार, अगले 4 से 6 महीने में होने वाली ये तबाहियां क्रूर ग्रहों के योगों की वजह से ही नहीं बल्कि एक ऐसे दुर्लभ नक्षत्र के उदय होने से हो रही है जो हजारों साल में एक बार उदय होता हैं पर इस बार इसका उदय बेहद अशुभ है !

890567आदरणीय ऋषि सत्तानुसार, इसी नक्षत्र की वजह से भीषण बाढ़, खासकर पश्चिम भारत में आने की सम्भावना है !

इस नक्षत्र की कुछ ऐसी विचित्र कैरेक्टरिस्टिक्स होगी कि ये धरती पर रहस्यमय बीमारी भी फैला सकता है जो महामारी का भी रूप पकड़ सकती है ! इस बीमारी का कारण और निवारण खोजने में वैज्ञानिकों को काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है !

56785643इन प्राकृतिक आपदाओं के अलावा ये नक्षत्र अगले 4 से 6 महीने में कुछ बड़े राजनैतिक तख्ता पलट भी करेगा जिसकी बहुत से लोगों की उम्मीद नहीं होगी !

अगस्त 2016 के प्रथम सप्ताह में उदय होने वाला यह नक्षत्र इतना अशुभ है कि इसके उदय होने के कुछ महीने पहले से ही और कुछ महीने बाद तक, विचित्र व भीषण प्राकृतिक आपदाओं के योग बन रहे हैं ! ये नक्षत्र इस वर्ष एक प्रलयंकारी भूकम्प भी भारत की धरती पर ला सकता है !

ये सारे विनाश के आसार इसलिए बन रहे हैं क्योंकि प्रकृति बहुत ज्यादा क्रुद्ध है !

और प्रकृति इतनी ज्यादा क्रुद्ध क्यों हैं ?

क्योंकि अधिकांश इंसानों के अन्दर से इंसानियत ख़त्म हो चुकी है !

facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail


ये भी पढ़ें :-